Startup India Scheme: रंग लाने लगी है मोदी सरकार की ये योजना, आप भी बन सकते हैं नौकरी देने वाला!

पीएम नरेन्द्र मोदी बल्लभगढ़ तो अमित शाह कैथल से अपनी रैलियों की शुरुआत करने जा रहे हैं. (File Photo)
पीएम नरेन्द्र मोदी बल्लभगढ़ तो अमित शाह कैथल से अपनी रैलियों की शुरुआत करने जा रहे हैं. (File Photo)

किसी की कंपनी (company) में नौकरी करने के बजाए युवा (Youth) अब कंपनी बनाना पंसद कर रहे हैं. 2015 से अब तक करीब 23 हजार युवा अपनी कंपनी के मालिक चुके हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 7, 2019, 9:35 AM IST
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नई दिल्ली. नौकरी (Job) मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनो. कई साल पहले की गई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की इस अपील का असर अब दिखने लगा है. किसी की कंपनी (company) में नौकरी करने के बजाए युवा (Youth) अब कंपनी बनाना पंसद कर रहे हैं. 2015 से अब तक करीब 23 हजार युवा अपनी कंपनी के मालिक चुके हैं.

20 हजार से 23 हजार पर पहुंचे स्टार्टअप
उद्योग मंत्रालय के पिछले आंकड़ों पर जाएं तो बीते वर्ष 20 हजार से भी कम स्टार्टअप थे. लेकिन मंत्रालय के ही ताजा आंकड़े एक उम्मीदभरी खबर लेकर आए हैं. युवा नए-नए आइडिया के साथ कंपनी शुरु कर रहे हैं. इतना ही नहीं अब तक करीब ढाई लाख से ज्यादा लोगों को नौकरी भी दे चुके हैं. जी हां, पीएम नरेन्द्र मोदी की अपील के बाद स्टार्टअप इंडिया अभियान की ये ही तस्वीर सामने आई है. वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के ताजा आंकडों के अनुसार इस समय देश में 23 हजार मान्यता प्राप्त स्टार्टअप हैं. एक स्टार्टअप में औसतन 12 लोगों को रोजगार मिलने से करीब पौन तीन लाख युवाओं को रोजगार भी मिला है.

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केन्द्र सरकार एक स्टार्टअप को देती है इतनी तरह की छूट


पीएम मोदी ने स्टार्टअप इंडिया (Startup India Scheme) की शुरुआत लालकिले की प्राचीर से 15 अगस्त 2015 को की थी. इस स्कीम के तहत न सिर्फ युवा उद्यमी तैयार करना था बल्कि युवाओं को रोजगार के मौके बढ़ाने वाला भी बनाना था. सरकार ने शुरआत से ही इसके लिए 10 हजार करोड़ का कोष स्थापित किया है. इसके तहत युवा उद्यमी को तीन साल तक टैक्स में छूट जाती है और पहले 3 साल के दौरान कोई जांच भी नहीं होती है.

विदेशी निवेश की इसलिए नहीं आएगी परेशानी  
भारतीय स्टार्टअप में विदेशी निवेश भी आए इसके लिए केन्द्र सरकार ने कई तरह के कार्यक्रम लगातार आयोजित कर रही है. मोदी सरकार 'स्टार्टअप मूवमेंट' के तहत शुरु से ही युवा उद्यमियों को बढ़ावा दे रही है. साफ्टवेयर दिग्गज आईबीएम की ओर से 2017 में जारी एक रिपोर्ट बताती है कि भारत में फाइनेंस की कमी एक बड़ी वजह. ये ही कारण हैं कि 90 फीसदी से ज्यादा स्टार्टअप पहले 5 साल में ही दम तोड़ देते हैं. जबकि पीएम मोदी की कोशिश की बदौलत इस तरह के हालात में भी भारतीय स्टार्टअप्स ने ठीक-ठाक संख्या में लोगों को जॉब दी हुई है.

यहां हैं ज्यादा स्टार्टअप और रोजगार
>>सबसे ज्यादा 3,761 स्टार्टअप महाराष्ट्र में हैं. इनमें 49,482 लोगों को जॉब मिली हुई है.

>> कर्नाटक में 2,919 स्टार्टअप हैं. जिनमें 38,828 लोग काम कर रहे हैं.

>> दिल्ली में 2,616 स्टार्टअप हैं और इनमें 36,403 लोग कार्यरत हैं.

>>उत्तर प्रदेश में 1,607 स्टार्टअप हैंं, जिनमें 22,815 लोगों को जॉब मिली हुई है.

>>हरियाणा जहां पर 1,086 स्टार्टअप हैं और इनमें 17,182 लोग जॉब कर रहे हैं.

>>तेलंगाना में 1,103 स्टार्टअप कार्यरत हैं, जिनमें 19,181 युवा काम कर रहे हैं.

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