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यस बैंक के ग्राहकों को झटका, लोन लेना हुआ महंगा, बैंक ने बढ़ाया एमसीएलआर

येस बैंक से लोन लेना हुआ महंगा.

येस बैंक से लोन लेना हुआ महंगा.

यस बैंक ने एमसीएलआर में वृद्धि कर दी है. नई दरें 1 जुलाई से लागू हो गई हैं. इससे बैंक के मौजूदा व नए दोनों ग्राहकों पर असर पड़ेगा. बैंक से मिलने वाला एमसीएलआर आधारित लोन अब महंगा हो जाएगा.

नई दिल्ली. यस बैंक ने अपनी एमसीएलआर (मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लैंडिंग रेट) में वृद्धि की है. यस बैंक की वेबसाइट पर दिए गए नोट के अनुसार, नई एमसीएलआर पहले से लागू हो चुकी हैं. यह कदम भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा देश में बढ़ती मुद्रास्फीति को देखते हुए रेपो रेट को बढ़ाकर 4.90 प्रतिशत किए जाने के लगभग 1 महीने बाद आया है.

नई एमसीएलआर 1 जुलाई से लागू हो गई है. बैंक द्वारा एमसीएलआर बढ़ाए जाने के मतलब है कि नए और मौजूदा ग्राहकों के लिए लोन की ब्याज दर बढ़ जाएगी. इसमें, होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन व अन्य सभी तरह के लोन शामिल हैं. यह आरबीआई द्वारा रेपो रेट में बढ़ोतरी का प्रत्यक्ष परिणाम है. रेपो रेटे में किसी भी बदलाव का प्रभाव एमसीएलआर पर पड़ता है.

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बैंक की एमसीएलआर आधारित लोन की नई ब्याज दरें
बैंक के ओवरनाइट लोन का एमसीएलआर 7.60 प्रतिशत, एक महीने का 8.25 प्रतिशत, छह महीने का 8.70 प्रतिशत और एक वर्ष का 8.95 प्रतिशत है. 1 जून से प्रभावी यस बैंक का बेस रेट 8.75 प्रतिशत है. वहीं, 26 जुलाई 2011 से प्रभावी यस बैंक का बीपीएलआर रेट 19.75 प्रतिशत है.

बाहरी बेंचमार्क पर आधारित ब्याज दर
आरबीआई के दिशानिर्देशों के अनुसार, एमएसएमई, खुदरा या पर्सनल फ्लोटिंग रेट लोन बाहरी बेंचमार्क पर आधारित होने चाहिए. यस बैंक ने कर्ज की ब्याज दर के लिए बाहरी बेंचमार्क के रूप में रेपो रेट को संदर्भ मानना शुरू कर दिया है. बैंक ने नई प्रणाली 1 अप्रैल 2022 से अपनाई और इससे पहले इसका बेंचमार्क 6 महीने का सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट था.

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क्या है एमसीएलआर
एमसीएलआर या उधार दर की सीमांत लागत एक बेंचमार्क ब्याज दर है, जो कि न्यूनतम ब्याज दर है जो बैंकों को अपने ग्राहकों को ऋण देने की अनुमति है। यह ऋण के लिए ब्याज दर की निचली सीमा निर्धारित करता है। यह दर सीमा उधारकर्ताओं के लिए पत्थर में निर्धारित है जब तक कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा अन्यथा निर्दिष्ट नहीं किया जाता है। एमसीएलआर में वृद्धि के साथ, यस बैंक के घर और अन्य ऋण लेने वाले खुश नहीं हो सकते हैं क्योंकि ब्याज बढ़ने की सबसे अधिक संभावना है.

आरबीआई ने 2 महीने में 2 बार बढ़ाया रेपो रेट
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मई और जून में रेपो रेट में 2 बार वृद्धि की थी. आरबीआई की नीतिगत दर अब 4.90 फीसदी पर पहुंच गई है. इसके आगे और ऊपर जाने के आसार हैं. रेपो रेट पर आरबीआई अन्य बैंकों को लोन देता है. रेपो रेट में वृद्धि मुद्रास्फीति को काबू में करने के लिए की जाती है.

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Tags: Bank Loan, Business news, Business news in hindi, Car loan, Home loan EMI, Yes Bank

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