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शिमला के बाद अब इस रूट पर शुरू हुई शीशे की छत वाली ट्रेन, जानिए खासियत- देखें VIDEO

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Updated: February 8, 2020, 11:24 AM IST

रेलवे ने अब आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के विशाखापट्टनम (Visakhapatnam) और अरकू के बीच शीशे वाली ट्रेन यानी विस्टाडोम कोच ट्रेन चलाई हैं. आप अब अपनी बर्थ पर बैठकर छत और खिड़कियों से आस-पास का नज़ारा देख सकते हैं.

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  • Last Updated: February 8, 2020, 11:24 AM IST
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नई दिल्ली. इंडियन रेलवे (Indian Railway) ने शिमला के बाद अब आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के विशाखापट्टनम (Visakhapatnam) और अरकू के बीच शीशे वाली ट्रेन यानी विस्टाडोम कोच ट्रेन चलाई हैं. आप अब अपनी बर्थ पर बैठकर छत और खिड़कियों से आस-पास का नज़ारा देख सकते हैं. ट्रेन के कोच की छत और खिड़की पारदर्शी कांच की बनी हुई हैं, जिससे वहां प्रकृति के खूबसूरत नजारे देखते हुए यात्रा कर सकेंगे. आपको बता दें कि विशाखापट्टनम से अरकू घाटी पर्वत स्टेशन के बीच की दूरी 128 किलोमीटर है. चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में इन कोच को तैयार किया गया हैं. इससे बनाने में 3.38 करोड़ रुपए का खर्च आया है. इस ट्रेन में सफर करने के प्रति यात्री 670 रुपए चुकाने होंगे.

कालका-शिमला रूट पर पहले चल रही हैं विस्टाडोम कोच- आपको बता दें कि इससे पहले विस्टाडोम कोच वाली ट्रेन कालका-शिमला रूट पर चलाई जा रही हैं.

विस्टाडोम कोच वाली हिम दर्शन एक्सप्रेस (52459/52460) का संचालन कालका-शिमला रूट पर दिसंबर 2019 से किया जा रहा है.

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इस ट्रेन में सात कोच हैं. इनमें से फर्स्ट क्लास केटेगिरी की 6 विस्टाडोम कोच हैं. एक फर्स्ट क्लास सिटिंग कम लगेज कोच है. एक कोच में 15 यात्री ही सफर कर सकते हैं, जबकि सिटिंग क्लास की क्षमता 14 है.



ट्रेन की खासियत

विशाखापट्टनम और अरकू के बीच घाटियों की खूबसूरती को यात्री करीब से देख सकें, इसके लिये इस रूट पर विस्टाडोम कोच युक्त ट्रेन चलाई गयी है.

बड़ी खिड़की और पारदर्शी कांच की छत से यात्री सफर के दौरान प्रकृति को करीब से देख सकेंगे. यह ट्रेन पर्यटकों को सफर का एक नया अनुभव देती है.

40 सीट वाले इस कोच की अनूठी खासियत यह है कि इसमें लगी सीटें 360 डिग्री तक घूम सकती हैं, जिससे यात्रियों को बेहतर नजारे का अनुभव मिलेगा.



इस कोच की छत भी शीशे की बनी है. कोच में दिव्‍यांगों के लिए साइड डोर भी उपलब्ध है. साथ ही कंपार्टमेंट में ऑटोमैटिक दरवाजे भी लगाए गए हैं.

सभी कोच में एलईडी लाइट लगी हैं. इसके अलावा पैसेंजर्स तक जल्दी सूचना पहुंचाने के लिए जीपीसी आधारित सूचना प्रणाली का उपयोग किया गया है.

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(दिपाली नंदा, संवाददाता, CNBC आवाज़)

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First published: February 8, 2020, 11:20 AM IST
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