श्रमिक स्पेशल ​ट्रेनों में किसे मिलेगा घर जाने का मौका? टिकट बुक करने का ये है प्रोसेस

श्रमिक स्पेशल ​ट्रेनों में किसे मिलेगा घर जाने का मौका? टिकट बुक करने का ये है प्रोसेस
1 मई से शुरू की गई 'श्रमिक स्पेशल ट्रेन'.

विभिन्न राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्य तक पहुंचाने के लिए इंडियन रेलवे ने स्पेशल श्रमिट ट्रेन चलाने का ऐलान किया है. इन ट्रेनों में प्रवासी मजदूरों के अलावा विभन्न राज्यों में फंसे स्टूडेंट्स, शरणार्थी, टूरिस्ट को भी घर भेजने की व्यवस्था की जा रही है.

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नई दिल्ली. आज से देशभर में लॉकडाउन का तीसरा चरण (Lockdown 3)) शुरू हो चुका है. इंडियन रेलवे (Indian Railway) ने अलग-अलग राज्यों में फंसे प्रवासी मजूदरों (Migran Workers) को उनके गृह राज्य तक पहुंचाने के लिए 6 स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था की है. इन 6 स्पेशल ट्रेनों को 'श्रमिक स्पेशल ट्रेन' (Shramik Special Train) का नाम दिया गया है. इन ट्रेनों में प्रवासी मजदूरों के अलावा विभिन्न राज्यों में फंसे स्टूडेंट्स, शरणार्थी, टूरिस्ट को भी घर भेजने की व्यवस्था की जा रही है. झारखंड के लिए पहली ट्रेन चल भी चुकी है.

लॉकडाउन के बीच श्रमिक स्पेशल ट्रेन के लिए कैसे बुक करें टिकट?
>> इंडियन रेलवे ने साफ कर दिया है कि टिकट खरीदने के लिए कोई भी पैसेंजर रेलवे स्टेशन नहीं जाएगा. पैसेंजर ट्रेन का परिचालन अभी शुरू नहीं किया गया है.

>> इन ट्रेनों में केवल राज्य सरकार द्वारा चिन्हित किए गए और ​रजिस्टर किए गए लोगों को ही ट्रैवल करने का मौका मिलेगा. गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) की गाइडलाइंस के मुताबिक, राज्यों द्वारा ही इन यात्रियों को टिकटों की व्यवस्था की जाएगी. व्यक्तिगत तौर पर किसी को भी रेलवे टिकट नहीं जारी करेगा.
>> रेल मंत्रालय ने टिकटों के लिए नोडल ऑफिसर्स (Nodal Officers) को नियुक्त किया गया जो फंसे हुए यात्रियों और उनसे संबंधित राज्यों व यूनियन टेरिटरी के संपर्क में होंगे.



>> सभी राज्यों में नियुक्त किए गए नोडल ऑफिसर्स ही फंसे हुए लोगों को रजिस्ट्रेशन करेंगे.

>> यात्रा से पहले सभी यात्रियों की स्कीनिंग की जाएगी. केवल उन्हीं लोगों को भेजा जाएगा, जिनमें कोरोना वायरस के कोई लक्षण नहीं दिखाई देंगे.

>> स्टेशन तक यात्रियों को पहुंचाने के लिए राज्य सरकारें नि: शुल्क सेनिटाइज्ड बसों का ही इस्तेमाल करेंगी.

>> फंसे स्टूडेंट्स, शरणार्थी, टूरिस्ट्स और प्रवासी मजूदर नोडल ऑफिसर्स से संपर्क करने के बाद ही यात्रा कर सकेंगे. इसके लिए उन्हें वैलिड कारण भी बताना होगा.

>> राज्य सरकारों द्वारा​ चिन्हित किए गए लोगों को ही यात्रा करने की मंजूरी दी जाएगी.

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क्या है टिकटों की कीमत?
>> इन यात्रियों की ​टिकटों का किराया राज्य सरकारें ही चुकाएंगी. हर पैसेंजर के लिए स्लीपर क्लास के लि 30 रुपये और खाने के लिए 20 रुपये देना होगा.

>> सरकार ने साफ कर दिया है कोई भी यात्री ट्रेनों में कुछ भी नहीं खरीदेगा. राज्य सरकारें ही उनकी तरफ से टिकटों की व्यवस्था करेंगी.

>> लंबी दूरी की यात्रा के लिए किराए में ही खाने और पानी का खर्च शामिल किया जाएगा.

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बता दें कि राजस्थान, झारखंड, बिहार, केरल, महाराष्ट्र, ओड़िशा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और तेलंगाना ने ही इन स्पेशल ट्रेनों की मांग की थी. सरकार द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, इन ट्रेनों के नासिक से लखनऊ, अलुवा से भुवनेश्वर, नासिक से भोपाल, जयपुर से पटना और कोटा से हतिया के लिए चलाया जाएगा.

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