चीन को चौतरफा घेरने के लिए भारत ने बनाया नया प्लान! गैर जरूरी चीनी सामानों पर जल्द लग सकता है बैन

चीन को चौतरफा घेरने के लिए भारत ने बनाया नया प्लान! गैर जरूरी चीनी सामानों पर जल्द लग सकता है बैन
चीन को चौतरफा घेरने के लिए भारत का नया प्लान! इन चीनी सामानों पर लगेगी रोक

चीन को लेकर भारत का रवैया बेहद सख्त है. चीन की चाल को नाकाम करने लिए सरकार उसे तीन मोर्चे पर घेरने की तैयारी कर रही है. एक तरफ भारत ने सैन्य मोर्चांबंदी तेज कर दी है, दूसरी तरफ कूटनीतिक और आर्थिक FRONT पर चीन को पछाड़ने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं.

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नई दिल्ली. चीन को लेकर भारत का रवैया बेहद सख्त है. चीन की चाल को नाकाम करने लिए सरकार उसे तीन मोर्चे पर घेरने की तैयारी कर रही है. एक तरफ भारत ने सैन्य मोर्चांबंदी तेज कर दी है, दूसरी तरफ कूटनीतिक और आर्थिक FRONT पर चीन को पछाड़ने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं. इस बीच सीमा पर भारत-चीन में तनातनी जारी है. दोनों दोशों के बीच टेंशन बरकरार है लेकिन हालात अब काबू में हैं. Moldo में लद्दाख पर कमांडर स्तर की बैठक होगी. ये बैठक चीन की मांग पर हो रही है. Galwan में हालात बेहतर करने की कोशिश जारी है. इस बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रूस के लिए रवाना हुए हैं. रूस में चीन के साथ त्रिपक्षीय स्तर की बातचीत हो सकती है. चीन से सैन्य मोर्चे पर निपटने के लिए सरकार नें सरकार ने LAC पर हालात से निपटने के लिए सेना को खुली छूट दे दी.

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सरकार चीन के घटिया माल को देश में आने से रोकने के लिए BIS क्वालिटी पर जोर देगी
चीन को घेरने के लिए सरकार आर्थिक मोर्च पर भी मोर्चेबंदी कर रही है. चीन से आयात घटने का काम शुरू हो गया है. गैर जरूरी चीन के प्रोडक्ट पर बैन लग सकता है. सरकार गैर जरूरी चीजों की लिस्ट बना रही है. उद्योग जगत ने भी सरकार से मामले पर सफाई मांगी है. इस नजरिए से 371 प्रोडक्ट का रिव्यू हो रहा है. सरकार चीन के घटिया माल को देश में आने से रोकने के लिए BIS क्वालिटी पर जोर देगी. घड़ी, दीवार घड़ी, ampoulesका रिव्यू हो रहा है. Glass Rods,बालों की क्रीम, शैंपू, पाउडर का भी रिव्यू हो रहा है. इंक, पेंट, कुछ तम्बाकू प्रोडक्ट की जांच जारी है. वाणिज्य मंत्रालय ने BIS से 5000 उत्पादों के लिए स्टैंडर्ड तैयार करने को कहा है. इस मामले में PMO में पिछले हफ्ते हुई अहम बैठक हुई थी. बता दें कि भारत के कुल आयात का 14 फीसदी चीन से होता है. फार्मा API,मोबाइल फोन, टेलीकॉम उपकरण चीन से आते हैं.




चीन के खिलाफ महाराष्ट्र का एक्शन
केंद्र के साथ ही राज्य सरकारों भी इस कवायद में जोरशोर से शामिल हो रही हैं. चीन के खिलाफ महाराष्ट्र के एक्शन पर नजर डालें तो राज्य में चीन के 3 प्रोजेक्ट पर रोक लगाई गई है. कुल इनकी कुल लागत 5,000 करोड़ रुपये है. महाराष्ट्र में Talegaon में Great Wall Motors का 3,770 करोड़ रुपये का MoU रद्द कर दिया गया है. PMI Electro Mobility, Hengli Eng का भी MoU रद्द कर दिया गया है.

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चीन के खिलाफ हरियाणा का एक्शन
चीन की कंपनियों का 780 करोड़ रुपये का ऑर्डर रद्द कर दिया गया है.

चीन के खिलाफ UP का एक्शन
एनर्जी सेक्टर में चीनी के उपकरणों का इस्तेमाल नहीं होगा.

चीन के खिलाफ MTNL / BSNL का एक्शन
DoT ने चीनी टेलीकॉम उपकरण इस्तेमाल पर रोक लगा दी है. 4G Upgradation में चीनी कलपुर्जे नहीं इस्तेमाल होंगे.

चीन के खिलाफ रेलवे का एक्शन
471 करोड़ रुपये का सिगनलिंग प्रोजेक्ट रद्द कर दिया है.

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चीन के खिलाफ MMRDA का एक्शन
मोनोरेल से संबंधित 2 चीन की कंपनियों की बोली रद्द की गई है. 10 मोनोरेल rakes बनाने की बोली रद्द की गई है.
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