किसानों के लिए शुरू हुआ खास ई-बाजार पोर्टल! आसानी से खरीद सकेंगे बीज, खाद समेत कई चीजें

सीएससी एसपीवी ने किसानों के लिए खास ई-बाजार पोर्टल लॉन्‍च किया है.

सीएससी एसपीवी ने किसानों के लिए खास ई-बाजार पोर्टल लॉन्‍च किया है.

सीएससी ई-गवर्नेंस इंडिया लिमिटेड (CSC SPV) ने किसानों के लिए खास वेब पोर्टल (e-Bazaar Portal) लॉन्‍च किया है. इस पोर्टल के जरिये किसान कीटनाशक समेत खेती में इस्‍तेमाल होने वाली कई चीजें आसानी से खरीद सकेंगे.

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नई दिल्ली. छोटे और मझोले किसानों (Farmers) की सुविधाएं बढ़ाने के लिए सीएससी ई-गवर्नेंस इंडिया लिमिटेड (CSC SPV) ने कृषि सेवाओं के लिए एक ई-बाजार पोर्टल (E-Bazaar Portal) शुरू किया है. इस पोर्टल को लॉन्‍च करने का मुख्य उद्देश्य किसानों की मदद करना है. इसके जरिये किसान खेती में इस्‍तेमाल होने वाले बीज (Seeds), उर्वरक (Fertilizers), कीटनाशक जैसी चीजें आसानी से खरीद सकेंगे. सीएससी एसपीवी का कहना है कि इस पोर्टल के जरिये किसानों को खेती-किसानी से जुड़े सामान खरीदने में काफी आसानी हो जाएगी.

पोर्टल के जरिये किसान खरीद सकते हैं मवेशियों का चारा भी

सीएससी एसपीवी ने कहा कि भारत के कृषि समुदाय में 86 फीसदी हिस्सा रखने वाले छोटे और मझोले किसानों को सशक्त करने के लिए एक खास कृषि सेवा पोर्टल (Agriculture Services Portal) शुरू किया है. से पोर्टल किसानों के लिए बाजार के तौर पर काम करेगा. इस कृषि सेवा पोर्टल के जरिये किसान बीज, उर्वरक, कीटनाशक, मवेशियों का चारा और दूसरे कृषि निवेश उत्पाद खरीद सकते हैं. बता दें कि सीएससी एसपीवी इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeIT) के तहत आने वाली एक विशेष उद्देश्यीय इकाई है. सीएससी एसपीवी अपने सामान्य सेवा केंद्रो के जरिये उपभोक्ताओं को कई इलेक्ट्रॉनिक सेवाएं (E-Services) उपलब्ध कराती है.

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किसानों को मिलती है घर बैठे-बैठे फसल बेचने की सुविधा

केंद्र सरकार ने इसके अलावा किसानों के लिए खास ई-नाम योजना कई साल पहले ही शुरू कर दी है. इस योजना से जुड़े पोर्टल पर किसानों के लिए कई सुविधाएं दी गई हैं. इस पोर्टल से किसान अपनी उपज घर बैठे ऑनलाइन देश की किसी भी मंडी में बेच सकते हैं. पोर्टल के पांच वर्ष पिछले महीने ही पूरे हुए हैं. किसानों के लिए ई-नाम पोर्टल पर तीन नई सुविधाएं जोड़ी गई हैं. इससे किसानों को ई-नाम योजना से ज्‍यादा फायदा मिल सकेगा. पांच साल में इस योजना से 21 राज्यों की 1000 कृषि उपज मंडी जुड़ चुकी हैं. वहीं, 1.7 लाख किसान योजना से लाभ उठा रहे हैं. इसके जरिये पिछले महीने तक 1.3 लाख करोड़ रुपये का कारोबार हो चुका था.

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