स्टाम्प शुल्क में कटौती के बाद घर खरीदारों को होगा फायदा, बढ़ेगी मांग

स्टाम्प शुल्क में कटौती से तैयार यानी रेडी-टू-मूव-इन फ्लैटों का आकर्षण बढ़ेगा.

हाल ही में महाराष्ट्र सरकार ने स्टाम्प शुल्क (Stamp Duty) में 5 फीसदी तक की कटौती की है. इसके बाद रियल एस्टेट कं​पनियों (Real Estate Companies) का कहना है कि इसे घर खरीदा प्रोत्साहित होंगे. साथ ही आवासीय घरों की मांग भी बढ़ेगी.

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    नई दिल्ली. रियल एस्टेट कंपनियों (Real Estate Companies) का मानना है कि स्टाम्प शुल्क (Stamp Duty) में अस्थायी कटौती के महाराष्ट्र सरकार के निर्णय से ग्राहक घर खरीद का निर्णय लेने को प्रोत्साहित होंगे. अभी तक ऐसे लोगों ने अपने घर खरीदने के फैसले को रोका हुआ है. रियल्टी कंपनियों ने कहा कि इस फैसले से रहने के लिए तैयार यानी रेडी-टू-मूव-इन आवासीय संपत्तियों (Ready-to-move-in Residential Property) की मांग निर्माणाधीन फ्लैटों की तुलना में अधिक बढ़ेगी.

    महाराष्ट्र ने 5 फीसदी तक कम किया है स्टाम्प शुल्क
    महाराष्ट्र सरकार (Government of Mahrashtra) ने बुधवार को बिक्री विलेख दस्तावेजों पर एक सितंबर, 2020 से 31 दिसंबर, 2020 तक स्टाम्प शुल्क में तीन फीसदी तथा एक जनवरी, 2021 से 31 मार्च, 2021 तक दो फीसदी की कटौती करने की घोषणा की. अभी शहरी क्षेत्रों में स्टाम्प शुल्क की दर पांच फीसदी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में चार फीसदी है.

    घर खरीदने का इंतजार करने वालों को मिलेगी मदद
    गोदरेज प्रॉपटीर्ज (Godjrej Properties) के कार्यकारी चेयरमैन पिरोजशा गोदरेज ने कहा, ‘‘महाराष्ट्र सरकार का स्टाम्प शुल्क में अस्थायी कटौती का फैसला एक शानदार कदम है. यह छूट समयबद्ध तरीके से समाप्त हो जाएगी. इस प्रोत्साहन से घर खरीदने के इंतजार में किनारे पर बैठे ग्राहकों को खरीद का निर्णय करने में आसानी होगी.’’

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    एम्बैसी ग्रुप के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक जीतू विरवानी ने भी इसे महाराष्ट्र सरकार का एक उत्साहवर्धक कदम करार दिया. उन्होंने कहा कि इससे आवास क्षेत्र को प्रोत्साहन मिलेगा और आगामी त्योहारी सीजन से पहले घर खरीदारों का भरोसा बढ़ेगा. स्टाम्प शुल्क में कटौती से तैयार यानी रेडी-टू-मूव-इन फ्लैटों का आकर्षण बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि अन्य राज्य सरकारों को भी संपत्ति के पंजीकरण पर स्टाम्प शुल्क में कटौती करनी चाहिए.

    टाटा रियल्टी एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) संजय दत्त ने कहा कि इस फैसले से निश्चित रूप से घरों की बिक्री बढ़ेगी. हालांकि, उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर सर्किल दरें बाजार दरों से अधिक हैं, ऐसे में बिक्री में संभवत: बहुत अधिक तेजी नहीं आएगी.

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    महिंद्रा लाइफस्पेस के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ अरविंद सुब्रमण्यन ने भी इसे एक अच्छा फैसला बताया. उन्होंने कहा कि विशेषरूप से पहली बार घर खरीदने वालों को इससे प्रोत्साहन मिलेगा.एनारॉक प्रॉपर्टी कंसल्टेंट्स के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि घर के खरीदार स्टाम्प शुल्क में कटौती को सीधे लागत में कटौती के रूप में देख सकते हैं. प्रॉपटाइगर और हाउसिंग.कॉम के सीईओ ध्रुव अग्रवाल ने कहा कि स्टाम्प शुल्क में कटौती से घर खरीदारों के लिए खरीद की कुल लागत घटेगी.

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