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छोटी दुकानों में काम करने वाले करोड़ों कर्मचारियों की सैलरी फंसी मुश्किल में, दुकानदारों ने सरकार के सामने रखी अपनी मांगे

छोटी दुकानों में काम करने वाले करोड़ों कर्मचारियों की सैलरी फंसी मुश्किल में, दुकानदारों ने सरकार के सामने रखी अपनी मांगे

लॉकाउन 4.0 में दुकानों को खोलने के लिए गाइडलाइन जारी की गई है.

लॉकाउन 4.0 में दुकानों को खोलने के लिए गाइडलाइन जारी की गई है.

CAIT ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिख कर कहा है कि वे अप्रैल का वेतन देने की स्थिति में नहीं हैं. इसलिए सरकार देश के व्यापारिक समुदाय के लिए आर्थिक पैकेज घोषित करे.

    नई दिल्ली. खुदरा व्यापारियों के यहां काम करने वाले देश के करीब 7 करोड़ कर्मचारियों की अप्रैल की सैलरी मुश्किल में फंसी हुई है. कारोबारियों के संगठन कन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिख कर कहा है कि वे अप्रैल का वेतन देने की स्थिति में नहीं हैं. इसलिए सरकार व्यापारिक समुदाय के लिए आर्थिक पैकेज की घोषित करे. संगठन का कहना है कि खुदरा व्यापारियों द्वारा सामना किए जा रहे कुछ मुख्य मुद्दों की वजह से व्यापारियों पर भारी वित्तीय बोझ पड़ रहा है. आर्थिक परेशानियों का सामना करने के लिए व्यापारियों ने सरकार से कुछ मांगे की हैं..

    दुकानदारों के पास अब वेतन देने को पैसे नहीं
    CAIT ने सीतारमण को भेजे पत्र में कहा है कि केंद्र सरकार की सलाह के अनुसार, देश भर के व्यापारियों ने मार्च, 2020 की अवधि के लिए अपने कर्मचारियों को पूर्ण वेतन दिया. उस समय भी व्यापारी आर्थिक तंगी में थे, तब भी ऐसा किया. अब अप्रैल महीने के वेतन का भुगतान करना बेहद मुश्किल है और यदि व्यापारियों ने भुगतान किया तो उनके व्यापार को वित्तीय संकट झेलना पड़ेगा.

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    सिर्फ 30 फीसदी वेतन देने को तैयार 
    कैट ने वित्त मंत्री से आग्रह किया है कि सरकार के पूरा वेतन देने के पूर्व के निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए बेहतर होगा यदि सरकार व्यापारियों को अपने कर्मचारियों के साथ वेतन के आपसी समझौते के अनुसार वेतन का भुगतान करने या व्यापारियों को 30% वेतन का भुगतान करने की अनुमति दे. इनका कहना है कि 30 फीसदी वेतन कर्मचारी की आजीविका के लिए पर्याप्त है.

    मुद्रा योजना का दायरा बढ़ाने की रखी मांग 
    खंडेलवाल ने कहा है कि मुद्रा योजना को संशोधित करते हुए व्यापारी बैंकों से उचित ब्याज दर पर ऋण ले सके, ऐसा प्रावधान किया जाना चाहिए. साथ ही मुद्रा योजना के तहत अधिकतम राशि 10 लाख रुपये से बढ़ा कर 25 लाख रुपये किया जाना चाहिए.

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    Tags: Business, India business

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