किराना दुकान से जल्द ATM कार्ड के जरिए ले सकेंगे कैश, RBI का नया प्लान

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश में ATM की घटती संख्या को देखते हुए एक समिति गठित की है. इस समिति ने छोटे शहरों या सबअर्बन क्षेत्रों में दुकानदारों के जरिए कैश सप्लाई की सिफारिश की है.

News18Hindi
Updated: June 5, 2019, 5:40 PM IST
किराना दुकान से जल्द ATM कार्ड के जरिए ले सकेंगे कैश, RBI का नया प्लान
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश में ATM की घटती संख्या को देखते हुए एक समिति गठित की है. इस समिति ने छोटे शहरों या सबअर्बन क्षेत्रों में दुकानदारों के जरिए कैश सप्लाई की सिफारिश की है.
News18Hindi
Updated: June 5, 2019, 5:40 PM IST
जल्द ही आप ATM की बजाय अपने पास के किराना दुकान से कैश ले सकेंगे. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश में ATM की घटती संख्या को देखते हुए एक समिति गठित की है. इस समिति ने छोटे शहरों या सबअर्बन एरिया में दुकानदारों के जरिए कैश सप्लाई की सिफारिश की है. समिति का मानना है कि खर्च बढ़ने की वजह से बैंक ATM बंद कर रहे हैं, ऐसे में किराना दुकानों के जरिए लोग कैश ले सकते हैं. नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में गठित समिति ने RBI को ये सुझाव दिया है.

ये भी पढ़ें: मौसम विभाग ने इन इलाकों में दी भारी बारिश की चेतावनी, जानें कहां कैसा रहेगा मौसम

कैश इन कैश आउट नेटवर्क करेगा काम
इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक समिति ने कैश इन कैश आउट (CICO) नेटवर्क का प्रस्ताव दिया है. इस नेटवर्क के जरिए ग्राहक OR कोड और आधार आधारित पेमेंट चैनल के द्वारा अपने नजदीकी किराना दुकान से डिजिटल मनी को कैश में बदलवा सकेंगे. कोटक महिंद्रा बैंक के चीफ डिजिटल ऑफिसर दीपक शर्मा के मुताबिक, CICO मॉडल कैश आउट सुविधाओं के लिए तीन करोड़ PoS मशीन के रिटेल प्वाइंट की जरूरत होगी और इसमें अहम कड़ी होंगे लोकल किराना स्टोर्स और बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट्स होंगे. वे वित्तीय समावेशन का अगले चरण का नेतृत्व करेंगे. ये भी पढ़ें: फॉर्म 16 को लेकर हुआ बड़ा बदलाव, नौकरी करने वालों पर होगा सीधा असर



बीते एक साल में 49 में से 30 बैंकों ने अपने एटीएम की संख्या घटा दी है. RBI डाटा के मुताबिक, देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक ने करीब 1000 एटीएम बंद कर दिए हैं. इस दौरान, बैंकों ने करीब 6.4 लाख नई PoS मशीनें वितरित की हैं. इसी मशीन के जरिए लोग अपने कार्ड को स्वैप कर दुकानदार से कैश ले सकेंगे. यही नहीं OR कोड और आधार कार्ड के जरिए भी यह सुविधा मुहैया कराई जाएगी. इसका फायदा दुकानदारों को पीओएस के जरिए होने वाले अन्य भुगतान में सर्विस चार्ज कम करके दिया जा सकता है. समिति ने बैंकों को मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) या बैंक को लेन-देन के लिए भुगतान करने की सिफारिश की है.

ये भी पढ़ें: 35 हजार लगाकर हर महीने कमाएं 28 हजार रुपये, सरकार करेगी मदद
एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...