Sovereign Gold Bond: सस्ता सोना खरीदने का आज आखिरी मौका, फटाफट जानें कैसे मिलेगा फायदा?

 जानिए आज यूपी में कितना सस्ता हुआ सोना

जानिए आज यूपी में कितना सस्ता हुआ सोना

अगर आप भी सस्ते में सोना खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो आपके पास अच्छा मौका है. आज आपके पास फायदे वाला सोना खरीदने का आखिरी मौका है. सरकार की सॉवरेन गोल्ड स्कीम (Sovereign Gold Bond) का आज अंतिम दिन है.

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नई दिल्ली. अगर आप भी सस्ते में सोना खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो आपके पास अच्छा मौका है. आज आपके पास फायदे वाला सोना खरीदने का आखिरी मौका है. सरकार की सॉवरेन गोल्ड स्कीम (Sovereign Gold Bond) का आज अंतिम दिन है. निवेश के लिए इसे 1 मार्च से ओपन कर दिया गया है. गोल्ड बॉन्ड के लिए इस बार सरकार ने इश्यू प्राइस 4,662 रुपये प्रति ग्राम यानी 46,620 रुपये प्रति 10 ग्राम तय किया है. इसलिए अगर आपने अब तक निवेश नहीं किया तो जानिए इसके बारे में सबकुछ-

कहां से खरीद सकते हैं आप गोल्ड बॉन्ड
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड खरीदने के लिए आपके पास पैन कार्ड होना जरूरी है. निवेशक ये बॉन्ड ऑनलाइन भी खरीद सकते हैं. इसके अलावा बैंकों, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एसएचसीआईएल), चुनिंदा डाकघरों और एनएसई व बीएसई जैसे स्टॉक एक्सचेंज से आप इसकी खरीदारी कर सकते हैं.

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SBI के ग्राहकों को मिलेगी छूट


अगर आप SBI के ग्राहकों हैं तो आपको निवेश पर बड़ी छूट मिल सकती है. बता दें कि देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ऑनलाइन सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड खरीदने का विकल्प खोला है. एक ट्वीट में एसबीआई ने कहा, "रिटर्न और सुरक्षा एक साथ प्राप्त करें! सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने के 6 सुनहरे कारण. एसबीआई ग्राहक सीधे ई-सेवाओं के तहत INB में निवेश कर सकते हैं."

कितना खरीद सकते हैं गोल्ड?
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम में एक वित्तीय वर्ष में एक व्यक्ति अधिकतम 400 ग्राम सोने के बॉन्ड खरीद सकता है. वहीं न्यूनतम निवेश एक ग्राम का होना जरूरी है. इस स्कीम में निवेश करने पर आप टैक्स बचा सकते हैं. बॉन्ड को ट्रस्टी व्यक्तियों, HUF, ट्रस्ट, विश्वविद्यालयों और धर्मार्थ संस्थानों को बिक्री के लिए प्रतिबंधित किया जाएगा.

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जानिए क्या है सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड?
गोल्ड बॉन्ड में निवेशक को फिजिकल रूप में सोना नहीं मिलता है. यह फिजिकल गोल्ड के मुकाबले काफी सुरक्षित रहता है. इस पर तीन साल के बाद लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगता है. वहीं, इसका लोन के लिए इसका उपयोग कर सकते हैं. अगर बात रिडेंप्शन की करें तो पांच साल के बाद कभी भी इसको भुना सकते हैं.

कैसे तय होता है प्राइस?
बता दें आवेदन कम से कम 1 ग्राम और उसके मल्‍टीपल में जारी होते हैं. बॉन्ड का प्राइस इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन लि. (IBJA) द्वारा दी गई 999 शुद्धता वाले गोल्ड के औसत क्लोजिंग प्राइस के आधार पर तय किया गया है.

जानें गोल्ड बाॅन्ड लेने के फायदे
निवेश सलाहकारों का कहना है कि सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड उन निवेशकों के लिए अच्छा है जो लंबी अवधि के लिहाज से निवेश करना चाहते हैं और इसे मैच्योरिटी तक रखना चाहते हैं. इसकी वजह यह है कि इसमें कोई एक्सपेंश रेशियो नहीं है. ये बॉन्ड मैच्योरिटी पर टैक्स फ्री हैं. इसके मुकाबले एक्सचेंज ट्रेडेड फंड का एक्सपेंश रेशियो सालाना 50 से 80 बेसिस प्वाइंट है. इसमें कोई ब्याज नहीं मिलता है. हालांकि, इसमें लिक्विडिटी ज्यादा है.

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टैक्स बचाने के लिहाज से बेहतर
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड टैक्स के लिहाज से खासकर एचएनआई के लिए बहुत अच्छा है, क्योंकि इसे मैच्योरिटी तक रखने पर कैपिटल गेंस टैक्स नहीं देना पड़ता है. इसके मुकाबले शेयर पर 10 फीसदी कैपिटल गेंस टैक्स लगता है. डेट फंड के मामले में इंडेक्सेशन के साथ कैपिटल गेंस टैक्स 20 फीसदी है. ईटीएफ में भी डेट फंड की तरह टैक्स के नियम लागू होते हैं.
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