10 राज्यों ने माफ किया 1.21 लाख करोड़ रुपये का किसान कर्ज, अभी भी क्यों जरूरी है कृषि कर्ज माफी

10 राज्यों ने माफ किया 1.21 लाख करोड़ रुपये का किसान कर्ज, अभी भी क्यों जरूरी है कृषि कर्ज माफी
कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा है कि मौजूदा सरकार पूर्व सरकार के गलत फैसलों की जांच कर रही है. (सांकेतिक फोटो)

कृषि अर्थशास्त्री ने कहा-16 साल में किसानों को 45 लाख करोड़ का नुकसान, कर्जमाफी नहीं तो किससे होगी भरपाई, क्या कभी आरबीआई ने इस पर जाहिर की है चिंता

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 17, 2020, 7:01 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. फसल खराब होने, सूखे और कर्ज को केंद्र सरकार किसानों की आत्‍महत्‍या का कारण मानती है. लेकिन वो कर्जमाफी के लिए कोई सहयोग नहीं दे रही. इसके बावजूद 10 राज्यों में कृषि कर्जमाफी (Farm Loan Waiver) की गई है. कहीं किसान हित को लेकर तो कहीं सियासी मजबूरी में. पिछले पांच साल में मुश्किल से सवा लाख करोड़ रुपये का कृषि कर्ज माफ किया गया है. लेकिन इस प्रवृत्ति पर आरबीआई (RBI) ने सवाल उठाते हुए इसकी मुखालफत की है. किसान संगठन और कृषि अर्थशास्त्री कह रहे हैं कि रिजर्व बैंक ने क्या कभी कारपोरेट जगत को दी जा रही टैक्स छूट और उनके एनपीए व बट्टा खाते के बारे में बोलने का साहस किया. जिससे आज बैंक डूब रहे हैं.

कृषि अर्थशास्त्री देविंदर शर्मा कहते हैं कि कारपोरेट का एनपीए (Non-Performing Asset) और राइट ऑफ (फंसे कर्ज को बट्टे खाते में डालना) मिलाकर 16.88 करोड़ हो गया है. क्या इससे अर्थव्यस्था पर बुरा असर नहीं पड़ता. इसके मुकाबले सवा लाख करोड़ रुपये की कर्जमाफी क्या है? क्यों इस पर आरबीआई को दर्द हो जाता है. जबकि किसान तो वाकई कर्जमाफी के हकदार हैं क्योंकि साल 2000 से 2016-17 के बीच भारत के किसानों को उनकी फसलों का उचित दाम न मिलने के कारण करीब 45 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. यह ओईसीडी (Organisation for Economic Co-operation and Development) की रिपोर्ट है. क्या आरबीआई ने कभी इसके बारे में चिंता जाहिर की है कि इसकी भरपाई कैसे होगी और कौन करेगा.

Agri loan waiver, Economic condition of farmers, किसानों की आर्थिक स्थिति, RBI, Reserve Bank of India, ministry of agriculture, NPA, Non-Performing Asset, Write Off, farmers welfare, kisan income, कृषि ऋण माफी, आरबीआई, भारतीय रिजर्व बैंक, कृषि मंत्रालय, एनपीए, किसान कल्याण, किसानों की आय, किसानों का कितना कर्ज माफ हुआ, How much debt farmers have waived
10 राज्यों ने पांच साल में 1.21 लाख करोड़ का कृषि कर्ज माफ किया है




शर्मा कहते हैं कि एक तरफ 40-50 हजार रुपये के लोन पर किसानों को जेल में डाल दिया जा रहा है, वे आत्महत्या करने के लिए मजबूर हैं तो दूसरी ओर करोड़ों रुपये डकारने वाले उद्योगपतियों पर कोई कार्रवाई नहीं होती. कर्ज न चुकाने पर जेल में डालने वाली एक नीति बननी चाहिए. अगर 50 हजार रुपये का कर्ज न चुका पाने पर किसान जेल जाता है तो उद्योगपति भी जाना चाहिए.
किसानों पर कितना कर्ज

भारत के हर किसान परिवार पर औसतन 47,000 रुपये का कर्ज है. तकरीबन 68 प्रतिशत किसान-परिवारों की आमदनी नकारात्मक है. करीब 80 फीसदी किसान बैंक लोन न चुका पाने की वजह से आत्‍महत्‍या कर रहे हैं और इस वक्‍त देश में क़रीब 60 फीसदी किसान परिवार कर्ज में डूबे हैं. लेकिन जमीनी स्‍तर पर उनके लिए काम नहीं दिखता.

10 राज्यों में कर्जमाफी

2014 से 6 मार्च 2020 तक 10 राज्यों में कुल 1 लाख 21 हजार 546 करोड़ रुपये की कृषि कर्जमाफी की गई है. सबसे ज्यादा पैसा महाराष्ट्र और यूपी में माफ किया गया. यह माफी राज्यों ने अपने संसाधनों से की है. क्योंकि सरकार ने स्पष्ट कर दिया था कि जो राज्य किसान कर्ज माफ करना चाहते हैं वे कर सकते हैं लेकिन इसके लिए उन्हें केंद्र कोई मदद नहीं करेगा.

Agri loan waiver, Economic condition of farmers, किसानों की आर्थिक स्थिति, RBI, Reserve Bank of India, ministry of agriculture, NPA, Non-Performing Asset, Write Off, farmers welfare, kisan income, कृषि ऋण माफी, आरबीआई, भारतीय रिजर्व बैंक, कृषि मंत्रालय, एनपीए, किसान कल्याण, किसानों की आय, किसानों का कितना कर्ज माफ हुआ, How much debt farmers have waived
कर्ज के मर्ज से मरते अन्नदाता


किसान कर्जमाफी आरबीआई

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) मान रहा है कि कृषि ऋण माफी योजना ने उन किसानों को भी कर्ज का भुगतान करने के लिए हतोत्साहित कर दिया है जो उसे चुकाने की स्‍थिति में हैं. यह कर्ज की व्‍यवस्‍था को नकारात्‍मक रूप से प्रभावित करके बैंकिंग क्षेत्र के साथ-साथ राज्‍यों की वित्‍त व्‍यवस्‍था को प्रभावित करता है. ऋण लेने वाला भविष्‍य में मिलने वाली सहायता की आशा में जानबूझकर कर्ज वापसी में चूक करता है.

कृषि कर्ज का टारगेट बढ़ाया 

इस साल बजट में केंद्र सरकार ने कृषि कर्ज के लिए रिकॉर्ड 15 लाख करोड़ रुपए का टारगेट बढ़ा दिया है. किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) उन सभी किसानों को देना चाहती है जिन्हें वो पीएम किसान सम्मान निधि का पैसा दे रही है. ताकि वे साहूकारों की जगह सरकारी बैंकों से लोन लें.

Agri loan waiver, Economic condition of farmers, किसानों की आर्थिक स्थिति, RBI, Reserve Bank of India, ministry of agriculture, NPA, Non-Performing Asset, Write Off, farmers welfare, kisan income, कृषि ऋण माफी, आरबीआई, भारतीय रिजर्व बैंक, कृषि मंत्रालय, एनपीए, किसान कल्याण, किसानों की आय, किसानों का कितना कर्ज माफ हुआ, How much debt farmers have waived
भारत के हर किसान परिवार पर औसतन 47,000 रुपये का कर्ज है.


राइट ऑफ क्यों नहीं किया जाता किसान कर्ज

कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि राज्‍य सरकारों द्वारा एक बार कर्ज माफ करने और संबंधित बैंक को बकाया राशि/एनपीए भुगतान कर देने के बाद किसान नया कर्ज पाने के लिए दोबारा पात्र हो जाते हैं. इसलिए इन कर्जों को बट्टे खाते में डाले जाने का प्रश्न ही नहीं उठता.

ये भी पढ़ें:   PMFBY: किसान या कंपनी कौन काट रहा फसल बीमा स्कीम की असली ‘फसल’

PM-किसान सम्मान निधि स्कीम: 15 दिन में लिंक करवा लें आधार वरना नहीं मिलेंगे 6000 रुपए!
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज