Spectrum Auction: दूरसंचार विभाग टेलीकॉम कंपनियों को खरीदे गए स्पेक्ट्रम के भुगतान का भेजेगा नोटिस

दूरसंचार विभाग नीलामी में खरीदे गए स्‍पेक्‍ट्रम के अग्रिम भुगतान के लिए इसी सप्‍ताह कंपनियों को नोटिस भेजेगा.

दूरसंचार विभाग नीलामी में खरीदे गए स्‍पेक्‍ट्रम के अग्रिम भुगतान के लिए इसी सप्‍ताह कंपनियों को नोटिस भेजेगा.

दूरसंचार विभाग (DoT) इस सप्ताह रिलायंस जियो (JIO), भारती एयरटेल (Airtel) और वोडाफोन-आइडिया (Vi) को डिमांड नोट भेजेगा. इसमें आवंटन को तैयार स्पेक्ट्रम के लिए अग्रिम भुगतान (Upfront Payment) की जरूरत पर जोर दिया जाएगा. स्पेक्ट्रम की पेशकश 20 साल की वैधता (Validity) अवधि के लिए की जाएगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 7, 2021, 10:30 PM IST
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नई दिल्ली. दूरसंचार विभाग (DoT) पिछले सप्‍ताह हुई नीलामी में खरीदे गए स्पेक्ट्रम के अग्रिम भुगतान (Upfront Payment) को लेकर दूरसंचार कंपनियों (Telecos) को डिमांड नोट जारी करेगा. स्‍पेक्‍ट्रम नीलामी (Spectrum Auction) में 855.6 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम के लिये 77,800 करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां प्राप्त हुईं. रिलायंस इंडस्‍ट्रीज (RIL) की सहयोगी कंपनी रिलायंस जियो (JIO) ने नीलामी में सबसे अधिक खर्च किया. जियो ने 800 मेगाहर्ट्ज, 1800 मेगाहर्ट्ज और 2300 मेगाहर्ट्ज जैसे बैंड में 488.35 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम 57,122.65 करोड़ रुपये में खरीदा. वहीं, भारती एयरटेल (Bharti Airtel) ने 355.45 मेगाहर्ट्ज के लिये 18,699 करोड़ रुपये की बोली लगाई, जबकि वोडाफोन-आइडिया (Vi) ने 1,993.40 करोड़ रुपये में 11.90 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम खरीदे.

सफल बोलीदाता को पूरी राशि का भुगतान करने के लिए मिलेंगे दो विकल्‍प
दूरसंचार विभाग के सूत्रों ने बताया कि इस सप्ताह तीनों कंपनियों को डिमांड नोट भेजे जाएंगे. इसमें मुख्य रूप से आवंटन को तैयार स्पेक्ट्रम के लिए अग्रिम भुगतान की जरूरत पर जोर दिया जाएगा. स्पेक्ट्रम की पेशकश 20 साल की वैधता अवधि के लिए की जाएगी. नीलामी की शर्तों के मुताबिक, सफल बोलीदाता एक ही बार में पूरी बोली राशि का भुगतान कर सकते हैं या एक निश्चित राशि का अग्रिम भुगतान करने के विकल्प का इस्‍तेमाल भी कर सकते हैं. बता दें कि रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड (RJIL) सबसे बड़ी खरीदार बनकर उभरी. कंपनी ने सभी 22 सर्किल में स्‍पेक्‍ट्रम इस्‍तेमाल के अधिकार हासिल किए. नीलामी का आयोजन केंद्र सरकार का टेलीकॉम डिपार्टमेंट करा रहा था.

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जियो ने 60.8 करोड़ रुपये प्रति मेगाहर्ट्ज की लागत पर लिया स्‍पेक्‍ट्रम


आरजेआईएल के पास ज्‍यादातर सर्किल में सबसे ज्‍यादा सब-गीगाहर्ट्ज स्‍पेक्‍ट्रम (Sub-GHz Spectrum) है. यही नहीं कंपनी के पास सभी 22 सर्किल में 1800 मेगाहर्ट्ज बैंड (MHz Band) में कम से कम 2X10 MHz और 2300 मेगाहर्ट्ज बैंड में 40 MHz स्‍पेक्‍ट्रम है. कंपनी ने हर सर्किल में जरूरी स्‍पेक्‍ट्रम हासिल कर लिया है, जिनकी औसत वैधता 15.5 साल है. जियो ने 60.8 करोड़ रुपये प्रति मेगाहर्ट्ज की प्रभावी लागत (Effective Cost) पर स्‍पेक्‍ट्रम हासिल किया है. इस अधिग्रहण से जियो यूजर्स को भी बड़ा फायदा मिलेगा. अब कंपनी पूरे देश में पुराने ग्राहकों के साथ ही लाखों नए सब्‍सक्राइबर्स को बेहतरीन टेलीकॉम सर्विस उपलब्‍ध करा सकती है.

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7 बैंड में 4 लाख करोड़ के 2,308.80 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम की हुई नीलामी
दूरसंचार विभाग (DoT) की ओर से आयोजित स्पेक्ट्रम नीलामी बोली के दूसरे दिन 2 मार्च 2021 को समाप्त हो गई थी. इसमें कुल 7 बैंड में चार लाख करोड़ रुपये के 2,308.80 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम को नीलामी के लिए रखा गया था. नीलामी के पहले दिन कुल 77,146 करोड़ रुपये की बोलियां प्राप्त हुई थीं. दोनों दिन को मिलाकर 77,800 करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां हासिल हुईं. इसमें रिलायंस जियो (Reliance Jio), भारती एयरटेल (Bharti Airtel) और वोडाफोन-आइडिया (Vodafone Idea) ने हिस्‍सा लिया. सरकार ने कहा था कि स्‍पेक्‍ट्रम नीलामी उम्मीद से बेहतर रही.
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