कुछ ही सालों में अमेरिका को पीछे छोड़ भारत बन जाएगा इस सेक्टर का सबसे बड़ा मार्केट

ई-कॉमर्स मार्केट (E-Commerce Market) लगातार बढ़ रहा है. एक कंपनी की मानें तो भारत 2034 तक ई-कॉमर्स सेक्टर (E-Commerce Sector) में अमेरिका को पीछे छोड़ देगा और दुनिया का सबसे बड़ा ई-कॉमर्स बाजार बन जाएगा.

News18Hindi
Updated: August 9, 2019, 10:35 AM IST
कुछ ही सालों में अमेरिका को पीछे छोड़ भारत बन जाएगा इस सेक्टर का सबसे बड़ा मार्केट
2023 तक भारत बन जाएगा इस सेक्टर में सबसे बड़ा मार्केट
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Updated: August 9, 2019, 10:35 AM IST
ई-कॉमर्स मार्केट (E-Commerce Market) लगातार बढ़ रहा है. एक कंपनी की मानें तो भारत 2034 तक ई-कॉमर्स सेक्टर (E-Commerce Sector) में अमेरिका को पीछे छोड़ देगा और दुनिया का सबसे बड़ा ई-कॉमर्स बाजार बन जाएगा. विश्व की सबसे बड़ी पैकेज डिलिवरी एवं सप्लाई चेन मैनेजमेंट कंपनी युनाइटेड पार्सल सर्विस (यूपीएस) के प्रबंध निदेशक (भारतीय उपमहाद्वीप) राशिद फागार्टी ने आईएएनएस के साथ बातचीत में बताया कि भारत का ई-कॉमर्स बाजार बड़ी छलांग लगाने के लिए तैयार है. वल्र्डपे की रिपोर्ट के अनुसार भी 2034 तक यह अमेरिका को पीछे छोड़कर दुनिया में सबसे बड़ा बाजार बन जाएगा.

यूपीएस ने पल्स ऑफ द ऑनलाइन शॉपर्स नाम से एक रिसर्च कराई है जिससे यह सामने आया है कि भारत आने वाले समय में दुनिया का सबसे बड़ा ई-कॉमर्स बाजार होगा. स्टडी द्वारा प्रमाणित है कि भारत में ग्राहक सर्विस की क्वालिटी को लेकर बेहद जागरूक हैं. ऑनलाइन रिटेलर्स (Online Retailers) को कंज्यूमर ट्रेंड (Consumer Trend) के अनुसार अपनी सप्लाई चेन को दुरुस्त करने की जरूरत है. यह परिवर्तन फुल सर्विस रिटर्न पालिसी के साथ ग्राहकों की संतुष्टि से ही संभव है.

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भारतीय लोग सबसे ज्यादा रिटर्न करते हैं प्रोडक्ट

उन्होंने कहा कि भारत में होने वाली दो तिहाई अंतर्राष्ट्रीय खरीदी केवल क्वालिटी के कारण होती हैं. उन्होंने कहा कि आनलाइन शापर्स शुल्क में पारदर्शिता, डिलीवरी प्रक्रिया पर नियंत्रण, आसान रिटर्न और लॉयल्टी प्वाइंट्स चाहते हैं. सबसे खास बात यह है कि भारत में 96 प्रतिशत ऑनलाइन शॉपर्स मार्केटप्लेस का उपयोग कर चुके हैं और 56 प्रतिशत खरीदारी करने के बाद डिलीवरी की स्थिति ट्रैक करते हैं. यही नहीं, पिछले तीन माह में 36 प्रतिशत ने सामान वापस किया है और भारतीय शॉपर्स की रिटर्न की दर 68 प्रतिशत है, जो वैश्विक बाजार में सबसे अधिक है.

भारतीय शॉपर्स क्वालिटी के प्रति बहुत ज्यादा जागरूक
फागार्टी ने कहा कि यूपीएस पल्स ऑफ द ऑनलाईन शॉपर अध्ययन-2019 अमेरिका, एशिया, यूरोप, कनाडा, मैक्सिको, ब्राजील और पहली बार भारत सहित 15 देशों व क्षेत्रों में आनलाईन शॉपर्स के विकसित होते ट्रेंड्स, पसंद और अपेक्षाएं लिए हुए है. यह अध्ययन भारत में शॉपर्स के बारे में रोचक तथ्य प्रदर्शित करता है. भारतीय शॉपर्स क्वालिटी के प्रति बहुत ज्यादा जागरूक हैं, वो उत्पादों को फौरन रिटर्न कर देते हैं और शिकायत दर्ज कराने में भी बहुत सक्रिय हैं.
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90 फीसदी भारतीय ग्राहक ऑनलाइन सामान खरीदने से पहले रिसर्च करते हैं
रिपोर्ट के मुताबिक अपने वैश्विक साथियों के मुकाबले 53 प्रतिशत भारतीय शॉपर्स ने रिटेलर के बारे में शिकायत दर्ज कराने में अध्ययन का नेतृत्व किया और 30 प्रतिशत ने सोशल मीडिया पर नकारात्मक रिव्यू दिए, जबकि एशिया पैसिफिक में यह संख्या 25 प्रतिशत और अमेरिका में 22 प्रतिशत रही. उन्होंने कहा कि एक रोचक तथ्य यह भी है कि 90 प्रतिशत भारतीय ग्राहक सामान ऑनलाइन खरीदने से पहले उसके बारे में शोध करते हैं, जबकि युवा पीढ़ी अन्य ग्राहकों के रिव्यू से प्रभावित होती है. 95 प्रतिशत खरीदार खरीद करने से पहले समस्त शिपिंग शुल्क एवं टैक्स की गणना देखना चाहते हैं.

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First published: August 9, 2019, 10:35 AM IST
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