पेप्सी-कोक जैसी सॉफ्टड्रिंक कंपनियों पर कोरोना की मार! इस साल भी कम रहेगी इनकम

कोरोना के मामले में लगातार लहर टर्म का इस्तेमाल हो रहा है- सांकेतिक फोटो (pixabay)

कोरोना के मामले में लगातार लहर टर्म का इस्तेमाल हो रहा है- सांकेतिक फोटो (pixabay)

पेप्सी और कोकाकोला जैसी प्रमुख सॉफ्टड्रिंक कंपनियों की आय के वित्त वर्ष 2021-22 में महामारी से पहले के स्तर पर आने की उम्मीद कम है, क्योंकि कोविड-19 की दूसरी लहर खपत को प्रभावित करेगी.

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नई दिल्ली. पेप्सी और कोकाकोला जैसी प्रमुख सॉफ्टड्रिंक कंपनियों की आय के वित्त वर्ष 2021-22 में महामारी से पहले के स्तर पर आने की उम्मीद कम है, क्योंकि कोविड-19 की दूसरी लहर खपत को प्रभावित करेगी.

क्रिसिल रेटिंग की शुक्रवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया कि वित्त वर्ष 2020-21 में गर्मियों के मौसम में लगाए गए देशव्यापी लॉकडाउन के चलते आय करीब 20 प्रतिशत घटी थी, और आय वित्त वर्ष 2021-22 में भी महामारी से पहले के स्तर के मुकाबले 10 प्रतिशत कम रहने का अनुमान है।रिपोर्ट में कहा गया कि गैर-मादक पेय उद्योग में पेप्सी और कोका-कोला जैसी अमेरिकी कंपनियों का दबदबा बरकरार है, जिसकी कुल बाजार हिस्सेदारी 80 प्रतिशत से अधिक है.

एजेंसी ने कहा कि पिछले वित्त वर्ष के दौरान एक सख्त देशव्यापी लॉकडाउन और उसके बाद अप्रैल-सितंबर में सीमित प्रतिबंधों ने व्यस्त सत्र की मांग को गंभीर रूप से प्रभावित किया.क्रिसिल रेटिंग के निदेशक नितेश जैन ने कहा कि महामारी की दूसरी लहर को रोकने के लिए स्थानीय लॉकडाउन और अन्य प्रतिबंधों के कारण एक बार फिर व्यस्त सत्र में बिक्री पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा.

उन्होंने कहा कि होटल, रेस्टोरेंट और कैफे जैसे स्थानों पर पेय पदार्थों की खपत कुल बिक्री का एक चौथाई हिस्सा है, जो पहली तिमाही में प्रभावित होगी. जैन ने कहा कि हालांकि, ये प्रतिबंध इस बार कम कड़े हैं, लेकिन पूरे साल की आय अभी भी महामारी से पहले के स्तर से 10 प्रतिशत कम रह सकती है.

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