12 लाख रुपये लगाकर शुरू करें ये कारोबार, सालभर में बन जाएंगे 100 करोड़ के मालिक! मार्केट में है खूब डिमांड

पेपफ्यूल डॉट काॅम सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप है.

पेपफ्यूल डॉट काॅम सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप है.

How to start my own business in India: अगर आपके कोई कारोबार (Business) शुरू करना चाहते हैं तो आप ऑनलाइन फ्यूल (online fuel business) बेचकर करोड़ों में कमाई कर सकते हैं. इसके लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लि. (BPCL), पेट्रोलियम प्रोसेस इंजीनियरिंग सर्विस को. (PESCO) जैसी तेल कंपनियां मदद करेगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 25, 2021, 5:45 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. अगर आपके कोई कारोबार (Business) शुरू करना चाहते हैं तो आप ऑनलाइन फ्यूल (online fuel business) बेचकर करोड़ों में कमाई कर सकते हैं. इसके लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लि. (BPCL), पेट्रोलियम प्रोसेस इंजीनियरिंग सर्विस को. (PESCO) जैसी तेल कंपनियां मदद करेगी. इसके लिए हमने स्टार्टअप कंपनी पेपफ्यूल डॉट काॅम (startup Pepfuel.com) से बात की तो आइए जानते हैं उन्हीं से कि कैसे आप डोर-टू-डोर फ्यूल बेचने का कारोबार कर सकते हैं. बता दें कि इन दिनों ऑनलाइन कारोबार को लोग पसंद कर रहे हैं.

सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप

पेपफ्यूल डॉट काॅम (Pepfuel.com)सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप है. पेपफ्यूल्स का इंडियन ऑयल के साथ थर्ड पार्टी एग्रीमेंट है. यह डोर-टू-डोर डिलीवरी (online diesel delivery) के लिए है. इस ऐप पर ग्राहक ऑनलाइन या मैसेज के जरिए ऑर्डर कर सकते हैं. नोएडा के टिकेन्द्र, प्रतीक और संदीप तीनों ने मिलकर इसे स्टार्ट किया है. कारोबार शुरू के कुछ सालों बाद की इनकी कंपनी का सालाना टर्नओवर 100 करोड़ के आसपास पहुंच गया.

ये भी पढ़ें- मोटी कमाई के लिए रहें तैयार! 29 अप्रैल को आ रहा इस सरकारी कंपनी का IPO, जानें क्‍यों खास है यह?
जानें, कैसे शुरू किया कारोबार

स्टार्टअप के फाउंडर टिकेन्द्र बताते हैं कि इस पर काफी रिसर्च किया. घर-घर जाकर लोगों से बात की और ऑनलाइन फीडबैक लिया. फीडबैक में बता चला हर दूसरे आदमी ने यही कहा कि पेट्रोल-डीजल के लिए ऑनलाइन ऐप होना चाहिए. हालांकि, पेट्रोल-डीजल की ऑनलाइन डिलीवरी का कारोबार शुरू करना काफी रिस्की है. टिकेन्द्र बताते हैं कि 2016 तक देश में पेट्रोल डिलीवरी की परमिशन नहीं थी. हाल ही में सरकार ने इसकी इजाजत दी है. उस वक्त हमारे सामने सिर्फ डीजल डिलीवरी ही एकमात्र विकल्प था. हमने डीजल की डिलीवरी पर ही काम शुरू कर दिया.

ये भी पढ़ें- इंडियन ऑयल का शानदार ऑफर! 25 लीटर डीजल खरीदने पर मिलेंगे 2 करोड़ रुपये, फटाफट चेक करें डिटेल्स



तेल कंपनियों से मिला सहयोग

कंपनी के एक अन्य फाउंडर संदीप बताते हैं, 'हमने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लि. (BPCL), पेट्रोलियम प्रोसेस इंजीनियरिंग सर्विस को. (PESCO) जैसी तेल कंपनियों को अपना-अपना सुझाव भेजा. साथ ही हमने अपने-अपने स्टार्टअप का आइडिया PMO को भी भेजा था. कुछ दिनों बाद ही हमें PMO से जवाब आ गया था. दूसरी, तरफ फरीदाबाद स्थित इंडियन ऑयल की तरफ से भी हमें हमारे कारोबार का डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट यानी DPR सौंपने को कहा गया.' वे कहते हैं, हमने अपने प्रोजेक्ट की DPR इंडियन ऑयल को भेजी. अप्रूवल मिलने के बाद हमने अपना कारोबार शुरू कर दिया.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज