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अब चाय में चीनी नहीं बल्कि शहद का ले सकेंगे मजा, ये है सरकार का प्लान

News18Hindi
Updated: January 16, 2020, 6:36 PM IST
अब चाय में चीनी नहीं बल्कि शहद का ले सकेंगे मजा, ये है सरकार का प्लान
शहद और चाय

केंद्र सरकार ग्रामीण उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए शहद कारोबार को वरीयता दे रही है. इसके तहत बहुत जल्द संभव है कि रेस्तरां, एयरलाइन्स और होटल में चाय में चीनी की जगह शहद का इस्तेमाल किया जा सकता है.

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  • Last Updated: January 16, 2020, 6:36 PM IST
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नई दिल्ली. बहुत जल्द किसी रेस्तरां, होटल या एयरलाइन में आपकी चाय की चुस्की बदलने वाली है. अब आपको चाय में चीनी की जगह शहद का स्वाद का मजा मिलेगा. दरअसल, सरकार ग्रामीण उद्योग (Gramin Udyog) के तहत कुल टर्नओवर को बढ़ाने के लिए शहद के इस्तेमाल को बढ़ावा देना चाहती है. केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्य उद्योग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने गुरुवार को कहा, 'ग्रामीण उद्योग को बढ़ाने के लिए जिस महत्वपूर्ण​ कारोबार को चुना है, वो शहद बनाने का कारोबार है. हम कोशिश कर रह हैं कि प्लेन, होटल्स और रेस्तारां जैसे जगहों पर चाय और कॉफी में चीनी की जगह शहद का इस्तेमाल किया जाए.'

नितिन गडकरी ने कहा कि केंद्र सरकार (Central Government) का ध्यान खादी और ग्रामीण उद्योग पर है ताकि इनका कुल टर्नओवर 1 लाख करोड़ रुपये सालाना बढ़ाया जाए. भरत में साल 2018 के दौरान शहर का कुल कारोबार करीब 1,557.9 करोड़ रुपये का था. साल 2024 तक इसके 2,805.7 करोड़ रुपये के होने का अनुमान है. मार्केट रिसर्च कंपनी आईमार्क की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है.



 

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ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार को बढ़ावा देना चाहती है सरकार
गडकरी ने बताया कि इसके लिए अरुणांचल प्रदेश, मेघालय, त्रिपूरा, लेह, लद्दाख और कश्मीर के करीब 115 जिलों को वरीयता दी जाएगी. ग्रामीण उद्योग का कुल टर्नओवर 75 हजार करोड़ रुपये रहा है और इस साल यह 1 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा. इसके जरिए सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की मांग को भी पूरा कर सकेगी. इन क्षेत्रों में सरकार शहद, मत्स्य पालन, बायोईंधन, बांस और जंगलों की उत्पाद को भी बढ़ाना चाहती है. 

एक कार्यक्रम के दौरान नितिन गडकरी ने श्रीनगर में खादी ग्रामोद्योग प्रोजेक्ट के लॉन्च होने के बारे में भी जानकारी दी. उन्होंने यहां की महिलाएं चरखे की मदद से कैसे रुमाल बना रही हैं. इन महिलाओं द्वारा बनाए हर एक रुमाल की कीमत 50 रुपये है, जोकि ब्रांडेड रुमाल की कीमत में बेहद सस्ता है.

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First published: January 16, 2020, 6:36 PM IST
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