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फ्रिज-एसी की तरह जान सकेंगे कितनी बिजली खाएगा पंखा, अनिवार्य होगी स्‍टार लेबलिंग

फ्रिज-एसी की तरह जान सकेंगे कितनी बिजली खाएगा पंखा, अनिवार्य होगी स्‍टार लेबलिंग

जून 2022 से पंखे पर भी स्‍टार लेबलिंग अनिवार्य हो जाएगी.

जून 2022 से पंखे पर भी स्‍टार लेबलिंग अनिवार्य हो जाएगी.

अगर कोई व्‍यक्ति सिर्फ घरों में परंपरागत पंखों की जगह ऊर्जा कुशल पंखे लगा ले तो प्रति पंखा वह सालाना 500 रुपये की बचत कर सकता है. इससे एक कदम आगे अब एक और नई खबर ये है कि फ्रिज, कूलर, एयर कंडीशनर की तरह अब पंखों पर भी बिजली खपत की स्‍टार लेबलिंग होगी. यानि कि पंखा खरीदते वक्‍त आपको मालूम होगा कि आपका पंखा कितनी इलेक्ट्रिसिटी खाएगा.

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    नई दिल्‍ली. भारत में चाहे कोई अमीर हो, गरीब हो या मध्‍यम आय वाला व्‍यक्ति हो, बिजली का बिल सभी को परेशान करता है. न केवल आम दिनों में बल्कि चुनावी दिनों में बिजली का बढ़ता बिल या बिजली बिल में कटौती की घोषणाएं प्रमुख मुद्दा भी बनती हैं. यही वजह है कि बिजली के दौड़ते मीटर की रफ्तार रोकने के लिए लोग जो संभव हो, सभी प्रकार के उपाय करना चाहते हैं. चूंकि बिजली अब जीवन का एक बेइंतेहा जरूरी हिस्‍सा बन चुकी हैं, ऐसे में इसके उपयोग को भी बंद नहीं किया जा सकता है. लिहाजा आम लोग भी इसके लिए तमाम रास्‍ते तलाशते हैं. हालांकि अब केंद्र और राज्‍य सरकारों की ओर से कई प्रयास किए जा रहे हैं. बिजली की खपत को कम करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई स्‍टार लेबलिंग पॉलिसी भी इसी का हिस्‍सा है. जिससे बिजली उपभोक्‍ताओं को भी लाभ होगा.

    हाल ही में काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर की ओर से आए ए‍क अध्‍ययन में बताया गया था कि अगर कोई व्‍यक्ति सिर्फ घरों में परंपरागत पंखों की जगह ऊर्जा कुशल पंखे लगा ले तो प्रति पंखा वह सालाना 500 रुपये की बचत कर सकता है. इससे एक कदम आगे अब एक और नई खबर ये है कि फ्रिज, कूलर, एयर कंडीशनर की तरह अब पंखों पर भी बिजली खपत की स्‍टार लेबलिंग होगी. यानि कि पंखा खरीदते वक्‍त आपको मालूम होगा कि आपका पंखा कितनी इलेक्ट्रिसिटी खाएगा. भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय की ओर से इसी साल जून 2022 से पंखों के लिए भी स्‍टार लेबलिंग अनिवार्य की जा रही है. ऐसे में बाजार में एक भी पंखा ऐसा नहीं होगा, जिस पर स्‍टार न दर्ज हों और ये न पता चले कि यह कितनी बिजली कंज्‍यूम करेगा.

    सीईईडब्ल्यू की सीनियर प्रोग्राम लीड शालू अग्रवाल का कहना है कि भारत एक मददगार इको-सिस्टम के माध्यम से ऊर्जा दक्षता के क्षेत्र में अपनी नेतृत्व क्षमता को प्रदर्शित कर चुका है. ऐसे में थोक खरीद और मजबूत वितरण व्यवस्था वाला बिजनेस मॉडल ऊर्जा कुशल उपकरणों का उपयोग बढ़ाने में प्रभावी ढंग से मदद कर सकता है. जून 2022 से सीलिंग फैन के लिए स्टार लेबलिंग प्रोग्राम अनिवार्य तौर पर लागू हो जाएगा. इसलिए, यह ऊर्जा-कुशल सीलिंग फैन को बढ़ावा देने के लिए तेजी से कदम उठाने का सही समय है, जिसे ऊर्जा दक्षता पर अब तक की बहस में बहुत कम जगह मिल पाई है.

    बता दें कि बिजली कंज्‍यूम करने और स्‍टार को लेकर यहां समझने की जरूरत है कि सबसे ज्‍यादा मार्किंग या स्‍कोरिंग 5 स्‍टार होती है. अगर किसी इलेक्ट्रिोनिक आयटम को 5 स्‍टार दिए गए हैं तो इसका मतलब है कि वह आयटम सबसे कम बिजली की खपत करेगा. जबकि उसे 4 या 3 दिए गए हैं तो वह 5 स्‍टार वाले से ज्‍यादा बिजली खाएगा. इसके साथ ही अगर किसी को सिर्फ 1 स्‍टार दिया गया है तो इसका अर्थ है कि वह पंखा सबसे ज्‍यादा बिजली कंज्‍यूम करेगा. लिहाजा अब पंखे खरीदते वक्‍त भी लोगों के पास स्‍टार लेबलिंग के आधार पर चुनाव करने का मौका होगा.

    Tags: Air Conditioner, Electricity, Ministry Of Power, Power consumers

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