सैलरी में कटौती और नौकरी जाने के डर से SIP में घटा निवेश, 6.5 लाख खाते हुए बंद

सैलरी में कटौती और नौकरी जाने के डर से SIP में घटा निवेश, 6.5 लाख खाते हुए बंद
इनकम घटने और नौकरी जाने के डर से घटा SIP में निवेश

एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड इन इंडिया (Amfi) के आंकड़ों के मुताबिक, बंद किए गए एसआईपी और नए एसआईपी का रेशियो (discontinuance ratio) मई 2020 में 81 फीसदी की रिकॉर्ड ऊंचाई पर आ गया.

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नई दिल्ली. कोरोना वायरस संकट (Coronavirus Crisis) के चलते लोगों की सैलरी में कटौती और नौकरी जाने के खतरे का असर रिटेल निवेशकों पर पड़ा है. इसके चलते सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लानिंग (SIP) में निवेश घटा है. एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड इन इंडिया (Amfi) के आंकड़ों के मुताबिक, बंद किए गए एसआईपी और नए एसआईपी का रेशियो (discontinuance ratio) मई 2020 में 81 फीसदी की रिकॉर्ड ऊंचाई पर आ गया. दिसंबर 2019 में यह 61 प्रतिशत था. इसका 50 महीने का औसत 49 फीसदी रहा है. मई में 6.5 लाख सिप रोके गए. यह अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है. वहीं, 8.1 लाख नए सिप खुले.

11 महीने में सबसे कम निवेश
इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मई में कुल सिप निवेश घटकर 8,123 करोड़ रुपये रह गया. यह 11 महीनों में सबसे कम है. यह लगातार दूसरा महीना है, जब इसमें 3 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है. आईसीआईसीआई प्रू एएमसी में रिटेल और इंस्‍टीट्यूशनल सेल्‍स के हेड अमर शाह ने कहा कि हाल में शेयरों में भारी गिरावट के चलते SIP बंद करने की संख्या में तेजी आई है. इसकी वजह, निवेशक अब किसी भी आर्थिक कठिनाई के मद्देनजर हाथ में कैश रखने चाहते हैं. एसेट मैनेजमेंट कंपनियों की शाखाओं का बंद रहने के कारण भी नए सिप रजिस्‍ट्रेशन में कमी आई है.

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लॉर्ज कैप फंड्स का औसत एसआईपी रिटर्न क्रमशः एक साल और तीन साल की अवधि के लिए 15 फीसदी और 4.8 फीसदी तक गिरावट आई. 5 साल का एसआईपी रिटर्न महज 0.8 फीसदी रहा है. NSDL के आंकड़ों के मुताबिक इक्विटी फंड्स का असेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) चार साल में करीब दोगुना होकर मई 2020 में 10 लाख करोड़ रुपये हो गया है. चार साल में कुल एसआईपी एयूएम सालाना 21फीसदी बढ़कर मई में 2.8 लाख करोड़ रुपये हो गया.



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पिछले चार साल में कुल एसआईपी खातों में सालाना 32 फीसदी की बढ़ोतरी हुई जो मई 2020 के अंत में 3.2 करोड़ हो गया. हालांकि म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री को उम्मीद है कि आगामी महीनों में नए एसआईपी में सुधार होगा. शाह ने कहा कि एसआईपी बुक में 10 प्रतिशत का उतार-चढ़ाव चिंता का मामला नहीं है. फिक्स्ड डिपॉजिट पर गिरती ब्याज दर को देखते हुए एसआईपी लांग टर्म में एक आकर्षक विकल्प बना हुआ है.
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