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ब्लॉकचेन तकनीक के जरिए पेमेंट सुविधा देगा SBI, कम खर्च में तेजी से ट्रांसफर होता है पैसा

भारतीय स्टेट बैंक
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भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने क्रॉस बॉर्डर पेमेंट के लिए अमेरिका के जेपी मॉर्गन (JP Morgan) बैंक के साथ करार किया है. इसके तहत SBI अब ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के जरिए दूसरे देशों में पेमेंट की सुविधा दे सकेगा. इस टेक्नोलॉजी से पेमेंट पहले की तुलना में अधिक सिक्योर, तेज और कम खर्चीला होगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 23, 2021, 9:04 AM IST
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नई दिल्ली. भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने विदेशों में लेनदेन की स्पीड बढ़ाने के लिए अमेरिका के जेपी मॉर्गन (JP Morgan) के साथ एक करार किया है. इसके तहत एसबीआई इस अमेरिकी बैंक के ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी (Blockchain Technology) का इस्तेमाल करेगा. दोनों दिग्गज बैंकों के बीच इस करार के बाद एसबीआई ग्राहकों को पेमेंट टाइम और ट्रांजैक्शन खर्च बचाने में मदद मिलेगी. पहले क्रॉस बॉर्डर पेमेंट्स संबंधित पूछताछ और जानकारी के लिए करीब एक पखवाड़ा लग जाता था, लेकिन अब ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी की मदद से यह घटकर महज कुछ घंटो तक का हो जाएगा. इस कदम से कम स्टेप्स और कम समय में क्रॉस बॉर्डर पेमेंट संभव हो सकेगा. एक न्यूज़ रिपोर्ट में एसबीआई इंटरनेशनल बैंकिंग ग्रुप के डिप्टी प्रबंध निदेशक वेंकट नागेश्वकर के हवाले से कहा गया कि हाल के वर्षों में हम डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के एक दौर से गुजरे हैं. हम अपने डेली आॅपरेशन को बेहतर बनाने के लिए आगे भी नई टेक्नोलॉजी को शामिल करते रहेंगे.

उन्होंने कहा, 'हम इस नेटवर्क पर लाइव जाने वाले देश का पहला बैंक बनने को लेकर उत्साहित है. हमने अपने क्लाइंट्स को बेहतर नेटवर्क सर्विस मुहैया कराने के लिए इस एप्लीकेशन को एक्सप्लोर कर रहे हैं. इससे जेपी मॉर्गन के साथ हमारा रिश्ता भी प्रगाढ़ होगा.

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जेपी मॉर्गन का कहना है कि वो भारत में अपनी ब्लॉकचेन का दायरा बढ़ाने वाली है. जेपी मॉर्गन चेज बैंक इंडिया के प्रबंध निदेशक व कॉरपोरेट हेड पी डी सिंह ने कहा, 'हम लगातार उभरती टेक्नोलॉजी को एक्सप्लोर कर रहे हैं ताकि हमारे क्लाइंट्स का अनुभव बेहतर हो सके.'
क्या है बैंकों का यह ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी
इस वैश्विक बैंक का यह ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी वित्तीय संस्थानों, कॉरपोरेट्स और फाइनेंशियल कंपनियों के लिए पियर-टू-पियर नेटवर्क है. इससे यूजर्स को आपस में बेहद तेज, नियंत्रित और सिक्योर रूप से डेटा ट्रांसफर करने में सहूलियत मिलती है. इससे क्रॉस बॉर्डर पेमेंट के दौरान संभावित जोख़िम से भी निपटने में मदद मिलती है. वैश्विक स्तर पर करीब 100 बैंक इस नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं. कई अन्य प्राइवेट व सरकारी लेंडर्स भी जेपी मॉर्गन के साथ इस नेटवर्क पर जुड़ने पर विचार कर रहे हैं.

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दो और बैंक जेपी मॉर्गन से बातचीत के दौर में
ब्लॉकचेन एक्सपर्ट्स का कहना है कि चीन और अफ्रीका समेत दुनियाभर के कई देशो के बैंक क्रॉस-बॉर्डर लेनदेन के लिए ब्लॉकेचन आधारित क्लियरेंस सिस्टम्स को अपना रहे हैं. इससे इन बैंका का पेमेंट सिस्टम दुरुस्त होने के साथ-साथ कम खर्च में तेजी से पेमेंट्स हो पा रहा है. इस ​न्यूज रिपोर्ट में कहा गया ​है कि मुंबई में हेडक्वॉर्टर वाले प्राइवेट सेक्टर के दो बड़े बैंक जेपी मॉगर्न के साथ ही बातचीत के दौर में हैं.
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