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सस्ती हो सकती है फ्लाइट की टिकट! GST काउंसिल में हो सकता है ये बड़ा फैसला

सस्ती हो सकती है फ्लाइट की टिकट! GST काउंसिल में हो सकता है ये बड़ा फैसला

सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर

GST काउंसिल की अगली बैठक में एटीएफ को जीएसटी में लाने पर फैसला हो सकता है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बैठक में सबसे अहम और प्रमुख मुद्दा एटीएफ का हो सकता है.

    GST काउंसिल की अगली बैठक में एटीएफ को जीएसटी में लाने पर फैसला हो सकता है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बैठक में सबसे अहम और प्रमुख मुद्दा एटीएफ का हो सकता है. एयरलाइंस पर बढ़ते आर्थिक नुकसान के कारण ATF को GST के दायरे में लाने का प्रस्ताव GST काउंसिल की मीटिंग में रखा जा सकता है. विमानन राज्य मंत्री का कहना है कि ATF को GST के तहत लाने पर GST काउंसिल विचार कर रही है. आपको बता दें कि एविशन मंत्रालय ने बढ़ती लागत का हवाला देते हुए वित्त मंत्रालय से एटीएफ को GST में जल्द लाने की गुजारिश की है. अगली बैठक में इसे मुद्दों में शामिल किया जाए. अगर ऐसा होता है तो हवाई किराया सस्ता हो सकता है.

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    अभी GST से बाहर है जेट फ्यूल- एक जुलाई 2017 को जब जीएसटी लागू किया गया था तो 5 उत्पादों-कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, पेट्रोल-डीजल और विमान ईंधन को इसके दायरे से बाहर रखा गया था. केंद्र और राज्यों को होने पर नुकसान के चलते इन्हें तुरंत जीएसटी के दायरे में लाने में देरी हो रही है. हालांकि, प्रक्रिया शुरू करने के लिए प्राकृतिक गैस और एटीएफ को उपयुक्त माना जा रहा है. जीएसटी परिषद की अगली बैठक 30 सिंतबर को को होनी है. इसमें प्राकृतिक गैस और एटीएफ को नए अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था के दायरे में लाने का प्रस्ताव चर्चा के लिए लाया जा सकता है.

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    सरकार कर रही है समीक्षा-सूत्रों के मुताबिक, एयरलाइंस पर बढ़ते दबाव को देखते हुए वित्त मंत्रालय भी ATF को GST दायरे में लाने के पक्ष में है. ATF के मामले में राज्यों को मनाना आसान होगा क्योंकि ज्यादा एयरपोर्ट वाले राज्यों की संख्या कम है. असम, ओडिशा जैसे राज्य पहले ही ATF को GST में लाने का समर्थन कर चुके हैं. हालांकि, अभी सरकार एटीएफ को शामिल करने से राजस्व पर पड़ने वाले असर की समीक्षा कर रही है.



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    जेट एयरवेज की हालत ख़राब के बाद उठी डिमांड-जेट एयरवेज की वित्तीय हालत बिगड़ने से एटीएफ को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग तेजी से उठी है. दरअसल, एयरलाइंस की ऑपरेटिंग कॉस्ट का 40 फीसदी हिस्सा तो ATF में जाता है. मौजूदा हालात में एटीएफ पर करीब 40 फीसदी टैक्स लगता है. अगर इसे जीएसटी दायरे में लाया जाता है तो इस पर टैक्स कम होगा और एयरलाइंस की वित्तीय हालत में सुधार होने की संभावना है.

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    टैक्‍स स्‍लैब पर है मुश्किल-एटीएफ को जीएसटी में शामिल करने की सबसे बड़ी दिक्कत उसके स्लैब की है. एटीएफ को जीएसटी कर की मौजूदा दरें 5, 12, 18 और 28 फीसदी में रखना मुश्किल साबित हो रहा है. वर्तमान में केंद्र एटीएफ पर 14 प्रतिशत का उत्पाद शुल्क लगाती है. इसके अलावा राज्य 30 प्रतिशत तक बिक्री कर या वैट लगाते हैं. ओडिशा और छत्तीसगढ़ में विमान ईंधन पर 5 प्रतिशत वैट हैं जबकि तमिलनाडु में 29 प्रतिशत, महाराष्ट्र और दिल्ली में 25 प्रतिशत और कर्नाटक में 28 प्रतिशत वैट है.

    क्या होता है एटीएफ- जेट फ्यूल या एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) की जरूरत विमानों के परिचालन के लिए पड़ती है. जिसका प्रयोग जेट व टर्बो-प्रॉप इंजन वाले विमान को पावर देने के लिए किया जाता है. यह एक विशेष प्रकार का पेट्रोलियम आधारित ईंधन है. एटीएफ दिखने में रंगहीन और स्ट्रा की तरह होता है. ज्‍यादातर कॉमर्शियल विमानन कंपनियां ईंधन के तौर पर जेट-ए एवं जेट ए-1 ईंधन का इस्‍तेमाल करती है.

    एटीएफ का उत्पादन अंतरराष्‍ट्रीय मानकों के अनुरूप और तय दिशानिर्देशों के तहत किया जाता है. आमतौर पर टरबाइन इंजन संचालित विमानों में जेट-बी फ्यूल का ही प्रयोग किया जाता है. सर्दियों में इसका प्रयोग विमानों के बेहतर परिचालन के लिए होता है.

    कितने तरह का होता है एटीएफ-एटीएफ एक विशेष प्रकार का पेट्रोलियम आधारित ईंधन है. कच्चे तेल के शोधन में यह डीज़ल और केरोसीन के साथ वर्गीकृत है. जेट ईंधन वास्तव में केरोसीन की एक उच्च परिष्कृत श्रेणी है. जेट ए-1 और जेट ए टर्बाइन सिविल कॉमर्शियल एविएशन में इस्तेमाल होने वाली ईंधन की दो मुख्य श्रेणियां हैं. अन्य विमानन ईंधनों में मिलिट्री जेट ईंधनों जिसमें प्रमुख रूप से जेपी-4, जेपी-5, और जेपी-8, शामिल हैं तथा ये सभी केरोसीन प्रकार के ईंधन हैं.

    कैसे तय होती है एटीएफ की कीमत - अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एटीएफ की कीमतें और क्रूड ऑयल की कीमतों के आधार पर इसके दाम तय होते है. इसके अलावा डिमांड-सप्लाई, प्राकृतिक आपदाओं, मौद्रिक उतार-चढ़ाव, भू-राजनैतिक तनावों के साथ-साथ ब्याज दर और अन्य चीजें भी रेट तय करने के लिए जिम्मेदार होती है.

    Tags: Domestic flight, Flight service, Goods and services tax (GST) on sales, Gst

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