टाइटैनिक बनाने वाली 158 साल पुरानी कंपनी हो रही है दिवालिया, ये है वजह

टाइटैनिक (Titanic) जहाज बनाने वाली 158 साल पुरानी कंपनी हार्लेंड एंड वोल्फ (Harland and Wolff) शिपयार्ड अब दिवालिया होने जा रही है.

News18Hindi
Updated: August 6, 2019, 12:47 PM IST
टाइटैनिक बनाने वाली 158 साल पुरानी कंपनी हो रही है दिवालिया, ये है वजह
टाइटैनिक बनाने वाली कंपनी हो रही है दिवालिया, ये है वजह!
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Updated: August 6, 2019, 12:47 PM IST
टाइटैनिक (Titanic) जहाज बनाने वाली 158 साल पुरानी कंपनी हार्लेंड एंड वोल्फ (Harland and Wolff) शिपयार्ड अब दिवालिया होने जा रही है. उत्तरी आयरलैंड स्थित कंपनी पिछले कई सालों से घाटे में चल रही है. हार्लेंड एंड वोल्फ शिपयार्ड ने साल 1909 से 1911 के बीच टाइटैनिक जहाज बनाया था.

कभी कंपनी में काम करते थे 35 हजार लोग
1935 में द्वितीय विश्व युद्ध के पहले हार्लेंड एंड वोल्फ शिपयार्ड में 35,000 कर्मचारी थे. लेकिन अब दिवालिया हो चुकी कंपनी में महज 123 कर्मचारी ही बचे हैं. टाइटैनिक जहाज के अतिरिक्त कंपनी ने दूसरे विश्व युद्ध के दौरान लगभग 150 से ज्यादा युद्धपोत भी बनाए थे. 2003 से इस कंपनी ने एक भी जहाज नहीं बनाए हैं. हालांकि इसने 2 फेरी बनाए हैं. बंद होने से पहले यह कंपनी अक्षय उर्जा जैसे ऑफशोर विंड और ट्राइडल टर्बाइन पर काम कर रही थी.नी, हार्लेंड एंड वोल्फ अक्षय उर्जा जैसे ऑफशोर विंड और ट्राइडल टर्बाइन पर फोकस करने लगी है.

टाइटैनिक हादसे में मारे गए थे 1517 लोग

1912 में टाइटैनिक जहाज बनकर तैयार हुआ था. टाइटैनिक अपनी पहली ही यात्रा में आइसबर्ग से टकराकर समुद्र में डूब गया था. यह दुर्घटना समुद्री इतिहास के सबसे भीषण दुर्घटनाओं में से एक है. टाइटैनिक जहाज पर सवार 2,223 यात्रियों में 1,517 यात्री मारे गए थे.

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टाइटैनिक के डूबने के बाद भी कंपनी सफलतापूर्वक चलती रही. लेकिन दूसरे विश्व युद्ध के बाद ट्रांस-अटलांटिक एयर ट्रैवल बढ़ने की वजह से शिप बिल्डिंग इंडस्ट्री सिमटने लगी. 1975 में हार्लेंड एंड वोल्फ राष्ट्रीयकृत हुआ था. 1989 में नार्वेजियनऑफशोर ड्रिलिंग कंपनी फ्रेड ओल्सन एनर्जी ने इसे खरीदा था. उस समय भी इसमें 10,000 कर्मचारी थे. वो कंपनी डॉल्फिन ड्रिलिंग के नाम से जानी जाती है जो इस साल की शुरुआत में दिलाविया के लिए फाइल की है.
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First published: August 6, 2019, 12:47 PM IST
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