सरकार दे रही है बाजार भाव से 2000 रुपये तक सस्ता सोना खरीदने का मौका! आज है लास्ट दिन

सरकार दे रही है बाजार भाव से 2000 रुपये तक सस्ता सोना खरीदने का मौका! आज है लास्ट दिन
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम (Sovereign Gold Bond Scheme) में आप 4852 रुपये प्रति ग्राम के हिसाब से सोने में निवेश कर सकते हैं.

अगर आप बाजार भाव से सस्ता सोना खरीदना (Gold Spot Price) चाहते है तो आज आखिरी मौका है. क्योंकि सरकार की गोल्ड बॉन्ड स्कीम शुक्रवार को बंद हो रही है. इस स्कीम में बाजार भाव से 2000 रुपये तक सस्ता सोना मिल रहा है.

  • Share this:
नई दिल्ली. कोरोना के इस संकट में सुरक्षित निवेश के लिए बस सोना (Gold) ही एक मजबूत ऑप्शन बनकर उभर रहा है. इसीलिए सोने की कीमतों में लगातार तेजी आ रही है. मार्केट एक्सपर्ट इस समय सोने में निवेश (Gold Investment) की सलाह दे रहे हैं, क्योंकि इस साल गोल्ड के दाम 60,000 रुपये (Gold Price) प्रति 10 ग्राम को पार कर सकते हैं. वहीं, सर्राफा बाजार में अब कीमत 50 हजार रुपये प्रति दस ग्राम के पार पहुंच गई है. ऐसे में भी आपके पास 48,000 की कीमत पर सोना खरीदने का शानदार मौका है. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम (Sovereign Gold Bond Scheme) में आप 4852 रुपये प्रति ग्राम के हिसाब से सोने में निवेश कर सकते हैं. इसका मतलब साफ है कि अगर आपको 10 ग्राम सोना चाहिए तो आपको 48,520 रुपये खर्च करने होंगे. आपको बता दें कि सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम में सोना खरीदने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यहां आपको टैक्स छूट भी मिलती है.

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्‍कीम (Gold Bond Scheme) के तहत सोना खरीदने के कुछ नियम हैं. इस स्कीम में कोई भी व्यक्ति एक कारोबारी साल में अधिकतम 500 ग्राम के गोल्‍ड बॉन्ड खरीद सकता है. इस बॉन्ड में न्यूनतम निवेश एक ग्राम है. इसके निवेशकों को टैक्‍स पर भी छूट मिलती है. निवेशक स्‍कीम के जरिए बैंक से लोन भी ले सकते हैं. एक और खास बात ये है कि इस स्कीम में खरीदे गए सोने पर आपको ढाई फीसदी की सालाना दर से ब्याज भी मिलता है. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्‍कीम में सोना खरीदकर घर में नहीं रखा जाता है. बल्कि बॉन्‍ड में निवेश के तौर पर इस्‍तेमाल करना होता है. बॉन्‍ड वाले सोने की कीमत रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) तय करता है. धातु सोने की मांग में कमी लाने के लिए सरकार ने नवंबर, 2015 में गोल्ड बॉन्ड स्कीम शुरू की थी.

आइए जानें कैसे और कहां से खरीद सकते हैं सस्ता सोना
अगर आप इस स्कीम में सोना खरीदते समय डिजिटल पेमेंट करते हैं तो आपको 50 रुपये प्रति ग्राम की छूट मिलेगी.
गोल्ड बॉन्ड की बिक्री बैंक, भारतीय स्टॉक होल्डिंग निगम लिमिटेड (SHCIL) और कुछ चुनिंदा डाकघरों और मान्यताप्राप्त शेयर बाजारों जैसे भारतीय राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज लिमिटेड और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के जरिए होती है.
भारत बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन लिमिटेड की ओर से पिछले 3 दिन 999 प्योरिटी वाले सोने की दी गई कीमतों के आधार पर इस बांड की कीमत रुपए में तय होती है. स्कीम के तहत इनिशियल इन्वेस्टमेंट पर 2.5 फीसदी का सालाना ब्याज मिलेगा.
ये सॉवरेन गोल्‍ड बॉन्‍ड सोने की कीमतों से जुड़े होते हैं. जैसे ही सोने की कीमतों में इजाफा होता है, वैसे ही आपका निवेश भी ऊपर जाता है. गोल्‍ड ईटीएफ के मुकाबले इसके लिए आपको सालाना कोई चार्ज भी नहीं देना पड़ता है. आप इन बॉन्‍ड के आधार पर लोन भी ले सकते हैं. ये बॉन्‍ड पेपर और इलेक्‍ट्रोनिक फॉर्मेट में होते हैं, तो इससे आपको फिजिकल गोल्‍ड की तरह लॉकर में रखने का खर्च भी नहीं उठाना पड़ता.
बांड की कीमतें सोने की कीमतों में अस्थिरता पर निर्भर करती है. सोने की कीमतों में गिरावट गोल्ड बॉन्ड पर नकारात्मक रिटर्न देता है. इस अस्थिरता को कम करने के लिए सरकार लंबी अवधि वाले गोल्ड बॉन्ड जारी कर रही है. इसमें निवेश की अवधि 8 साल होती है, लेकिन आप 5 साल के बाद भी अपने पैसे निकाल सकते हैं. पांच साल के बाद पैसे निकालने पर कैपिटल गेन टैक्स भी नहीं लगाया जाता है.
जरूरत पड़ने पर गोल्ड के एवज में बैंक से लोन भी लिया जा सकता है. गोल्ड बॉन्ड पेपर को लोन के लिए कोलैटरल के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है. यह पोस्ट ऑफिस की नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट की तरह होता है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading