भारत के इस बड़े मंदिर के कर्मचारियों को पहली बार मिलेगा इस सरकारी स्कीम का लाभ, मिलेंगे ये फायदे

भारत के इस बड़े मंदिर के कर्मचारियों को पहली बार मिलेगा इस सरकारी स्कीम का लाभ, मिलेंगे ये फायदे
मथुरा मंदिर समिति के कर्मचारियों के लिए ईएसआई योजना

श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान (Shri Krishna Janmasthan Seva Sansthan) ने अपने स्टाफ को कर्मचारियों को कर्मचारी राज्य बीमा योजना (Employees State Insurance scheme) से जोड़ा है.

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नई दिल्ली. कोरोना वायरस संकट (Coronavirus Crisis) में जहां कंपनियां लोगों की छंटनी कर रही हैं. वहीं उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान (Shri Krishna Janmasthan Seva Sansthan) ने अपने स्टाफ को कर्मचारियों को कर्मचारी राज्य बीमा योजना (Employees State Insurance scheme) से जोड़ा है. बता दें कि कम आय वाले कर्मचारियों के स्वास्थ्य लाभ के लिए केन्द्रीय श्रम मंत्रालय ने कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) योजना उपलब्ध करा रखी है. इसका फायदा निजी कंपनियों, फैक्ट्रियों और कारखानों में काम करने वाले कर्मचारियों को मिलता है. अब श्री कृष्ण जन्मस्थान के कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्यों को अब ईएसआई योजना की सुविधा मिलेगी.

समिति सचिव कपिल शर्मा के मुताबिक, इस योजना से संस्थान के कर्मचारियों के परिवार के सदस्यों को देश के सर्वश्रेष्ठ अस्पतालों में सर्वोत्तम संभव उपचार का मार्ग प्रशस्त होगा. इस योजना का संचालन कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) करता है. ESI के तहत मुफ्त इलाज का लाभ लेने के लिए ESI डिस्पेंसरी अथवा हॉस्पिटल जाना होता है. इसके लिए ESI कार्ड बनता है. कर्मचारी इस कार्ड या फिर कंपनी से लाए गए दस्तावेज के आधार पर स्कीम का फायदा ले सकता है.

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मौजूदा समय में देश भर में ईएसआईसी के 151 अस्पताल हैं. इन अस्पतालों में सामान्य से लेकर लेकर गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधा उपलब्ध है. पहले ईएसआईसी अस्पताल में ईएसआईसी के कवरेज में शामिल लोगों को ही इलाज की सुविधा मिलती थी, लेकिन अब सरकार ने इसे आम लोगों के लिए भी खोल दिया है.
इतनी सैलरी पर मिलता है फायदा
ईएसआई का लाभ उन कर्मचारियों को उपलब्ध है, जिनकी मासिक आय 21 हजार रुपये या इससे कम है. हालांकि दिव्यांगजनों के मामले में आय सीमा 25000 रुपये है. ESIC में कर्मचारी और नियोक्ता, दोनों का योगदान होता है. मौजूदा समय में कर्मचारी की सैलरी से 0.75 फीसदी योगदान ईएसआईसी में होता है और नियोक्ता की ओर से 3.25 फीसदी. जिन कर्मचारियों का प्रतिदिन औसत वेतन 137 रुपये है, उन्हें इसमें अपना योगदान देना नहीं होता.

कैसे कराएं रजिस्ट्रेशन?
ESIC के लिए रजिस्ट्रेशन नियोक्ता की तरफ से होता है. इसके लिए कर्मचारी को परिवार के सदस्यों की जानकारी देनी होती है. नॉमिनी भी कर्मचारी को तय करना होगा. इस योजना में आने वाले कर्मचारियों और उन पर निर्भर लाभार्थियों को 11 प्रकार के लाभ उपलब्ध कराये जाते हैं.

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मिलते हैं ये लाभ
>> ESIC की ओर से बीमित व्यक्ति की मृत्यु होने की स्थिति में उसकी अंत्येष्टि के लिए मूल व्यय या अधिकतम 15 हजार रुपये का नकद भुगतान किया जाता है.
>> जिन मामलों में गर्भवती महिला को ईएसआई अस्पतालों में चिकित्सा लाभ नहीं मिलता है, उनको बाहरी अस्पतालों में उपचार कराने के लिए 7500 रुपये की दर से नकद भुगतान मिलता है. यह लाभ दो बार दिया जाता है.
>> ईएसआईसी रोजगार के दौरान चोट लगने से हुई डिसेबिलिटी के मामले में वसूला गया वास्तविक शुल्क या 123 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से बीमित व्यक्ति को भुगतान करता है.
>> अगर कोई बीमित व्यक्ति अनैच्छिक हानि या फिर रोजगार से अलग चोट लगने के कारण स्थायी रूप से डिसेबल हो जाता है तो उसे 24 माह की अवधि तक नकद मासिक भत्ता मिलता है.
>> ईएसआईसी बीमित व्यक्ति को बीमारी के दौरान होने वाली छुट्टी के लिए 91 दिनों के लिए नकद भुगतान किया जाता है. इस हित लाभ का भुगतान बीमारी प्रमाणीकरण से 7 दिन के भीतर हितलाभ मानक दर पर किया जाता है और इस हित लाभ की दर दैनिक मजदूरी के 50 फीसदी से कम नहीं होती है.

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