कोरोना का असर: SpiceJet ने बनाया नया नियम! कर्मचारियों को काम के घंटों के हिसाब से मिलेगी सैलरी

स्पाइसजेट (फाइल फोटो)

स्पाइसजेट (फाइल फोटो)

स्‍पाइसजेट ने कहा है कि इन मुश्किल परिस्थितियों में वह उस स्ट्रक्चर पर लौट रही है, जिसमें एंप्लॉयीज को वर्क आवर्स के अनुसार पेमेंट दी जाएगी. मई 2021 के लिए एंप्लॉयीज की सैलरी 1 जून को उनके बैंक एकाउंट में क्रेडिट हो जाएगी. हालांकि, कुछ एंप्लॉयीज की 35 फीसदी तक सैलरी को टाला जाएगा.

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नई दिल्ली. कोरोना (corona) की दूसरी लहर और लॉकडाउन (Lockdown) के बीच तमाम बंदिशों के चलते जमीन से लेकर हवा तक हर सेक्‍टर की हालत खराब कर दी है. एविएशन सेक्टर (Aviation sector) भी संकट के दौर से गुजर रहा है. यही वजह है कि घटते एयर ट्रैफिक (Air traffic) को देखते हुए बजट एयरलाइन स्पाइसजेट (SpiceJet) ने एंप्लॉयीज को वर्क आवर्स के अनुसार पेमेंट करने का फैसला किया है. हालांकि, इसके लिए मिनिमम लिमिट को बरकरार रखा जाएगा. स्पाइजेट (SpiceJet) के एचआर डिपार्टमेंट ने एंप्लॉयीज को भेजी ईमेल में लिखा है, "कोरोना की दूसरी लहर ने पिछले वर्ष की तरह एविएशन इंडस्ट्री को अधिक नुकसान पहुंचाया है. पैसेंजर ट्रैफिक कोरोना से पहले के लेवल की तुलना में घटकर 10 प्रतिशत से कम रह गया है.” कंपनी ने कहा है कि इन मुश्किल परिस्थितियों में वह उस स्ट्रक्चर पर लौट रही है जिसमें एंप्लॉयीज को वर्क आवर्स के अनुसार पेमेंट दी जाएगी. मई के लिए एंप्लॉयीज की सैलरी 1 जून को उनके बैंक एकाउंट में क्रेडिट हो जाएगी. हालांकि, कुछ एंप्लॉयीज की 35 प्रतिशत तक सैलरी को टाला जाएगा. 


टाली गई राशि जून के दूसरे सप्ताह में

स्पाइसजेट ने कहा कि टाली गई राशि जून के दूसरे सप्ताह से दी जाएगी. कम पे ग्रेड वाले एंप्लॉयीज पर इसका असर नहीं होगा और उनकी पूरी सैलरी दी जाएगी. कोरोना के मामले बढ़ने और ट्रैवल पर लगी बंदिशों के कारण एयर ट्रैफिक एक बार फिर से काफी कम हो गया है. डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने हाल ही में शेड्यूल्ड इंटरनेशनल पैसेंजर फ्लाइट्स पर बैन 30 जून तक बढ़ा दिया था. 


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50 फीसदी कर दी गई कैपेसिटी

सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने 1 जून से डोमेस्टिक फ्लाइट्स के लिए कैपेसिटी को घटाकर 80 प्रतिशत से 50 प्रतिशत कर दिया है. मिनिस्ट्री ने कहा है, "कोरोना के मामलों की संख्या में अचानक बदलाव होने और पैसेंजर्स के घटने के कारण 80 प्रतिशत की मौजूदा कैपेसिटी लिमिट को घटाकर 50 प्रतिशत किया जा रहा है.


इतनी कम हो गई यात्रियों की संख्या



भारत और उसका विमानन क्षेत्र कोरोनावायरस संक्रमण की दूसरी लहर की चपेट में आ गया है. पिछले कुछ हफ्तों के दौरान देश में घरेलू हवाई यात्रा में भारी कमी आई है. 28 फरवरी को लगभग 3.13 लाख घरेलू हवाई यात्रियों ने भारत में यात्रा की. 25 मई को, भारत में घरेलू उड़ानें लगभग 39,000 यात्रियों के साथ संचालित हुईं.

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