भारत को तगड़ा झटका! हाथ से निकला ईरान का फरजाद-बी गैस फील्ड, ONGC विदेश लिमिटेड ने की थी खोज

ईरान ने फरजाद-बी गैस फील्‍ड के डेवलपमेंट का ठेका स्‍थानीय कंपनी को दे दिया है.

ईरान ने फरजाद-बी गैस फील्‍ड के डेवलपमेंट का ठेका स्‍थानीय कंपनी को दे दिया है.

ईरान (Iran) के पर्सियन गल्फ में मौजूद फरजाद-बी गैस फील्ड (Farzad-B Gas Field) भारत के हाथ से निकल गया है. ईरान ने इस गैस फील्‍ड को डेवलप करने का ठेका अपनी ही एक कंपनी पेट्रोपार्स ग्रुप (Petropars Group) को दे दिया है.

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नई दिल्‍ली. ईरान (Iran) ने भारत को तगड़ा झटका दे दिया है. दरअसल, ईरान के पर्सियन गल्फ (Persian Gulf) में मौजूद फरजाद-बी गैस फील्ड (Farzad-B Gas Field) भारत के हाथ से फिसल गया है. ईरान ने इस विशाल गैस फील्ड को डेवलप करने का ठेका देश की एक स्‍थानीय कंपनी पेट्रोपार्स ग्रुप (Petropars Group) को दे दिया है. बता दें कि इस गैस फील्ड की खोज भारत की ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (ONGC Videsh Ltd) ने की थी.

फरजाद-बी गैस फील्‍ड में है 23 ट्रिलियन क्यूबिक फीट गैस रिजर्व

ईरान की सरकारी न्यूज सर्विस शना (Shana) की रिपोर्ट के मुताबिक, नेशनल इरानियन ऑयल कंपनी (NIOC) ने भारत को झटका देते हुए इस गैस फील्ड को डेवलप करने का ठेका पेट्रोपार्स ग्रुप को दे दिया है. नेशनल इरानियन ऑयल कंपनी और पेट्रोपार्स ग्रुप के बीच यह करार तेहरान में ईरान के पेट्रोलियम मंत्री की मौजूदगी में 17 मई 2021 को हुआ. बता दें कि फरजाद-बी गैस फील्‍ड में 23 ट्रिलियन क्यूबिक फीट गैस रिजर्व है. इसमें से 60 फीसदी तक गैस निकाजी जा सकती है. इसके अलावा इस गैस फील्ड में गैस कंडेंनसेट्स हैं, जिसमें 5000 बैरल प्रति बिलियन क्यूबिक फीट गैस मौजूद है.

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5 साल तक रोज निकाली जा सकती है 2.8 करोड़ क्‍यूबिक मीटर गैस

रिपोर्ट के मुताबिक, इस गैस फील्ड से अगले 5 साल तक हर रोज 2.8 करोड़ क्यूबिक मीटर गैस निकाली जा सकती है. फरजाद-बी गैस फील्‍ड की खोज ओएनजीसी विदेश लिमिटेड ने पर्शियन गल्फ यानी फारसी ऑफसोर एक्सप्लोरेशन ब्लॉक में साल 2008 में की थी. ओएनजीसी विदेश ने ईरान को इस गैस फील्ड को डेवलप करने के लिए 11 बिलियन डॉलर निवेश करने की पेशकश दी थी. ईरान की नेशनल इरानियन ऑयल कंपनी भारत के इस प्रपोजल पर वर्षों तक बैठी रही और अब यह पूरी तरह से भारत के हाथ से निकल गया है.

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