235 करोड़ रुपये वलूसने के लिए अगले महीने अपने तीन एनपीए खातों को बेचेगा SBI

हैवी मेटल पर बैंक का 116.91 करोड़ रुपये का बकाया है

हैवी मेटल पर बैंक का 116.91 करोड़ रुपये का बकाया है

बैंक ने फंसे कर्ज वाले इन खातों (एनपीए खातों) की बिक्री के लिए हैवी मेटल के लिए 27.50 करोड़ रुपये,खरे एण्ड तारकुंडे के लिए 15 करोड़ रुपये औरएलीज इंटरनेशनल के लिए आठ करोड़ रुपये का आरक्षित मूल्य रखा है.

  • Share this:

नई दिल्ली. भारतीय स्टेट बैंक (State bank of India) अपने तीन एनपीए खातों से 235 करोड़ रुपये वसूलने के लिए अगले महीने इन्हें बेचेगी. इसे एसेट री-कंस्ट्रक्शन कंपनी (ARC) अथवा अन्य वित्तीय संस्थानों को बेचेगा. एसबीआई ने कहा है कि नियामकीय दिशानिर्देशों के अनुरूप बैंक की वित्तीय संपत्तियों की बिक्री की नीति के तहत बैंक ने हैवी मेटल एण्ड ट्यूब्स लिमिटेड, खरे एण्ड तारकुंडे इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड और एलीज इंटरनेशनल लिमिटेड को 235.32 करोड़ रुपये की वसूली के लिए बिक्री के लिए पेश किया है. गौरतलब है कि NPA के आसान समाधान के लिए IBA ने पिछले साल बैड बैंक की स्थापना का प्रस्ताव दिया था. सरकार ने इस प्रस्ताव को मानते हुए एसेट री-कंस्ट्रक्शन कंपनी (ARC) या असेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) की तर्ज पर बैड बैंक खोलने की बात कही.


ये है कंपनियों की प्रोफाइल


एसबीआई के अनुसार हैवी मेटल पर बैंक का 116.91 करोड़ रुपये का बकाया है, अहमदाबाद स्थित हैवी मेटल एण्ड ट्यूब्स स्टेनलेस स्टील की ट्यूब और पाइप बनाती है. वही खरे एण्ड तारकुंडे पर 99.84 करोड़ रुपये बकाया है. खरे एण्ड तारकुंडे जमीन जायदाद का कारोबार करती है और नागपुर की कंपनी है. वही तीसरी कंपनी यानि एलीज इंटरनेशनल पर 18.57 करोड़ रुपये का बकाया है कोलकाता की कंपनी है जो कपड़ा बनाती है. बैंक ने फंसे कर्ज वाले इन खातों (एनपीए खातों) की बिक्री के लिए  हैवी मेटल के लिए 27.50 करोड़ रुपये,खरे एण्ड तारकुंडे के लिए 15 करोड़ रुपये औरएलीज इंटरनेशनल के लिए आठ करोड़ रुपये का आरक्षित मूल्य रखा है.


ये भी पढ़ें - कम आय वाले 5 करोड़ से अधिक ग्राहकों को 49 रुपये का पैक फ्री देगी Airtel


इस दिन होगी नीलामी 


बैंक के बिक्री नोटिस के मुताबिक हैवी मेटल एण्ड ट्यूब्स और खरे एण्ड तारकुंडे के एनपीए की बिक्री के लिये ई- नीलामी सात जून को होगी जबकि एलीज इंटरनेशनल के लिये आठ जून को आयोजित की जाएगी.  एसबीआई ने कहा है कि इच्छुक संपत्ति पुनर्गठन कंपनियां, बैंक, एनबीएफसी, वित्त संस्थान रुचि पत्र सौंपने और बैंक के साथ गैर-खुलासा समझौता करने के फौरन बाद इन संपत्तियों को लेकर जांच पड़ताल कर सकतीं हैं.  


 हाल ही में नियुक्त हुए है सीईओ




मालूम हो बैंकों और वित्तीय संस्थाओं को फंसे हुए या डूबत कर्ज से निजात दिलाने के लिए प्रस्तावित नेशनल ऐसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (National Asset Reconstruction Company Limited- NARCL) यानी बैड बैंक (Bad Bank) के पहले सीईओ के पद्मकुमार मंगलम नायर (Padmakumar M Nair) को नियुक्त किया है.


ये भी पढ़ें - धर्मेंद्र प्रधान ने बताया, रोज 6650 टन मेडिकल ऑक्‍सीजन की आपूर्ति कर रही हैं स्‍टील और पेट्रोलियम कंपनियां



बैड बैंक स्ट्रेस्ड ऐसेट्स को कम कीमत पर निवेशकों को बेचेगा


बैंकों के डूबे कर्ज यानी NPA को बैड बैंक एबजॉर्ब कर लेगी और उनका रेजोल्यूशन ज्यादा प्रोफेशनल तरीके से करने की कोशिश करेगी. बैड बैंक स्ट्रेस्ड ऐसेट्स को कम कीमत पर निवेशकों को बेचेगी और निवेशक कर्ज लेने वालों से इसकी वसूली करेंगे. आपको बता दें भारतीय बैंकों का NPA इनके द्वारा बांटे गए कुल कर्ज का करीब 8% है. वहीं, कोरोना वायरस महामारी के कारण बैंकों का NPA और बढ़ने की आशंका है.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज