देश की अर्थव्यवस्था को लेकर अच्छी खबर, इस सेक्टर में 18 फीसदी बढ़ा प्रोडक्शन

देश की अर्थव्यवस्था को लेकर अच्छी खबर, इस सेक्टर में 18 फीसदी बढ़ा प्रोडक्शन
स्टील का उत्पादन बढ़ा

कोरोना संकट (Coronavirus Pandemic) के बीच देश की अर्थव्यवस्था (Indian Economy) को लेकर अच्छी खबर आई है. सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, जून में स्टील का उत्पादन 18 फीसदी बढ़ गया है.

  • Share this:
नई दिल्ली. कोरोना संकट (Coronavirus Pandemic) की वजह से जूझ रही देश की अर्थव्यवस्था (Indian Economy) में अब रिकवरी के संकेत मिलने लगे है.  स्टील मंत्रालय (Ministry of Steel) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, जून में देश का कच्चा स्टील उत्पादन 68 लाख टन रहा, जो मई के मुकाबले 17.7 फीसदी अधिक है. स्टील मंत्रालय ने कहा है कि जून 2020 में 68 लाख टन कच्चे इस्पात का उत्पादन एक महीने पहले मई के मुकाबले 17.7 फीसदी अधिक रहा है. लेकिन एक साल पहले जून के उत्पादन के मुकाबले यह 27.2 फीसदी कम है. इसमें कहा गया है कि मई 2020 से आर्थिक गतिविधियों में सुधार के संकेत दिखने लगे हैं. इससे पहले कोरोना वायरस महामारी के कारण लगाये गये लॉकडाउन की वजह से अप्रैल में इसमें बड़ी गिरावट देखी गई.

सेक्टर में तेजी के लिए सरकार कर रही है बड़ी तैयारी-घरेलू स्टील मैन्युफैक्चरर्स की मदद के लिए सरकार हरकत में आ गई है. अलग-अलग देशों से हो रही स्टील की डंपिंग रोकने के लिए ज्यादा ड्यूटी लगाने की तैयारी की जा रही है. सूत्रों के मुताबिक, स्टील मंत्रालय ने आत्मनिर्भर भारत अभियान (Aatmanirbhar Bharat Abhiyan) के बाद स्टील मैन्युफैक्चरर्स के साथ कई दौर की बैठकें कीं हैं और उसके बाद ये सिफारिश की है.

ये भी पढ़ें-मोदी सरकार ने लॉन्च किया ग्राहकों के लिए एक App, अब ऐसे होगी प्रोडक्ट की सत्यता की जांच
दो तरह की मांगे वाणिज्य मंत्रालय से की गई है. पहली ये कि जिन देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट है, उन देशों से पिछले दो सालों में काफी ज्यादा स्टील की डंपिंग हो रही है. जापान और दक्षिण कोरिया से खासकर काफी डंपिंग हो रही है. कानून के दायरे में वहां डंपिंग को रोकने के लिए बॉर्डर एडजस्टमेंट टैक्स (BAT) लगाई जाए. इससे कोई कानूनी अड़चन भी नहीं आएगी और घरेलू मैन्युफैक्चरर्स को एक फ्री ट्रेड भी मिल जाएगा.

सोमवार को मंत्रालय ने कहा कि तैयार इस्पात का उत्पादन भी जून 2020 में 59 लाख टन रहा. यह मात्रा मई के मुकाबले 15.6 प्रतिशत अधिक रही लेकिन एक साल पहले जून के उत्पादन के मुकाबले 33.3 प्रतिशत नीचे रही.



सरकार ने 2030 तक देश की कच्चा इस्पात उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 30 करोड़ टन तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है. मंत्रालय ने कहा है कि आठ बुनियादी उद्योगों के प्रदर्शन आंकड़ों में भी इसकी झलक मिली है.

इन उद्योगों का प्रदर्शन सूचकांक अप्रैल में जहां पिछले साल के मुकाबले 37 प्रतिशत नीचे रहा था वहीं मई में यह गिरावट 23.4 प्रतिशत रह गई.

इसी प्रकार इस्पात उत्पादन सूचकांक अप्रैल 2020 में एक साल पहले के मुकाबले 83.9 प्रतिशत गिरने के बाद मई में 48.4 प्रतिशत नीचे रहा.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading