ऑटो सेक्टर को राहत देने के लिए SBI ने 24 घंटे में किए ये दो बड़े ऐलान!

News18Hindi
Updated: August 20, 2019, 2:46 PM IST
ऑटो सेक्टर को राहत देने के लिए SBI ने 24 घंटे में किए ये दो बड़े ऐलान!
ऑटो की बिक्री बढ़ाने के लिए SBI ने उठाए ये दो कदम

ऑटो सेक्टर (Auto Sector) में छाई मंदी को देखते हुए देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने 24 घंटे में दो बड़े ऐलान किए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 20, 2019, 2:46 PM IST
  • Share this:
ऑटो सेक्टर (Auto Sector) में छाई मंदी को देखते हुए देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने 24 घंटे में दो बड़े ऐलान किए हैं. सोमवार को SBI ने पहली राहत ऑटोमोबाइल डीलर्स (Automobile Dealers) को दी. बैंक ने कार-बाइक डीलर्स को कर्ज चुकाने की अवधि को बढ़ा दिया. वहीं एक दिन बाद मंगलवार को SBI ने कार लोन (Car Loan) पर प्रोसेसिंग फीस (Processing Fess Wave Off) जीरो कर दी है. इस तरह ऑटो सेक्टर की हालत सुधाने के लिए SBI ने दो बड़ी घोषणाएं कीं.

SBI नहीं वसूलेगा प्रोसेसिंग फीस
बैंक की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, SBI ने फेस्टिव सीजन को ध्यान में रखते हुए ऑटो लोन (Auto Loan) पर प्रोसेसिंग फीस (Processing Fess) को खत्म कर दिया है. बैंक मौजूदा समय में ऑटो लोन पर 8.70 फीसदी की दर से ब्याज वसूल रहा है. वहीं, आप ऑटो लोन के ऑनलाइन यानी डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे YONO और बैंक की वेबसाइट के जरिए लेंगे तो आपको 0.25 फीसदी की छूट मिलेगी. बैंक सैलरी कस्टमर्स को कार के ऑन रोड प्राइस में 90 फीसदी तक का लोन दे रहा है.

ऑटो सेक्टर को SBI से मिली राहत

बैंक ने मांग में कमी का सामना कर रहे ऑटो डीलर्स की कर्ज चुकाने की अवधि बढ़ा दी है. आम तौर पर कर्ज भुगतान की अवधि 60 दिन की होती है लेकिन बैंक ने इसे बढ़ाकर 75 दिन और कुछ मामलों में 90 दिन कर दिया है.

ये भी पढ़ें: SBI ने ग्राहकों को दिए 3 बड़े तोहफे! खत्म किए ये चार्ज

बिक्री में 18 साल की बड़ी गिरावट
Loading...

ऑटो इंडस्ट्री में लगातार 9वें महीने गिरावट दर्ज की गई है. ब्रिकी के लिहाज़ से जुलाई का महीना बीते 18 साल में सबसे खराब रहा. इस दौरान बिक्री में 31 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. सोसायटी ऑफ़ इंडियन ऑटोमोबिल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के मुताबिक जुलाई में बीते नौ महीने के दौरान सबसे कम 2,00,790 वाहनों की बिक्री हुई. सियाम के महानिदेशक विष्णु माथुर कहते हैं कि इस इंडस्ट्री को तुरंत एक राहत पैकेज की ज़रूरत है. उनका कहना है कि जीएसटी की दरों में अस्थायी कटौती से भी इंडस्ट्री को कुछ राहत मिल सकती है.

लाखों नौकरियों पर लटकी तलवार
कारों और मोटरसाइकिलों की बिक्री में कमी से ऑटो सेक्टर में बड़े पैमाने पर नौकरियों की कटौती हो रही है. कई कंपनियां अपने कारखानों को बंद करने के लिए मजबूर हैं. इंडस्ट्री के शुरुआती अनुमानों से पता चलता है कि व्हीकल प्रोडक्शन, ऑटो एंसिलरी और डीलर्स अप्रैल से अब तक करीब 3,50,000 कर्मचारियों की छंटनी कर चुके हैं.

ये भी पढ़ें: SBI मौजूदा होम लोन ग्राहकों को दे सकता है बड़ा तोहफा!

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 20, 2019, 2:46 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...