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सिर्फ 1.80 लाख रुपये में शुरू करें ये बिजनेस, होगी मोटी कमाई, सरकार भी करेगी मदद

इस बिजनेस की खासियत है कि इसे शुरू करने के लिए नाबार्ड 20 फीसदी सब्सिडी भी देती है. अगर आपको यह सब्सिडी मिल जाती है तो आपको खुद से सिर्फ 1.8 लाख रुपये का ही निवेश करना होगा.

इस बिजनेस की खासियत है कि इसे शुरू करने के लिए नाबार्ड 20 फीसदी सब्सिडी भी देती है. अगर आपको यह सब्सिडी मिल जाती है तो आपको खुद से सिर्फ 1.8 लाख रुपये का ही निवेश करना होगा.

इस बिजनेस की खासियत है कि इसे शुरू करने के लिए नाबार्ड 20 फीसदी सब्सिडी भी देती है. अगर आपको यह सब्सिडी मिल जाती है तो आपको खुद से सिर्फ 1.8 लाख रुपये का ही निवेश करना होगा.

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    नई दिल्ली. अगर आप बिजनेस करने की सोच रहे हैं तो ट्राउट मछली पालन (Trout Fish Farming) पर विचार कर सकते हैं. क्योंकि कोरोना काल में बर्ड फ्लू की खबरों के चलते मार्केट में फिश की डिमांड तेजी से बढ़ गई है. इसके अलावा फिश खाने के कई हेल्थ बेनिफिट्स होने से भी यह हमेशा डिमांड में रहती है. इस बिजनेस की खासियत है कि इसे शुरू करने के लिए नाबार्ड 20 फीसदी सब्सिडी भी देती है. नाबार्ड के अनुसार, मात्र 2.3 लाख रुपये में ट्राउट फार्मिंग शुरू की जा सकती है. अगर आपको सब्सिडी मिल जाती है तो आपको खुद से सिर्फ 1.8 लाख रुपये का ही निवेश करना होगा. चलिए जानते हैं इसके बारे में सबकुछ…

    मछली पालन में अपार संभावनाएं- देश में मछली पालन में अपार संभावनाएं हैं और इससे किसानों की आमदनी पांच गुनी हो सकती है. मछली पालन क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार ने दो विधेयकों का मसौदा तैयार किया था. इन विधेयकों में एक राष्ट्रीय समुद्रीय मछली पालन नियमन और प्रबंधन विधेयक शामिल हैं.

    देश के 11 लाख हेक्टेयर बैक वाटर में मछली पालन की बहुत संभावनाएं हैं. देश के भीतर जिन राज्यों में खारा पानी है, अब वहां झींगा की खेती होगी. 19509 किलोमीटर लंबाई की नदियों में मछली पालन की योजना है. देश में 25 लाख हेक्टेयर से अधिक रकबा में पोखर, तालाब और जलाशय हैं. इनमें उत्पादन केवल तीन टन प्रति हेक्टेयर है, जिसे बढ़ाने की संभावनाएं है.

    ट्राउट मछली पालन

    जानें क्‍या है टाउट फार्मिंग- नाबार्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्राउट एक प्रकार की मछली है, जो साफ पानी में पाई जाती है. भारत के कुछ राज्‍यों में यह मछली बड़ी तादात में पाई जाती है. इनमें हिमाचल प्रदेश, जम्‍मू कश्‍मीर, उत्‍तराखंड, तमिलनाडु, करेल प्रमुख है. इन राज्‍यों में ट्राउट प्रोडक्‍शन के लिए इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर भी उपलब्‍ध है. राज्‍य सरकारों द्वारा ट्राउट फिश फार्मिंग को प्रमोट करने के लिए कई इन्‍सेंटिव प्रोग्राम भी चलाए जा रहे हैं.

    कितना होगा खर्च?- नाबार्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, 15X2X1.5 मीटर का रेसवे बनाने पर करीब एक लाख रुपये का खर्च आएगा जबकि लगभग 6 हजार रुपये में इक्‍विपमेंट्स आ जाएंगे, जिसमें हैंड नेट, बाल्‍टी, टब, थर्माकोल बॉक्‍स शामिल है. जबकि 22,500 रुपये में सीड और 1.45 लाख रुपये में फीड पर खर्च होगा.

    ये भी पढ़ें: नौकरी की चिंता छोड़ Amul के साथ शुरू करें बिजनेस, पहले दिन से होगी मोटी कमाई

    अगर आपने लोन लिया है तो पहले साल का ब्‍याज 26,700 रुपये होगा. इस तरह आपको पहले साल में कुल 3 लाख रुपये का निवेश करना होगा. जिस पर आपको 20 फीसदी यानी कि लगभग 60 हजार रुपये की सब्सिडी मिल जाएगी. यदि आप एससी या एसटी कैटेगिरी से हैं तो आपको 25 फीसदी सब्सिडी मिलेगी.

    कैसे होगी कमाई?- रिपोर्ट में कहा गया है कि पहले साल में आपकी बिक्री करीब 3.23 लाख रुपये की होगी, लेकिन अगले साल से आपकी कैपिटल कॉस्‍ट घट जाएगी और आपकी बिक्री 3.50 लाख रुपये होगी.

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