आपका चेहरा ही होगा बोर्डिंग पास​, इन 4 एयरपोर्ट्स पर शुरू होगी पेपरलेस बोर्डिंग

फेशियल रिकगनिशन (फोटो क्रेडिट- REUTERS)

फेशियल रिकगनिशन (फोटो क्रेडिट- REUTERS)

पेपरलेस बोर्डिंग के आने से एयरपोर्ट में एंट्री और बोर्डिंग वाली प्रक्रिया में कम समय लगेगा और पैसेंजर लंबी लाइन से बच पाएंगे.

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नई दिल्ली. जल्द ही देश के चार एयरपोर्ट्स (Airports) से हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए उनका चेहरा ही उनका बोर्डिंग पास होगा. इन एयरपोर्ट्स पर अगले तीन महीने में फेशियल रिकगनिशन (face) तकनीक के इस्तेमाल की शुरुआत की योजना है. वाराणसी, विजयवाड़ा, पुणे और कोलकाता एयरपोर्ट पर अगले तीन महीने के अंदर पेपरलेस बोर्डिंग की तैयारी की गई है. इसमें वाराणसी एयरपोर्ट पर इस तकनीक की  शुरुआत सबसे पहले होगी. सूत्रों के मुताबिक यहां पर एक महीने के अंदर यह व्यवस्था लागू की जाएगी.

जापान की कंपनी को मिला कॉन्ट्रैक्ट
एयरपोर्ट्स पर फेशियल रिकगनिशन तकनीक लागू करने के लिए जापान की कंपनी कॉरपोरेशन को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है. यह कंपनी फेशियल रिकगनिशन तकनीक की विशेषज्ञ है और दुनियां भर में इसे लागू करने में काम कर चुकी है.

4 एयरपोर्ट्स पर शुरू होगी पेपरलेस बोर्डिंग
- वाराणसी, विजयवाड़ा, पुणे और कोलकाता एयरपोर्ट पर शुरु होगी तकनीक


- वाराणसी एयरपोर्ट फेशियल रिकगनिशन का इस्तमाल करने वाला पहला एयरपोर्ट होगा
- जापान की कंपनी NEC कॉरपोरेशन को मिला कॉन्ट्रैक्ट
- अगले तीन महीने में तकनीक लागू करने की योजना

इन एयरपोर्ट्स पर भी हो रही है तैयारी
हालांकि पेपरलेस बोर्डिंग की शुरुआत के लिए चार एयरपोर्ट्स को चुना गया है लेकिन कई और एयरपोर्ट्स पर भी इसे लागू करने की तैयारी हो रही है. इनमें कई बड़े एयरपोर्ट्स शामिल हैं. बेंगलुरु, मुंबई और हैदराबाद एयरपोर्ट पर DIGI YATRA योजना पर पहले से काम चल रहा है. दिल्ली एयरपोर्ट पर पिछले साल इसका तीन महीने तक ट्रायल किया गया. हैदराबाद एयरपोर्ट पर भी यह प्रयोग किया जा चुका है. हालांकि इन एयरपोर्ट्स पर इसे लागू करने में अभी और समय लग सकता है. ​

पैसेंजर को फायदा
पेपरलेस बोर्डिंग के आने से एयरपोर्ट में एंट्री और बोर्डिंग वाली प्रक्रिया में कम समय लगेगा और पैसेंजर लंबी लाइन से बच पाएंगे. आपके चेहरे को स्कैन करके आपकी पहचान हो जाएगी. एयरपोर्ट पर दाखिल होने से लेकर बोर्डिंग तक किसी पेपर या बोर्डिंग पास की जरूरत नहीं होगी. यह तकनीक संपर्क रहित और तुरंत बोर्डिंग, बैग ड्रॉप, सुरक्षा जांच और लाउंज एक्सेस की सुविधा प्रदान कर सकती है.

क्या है पेपरलेस बोर्डिंग?
पेपरलेस बोर्डिंग नागरिक विमानन मंत्रालय की DIGI YATRA स्कीम का हिस्सा है. इसका फायदा उठाने के लिए आपको आधार, पासपोर्ट या किसी और पहचान पत्र के साथ अपने फेशियल रिकगनिशन को एक बार डेटाबेस में डालना होगा. यात्रियों को विमानन मंत्रालय की वेबसाइट से एक डीवाई आईडी नंबर जेनरेट करना होगा. इस डीवाई आईडी का एयरपोर्ट पर पहली बार इस्तेमाल करने के दौरान फिजिकल वेरिफिकेशन होगा. इसके बाद आगे यात्रियों को विमान का टिकट बुक करने के दौरान यह नंबर देना होगा. जब आप एयरपोर्ट पर आएंगे तो डेटाबेस में मौजूद आपकी चेहरे की पहचान से आपको एंट्री मिल जाएगी. अगर आप यह सुविधा नहीं लेना चाहते हैं तो एयरपोर्ट पर पेपर टिकट और आईडी कार्ड दिखाकर बोर्डिंग करने की सुविधा बरकरार रहेगी. यह पेपरलेस और टचलेस एयरपोर्ट बोर्डिंग सिस्टम एक यात्री को एनईसी के अनुसार आगमन, सुरक्षा जांच और प्रस्थान के बाद प्रस्थान करने के अधिकार से पहचानता है.
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