SEZ की कंपनियां घरेलू बाजार में कम टैक्स देकर बेच सकेंगी सामान, बड़े ऐलान की तैयारी में सरकार

SEZ की कंपनियां घरेलू बाजार में कम टैक्स देकर बेच सकेंगी सामान, बड़े ऐलान की तैयारी में सरकार
विशेष आर्थिक ज़ोन (प्रतीकात्मक तस्वीर)

उद्योग एवं वाणिज्य मंत्रालय स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (SEZ) की कंपनियों और यूनिट्स को बड़ी रियायत देने का ऐलान कर सकती है. इसके लिए मंत्रालय बाबा कल्याणी कमिटी की रिपोर्ट (Baba Kalyani Committee Report) के आधार पर प्रस्ताव को अंतिम रूप दे चुका है.

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नई दिल्ली. एक्सपोर्ट बढ़ाने की मकसद से बनाए गए स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (SEZ) को केंद्र सरकार बड़ी राहत देने की तैयारी में है. एक्सपोर्टर्स के साथ शुक्रवार को एक बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने कहा कि बाबा कल्याणी कमिटी की रिपोर्ट (Baba Kalyan Committee Report) के आधार पर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. सरकार का मकसद है कि इन SEZ को इकोनॉमिक इनक्लेव्स के तौर पर भी तैयार किया जाए. इससे रोजगार बढ़ाने में भी मदद मिलेगी.

दरअसल, शुक्रवार को उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इंडस्ट्री और एक्सपोर्टर्स के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक लंबी बैठक की है. इसी बैठक में गोयल ने यह ऐलान किया कि सरकार स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन के लिए बाबा कल्याणी कमिटी की रिपोर्ट के आधार पर कदम उठा रही है.

CNBC-आवाज़ को सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस राहत के पैकेज को उद्योग एवं वाणिज्य मंत्रालय, नीति आयोग और वित्त मंत्रालय के बीच चर्चा हो चुकी है और अंतिम रूप दिया जा चुका है.



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क्या है प्रस्ताव?
दरअसल, स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन में बनने वाले जो भी उत्पाद होते हैं, उन्हें घरेलू बाजार में बेचने के लिए इंपोर्ट ड्यूटी (Import Duty) के बराबर ही टैक्स देना होता है. लेकिन, इस कमिटी के आधार पर जो सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव है, वो ये कि इन उत्पादों को बनाने वाली कंपनियों या यूनिट्स को रियायत दी जाए, ताकि वो घरेलू बाजार में भी आसानी से अपना सामान बेच सकें.

अगर कोई कंपनी है, जिसकी यूनिट घरेलू बाजार में भी है और एसईजेड में भी है तो अगर वो चाहे तो अपना जॉब वर्क घरेलू बाजार की यूनिट के लिए SEZ में जाकर करा सकती है. इसी तरीक से SEZ वाले घरेलू बाजार से जॉब वर्क करा सकते हैं. यानी जॉब वर्क कराने की शर्तों में भी सरकार ढील दे सकती है.

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किन्हें मिलेगी सरकार के इस कदम से राहत?
केंद्र सरकार के इस कदम से सबसे ज्यादा राहत गुड्स उत्पादन करने वाली कंपनियों व यूनिट्स को मिल सकेगा. मसलन, SEZ में सबसे ज्यादा यूनिट मोबाइल कंपोनेन्ट बनाने वालों की है. इन यूनिट्स में मोबाइल कंपोनेन्ट, राउटर व इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेन्ट बनाये जाते हैं. साथ ही पेस्टीसाइड और इन्सेक्टिसाइड की भी कंपनियां है. लेदर, फुटवियर की भी कंपनियां यहां मौजूद हैं.
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