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दिवाली से पहले सस्ती हो सकती है फ्लाइट टिकट, ये होगी वजह

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प्रतीकात्मक तस्वीर

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30 सितंबर को GST काउंसिल की अगली बैठक गोवा में होने वाली है. इस बैठक में सबसे अहम और प्रमुख मुद्दा एटीएफ और नैचुरल गैस का हो सकता है.

    30 सितंबर को GST काउंसिल की अगली बैठक गोवा में होने वाली है. बैठक से पहले इससे जुड़े कई मुद्दे तैयार किए गए हैं. उम्मीद की जा रही है कि इस बैठक में सबसे अहम और प्रमुख मुद्दा एटीएफ और नैचुरल गैस का हो सकता है. एयरलाइंस पर बढ़ते आर्थिक नुकसान के कारण ATF को GST के दायरे में लाने का प्रस्ताव GST काउंसिल की मीटिंग में रखा जा सकता है.

    एविशन मंत्रालय ने बढ़ती इनपुट कॉस्ट का हवाला देते हुए वित्त मंत्रालय से एटीएफ को GST में जल्द लाने की गुजारिश की है. उम्मीद है कि अगली GST काउंसिल की अगली बैठक में इसे मुद्दों में शामिल किया जाए. अगर ऐसा होता है तो हवाई किराया सस्ता हो सकता है.

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    अभी GST से बाहर है जेट फ्यूल
    एक जुलाई 2017 को जब जीएसटी लागू किया गया था तो 5 उत्पादों-कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, पेट्रोल-डीजल और विमान ईंधन को इसके दायरे से बाहर रखा गया था. केंद्र और राज्यों को होने पर नुकसान के चलते इन्हें तुरंत जीएसटी के दायरे में लाने में देरी हो रही है. हालांकि, प्रक्रिया शुरू करने के लिए प्राकृतिक गैस और एटीएफ को उपयुक्त माना जा रहा है. जीएसटी परिषद की अगली बैठक 30 सिंतबर को को होनी है. इसमें प्राकृतिक गैस और एटीएफ को नए अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था के दायरे में लाने का प्रस्ताव चर्चा के लिए लाया जा सकता है.

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    सरकार कर रही है समीक्षा
    सूत्रों के मुताबिक, एयरलाइंस पर बढ़ते दबाव को देखते हुए वित्त मंत्रालय भी ATF को GST दायरे में लाने के पक्ष में है. ATF के मामले में राज्यों को मनाना आसान होगा क्योंकि ज्यादा एयरपोर्ट वाले राज्यों की संख्या कम है. असम, ओडिशा जैसे राज्य पहले ही ATF को GST में लाने का समर्थन कर चुके हैं. हालांकि, अभी सरकार एटीएफ को शामिल करने से राजस्व पर पड़ने वाले असर की समीक्षा कर रही है.

    जेट एयरवेज की हालत ख़राब के बाद उठी डिमांड
    जेट एयरवेज की वित्तीय हालत बिगड़ने से एटीएफ को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग तेजी से उठी है. दरअसल, एयरलाइंस की ऑपरेटिंग कॉस्ट का 40 फीसदी हिस्सा तो ATF में जाता है. मौजूदा हालात में एटीएफ पर करीब 40 फीसदी टैक्स लगता है. अगर इसे जीएसटी दायरे में लाया जाता है तो इस पर टैक्स कम होगा और एयरलाइंस की वित्तीय हालत में सुधार होने की संभावना है.

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    टैक्‍स स्‍लैब पर है मुश्किल
    एटीएफ को जीएसटी में शामिल करने की सबसे बड़ी दिक्कत उसके स्लैब की है. एटीएफ को जीएसटी कर की मौजूदा दरें 5, 12, 18 और 28 फीसदी में रखना मुश्किल साबित हो रहा है. वर्तमान में केंद्र एटीएफ पर 14 प्रतिशत का उत्पाद शुल्क लगाती है. इसके अलावा राज्य 30 प्रतिशत तक बिक्री कर या वैट लगाते हैं. ओडिशा और छत्तीसगढ़ में विमान ईंधन पर 5 प्रतिशत वैट हैं जबकि तमिलनाडु में 29 प्रतिशत, महाराष्ट्र और दिल्ली में 25 प्रतिशत और कर्नाटक में 28 प्रतिशत वैट है.

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    Tags: Air india, Gst, GST council meeting, GST rate

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