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अर्थव्यवस्था को एक और झटका, कोर सेक्टर 10 साल के निचले स्तर पर, -5.2% से गिरकर -5.8%

News18Hindi
Updated: November 29, 2019, 7:01 PM IST
अर्थव्यवस्था को एक और झटका, कोर सेक्टर 10 साल के निचले स्तर पर, -5.2% से गिरकर -5.8%
देश में आर्थिक सुस्ती का दौर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. बीते अक्टूबर में आठ प्रमुख उद्योगों का उत्पादन गिरकर माइनस 5.8 फीसदी पर आ गया है जबकि सितंबर में यह माइनस 5.2 फीसदी था.

देश में आर्थिक सुस्ती का दौर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. बीते अक्टूबर में आठ प्रमुख उद्योगों का उत्पादन गिरकर माइनस 5.8 फीसदी पर आ गया है जबकि सितंबर में यह माइनस 5.2 फीसदी था.

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  • Last Updated: November 29, 2019, 7:01 PM IST
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नई दिल्ली. देश में आर्थिक सुस्ती का दौर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. बीते अक्टूबर में आठ प्रमुख उद्योगों का उत्पादन गिरकर माइनस 5.8 फीसदी पर आ गया है जबकि सितंबर में यह माइनस 5.2 फीसदी थी. इसके साथ ही कोर सेक्टर 10 साल के निचले स्तर पर आ गया है. यानी 10 साल में इतना खराब प्रदर्शन कभी नही रहा. आपको बता दें कि कोर सेक्टर में आठ इंडस्ट्री शामिल होती हैं. यह हैं कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, स्टील, सीमेंट, बिजली, फर्टिलाइजर और रिफाइनरी उत्पाद. आईआईपी की गणना में इनका योगदान करीब 40.27 फीसदी रहता है. वैश्विक मोर्चे पर बिगड़ती स्थितियों के बीच निजी निवेश और उपभोक्ता मांग में सुस्ती से भारत की आर्थिक वृद्धि दर जून तिमाही में कम होकर पांच फीसदी पर आ गई है. यह पिछले छह साल की सबसे कम वृद्धि दर है.

सितंबर के मुकाबले अक्टूबर में कोल सेक्टर ग्रोथ -20.5 फीसदी से बढ़कर -17.6 फीसदी पर पहुंच गई है. वहीं, क्रूड ऑयल आउटपुट ग्रोथ -5.4 फीसदी से गिरकर -5.1 फीसदी पर आ गई है.

इसी तरह इलेक्‍ट्रिसिटी प्रोडक्‍शन 12.4 फीसदी लुढ़क गया है. सिर्फ फर्टिलाइजर्स सेक्‍टर के प्रोडक्‍शन में बढ़त देखने को मिली है. यह सेक्‍टर एक साल पहले के मुकाबले में 11.8 फीसदी की दर से बढ़ा है.



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भारत का राजस्व घाटा 7 माह में ही 7.2 लाख करोड़-अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर सरकार की परेशानियां कम नहीं हो रही हैं. भारत का राजस्व घाटा मौजूदा वित्त वर्ष के पहले 7 महीनों यानी अप्रैल से अक्टूबर के दौरान ही पूरे साल के बजट लक्ष्य को पार कर गया है.

इस दौरान भारत सरकार का राजस्व घाटा 7.2 लाख करोड़ रहा है जो लक्ष्य का 102 फीसदी है. बता दें कि सरकार ने बजट में राजस्व घाटे का लक्ष्य 7.03 लाख करोड़ रुपये रखा था.
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सरकार ने शुक्रवार को राजस्व घाटे का आंकड़ा जारी किया है. एक साल पहले की समान अवधि में राजस्व घाटा 6.48 लाख करोड़ रुपये रहा था.

अक्टूबर महीने में राजस्व घाटा 68900 करोड़ रुपये रहा. एक साल पहले की समान अवधि में 53900 करोड़ रुपये था.

अक्टूबर में रेवेन्यू डेफिसिट सालाना आधार पर 40800 करोड़ से बढ़कर 61400 करोड़ रुपये हो गया है.
इस दौरान कुल स्पेंडिंग 1.52 लाख करोड़ से बढ़कर 1.66 लाख करोड़ रुपये हो गया है.

इस दौरान कुल प्राप्तियां 98500 से घटकर 97400 करोड़ रुपये हो गया है.अक्टूबर महीने में सरकार को सालाना आधार पर टैक्स के रूप में 1.33 लाख करोड़ से घटकर 1.32 लाख करोड़ रुपये मिला.

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First published: November 29, 2019, 5:47 PM IST
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