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कॉफी से लेकर खिलौने हो रहे हैं महंगे, वजह जानकर चौंक जाएंगे आप

कॉफी से लेकर खिलौने हो रहे हैं महंगे, वजह जानकर चौंक जाएंगे आप

गुड्स ट्रांसपोर्ट (Goods Transport) का 80 फीसदी पानी के जहाज के जरिए किया जाता है.

गुड्स ट्रांसपोर्ट (Goods Transport) का 80 फीसदी पानी के जहाज के जरिए किया जाता है.

शिपिंग कॉस्ट बढ़ने से खिलौने, फर्नीचर और ऑटो पार्ट्स से लेकर कॉफी-चीनी जैसी चीजों के भाव पर भी काफी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.

    नई दिल्ली. कॉफी से लेकर खिलौने आदि कई चीजें महंगी हो गई हैं. वजह पिछले कुछ दिनों से दुनियाभर में शिपिंग गुड्स (shipping goods) की लागत बढ़ना. इसके चलते विदेश से आने वाले यानी आयातित सामानों की कीमत बढ़ गई है.

    दुनिया में सबसे सस्ता ट्रांसपोर्टेशन पानी के जहाज से होता है. इसलिए गुड्स ट्रांसपोर्ट (Goods Transport) का 80 फीसदी पानी के जहाज के जरिए किया जाता है. इसके लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कंटेनर का किराया 547% तक बढ़ गया है. नवभारत टाइम्स में प्रकाशित खबर में एक शिपिंग कंपनी ने बताया कि चीन के शंघाई से रॉटरडम के लिए 40 फीट के एक कंटेनर का किराया $10,522 पर पहुंच चुका है.

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    खिलौने की कीमत करीब दोगुनी हो सकती है


    खिलौने, फर्नीचर और ऑटो पार्ट्स से लेकर कॉफी-चीनी जैसी चीजों के भाव पर भी काफी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है. इस वजह से दुनिया के कई देशों में पहले से ही महंगाई से जूझ रहे लोगों की जेब पर और भार पड़ सकता है. ब्रिटेन में एक खिलौने की दुकान के संस्थापक ने कहा कि पिछले 40 साल के टॉय रिटेलिंग कारोबार में उन्होंने ऐसी चुनौतीपूर्ण स्थिति कभी नहीं देखी है. कीमत बढ़ाने के लिए इतना अधिक दबाव पड़ रहा है कि खिलौने की कीमत करीब दोगुनी हो सकती है. इसकी वजह से खुदरा बिक्री पर असर पड़ने के बारे में उन्होंने कहा कि हां इसका असर पड़ेगा.

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    कोरोना वायरस संक्रमण के दूसरे चरण की वजह से ही स्थितियां और बदहाल हो गई
    शिपिंग कंटेनर का किराया बढ़ने की बड़ी वजह दुनिया भर में मांग में आई तेजी है. इसके साथ ही शिपिंग कंटेनर की शॉर्टेज, पोर्ट्स की स्थिति में बदहाली और जहाज एवं डॉक पर काम करने वाले कामगारों की संख्या में कमी है. इस वजह से सामान ढोने वाले जहाज की स्पीड पर असर पड़ा है. एशियाई देशों में हाल में कोरोना वायरस संक्रमण के दूसरे चरण की वजह से ही स्थितियां और बदहाल हो गई हैं.

    कंटेनर शिपिंग कॉस्ट (shipping cost) में 205 फीसदी वृद्धि संभावित
    एचएसबीसी होल्डिंग्स पीएलसी का अनुमान है कि पिछले साल की तुलना में कंटेनर शिपिंग कॉस्ट (shipping cost) में 205 फीसदी वृद्धि हो सकती है. इससे सामान की कीमतों पर दो फीसदी का असर पड़ सकता है. गौरतलब है कि पहले शिपिंग चार्ज (shipping cost) को बहुत गंभीरता से नहीं लिया जा रहा था क्योंकि किसी सामान के ग्राहक तक पहुंचने की प्रक्रिया में छोटी हिस्सेदारी होती थी.undefined

    Tags: Business news i, Business news in hindi, Directorate General of Shipping, Inflation

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