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राहत पैकेज 2.0 में ये बड़े ऐलान कर सकती है सरकार, मुख्य आर्थिक सलाहकार ने दी जानकारी

राहत पैकेज 2.0 में ये बड़े ऐलान कर सकती है सरकार, मुख्य आर्थिक सलाहकार ने दी जानकारी

मुख्य आर्थिक सलाहकार के वी सुब्रमण्यम (File Photo)

मुख्य आर्थिक सलाहकार के वी सुब्रमण्यम (File Photo)

लॉकडाउन के पहले चरण में सरकार ने अपने राहत पैकेज में गरीब और जरूरतमंद वर्ग को सहायता देने की मांग की थी. अब सरकार से उम्मीद की जा रही है कि हर स्तर के कारोबार के लिए सरकार राहत पैकेज का ऐलान करे. CEA के वी सुब्रमण्यम ने इस बारे में जानकारी दी.

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    नई दिल्ली. लॉकडाउन की वजह से देश का आर्थिक पहिया लगभग थम सा गया है. हालांकि, लॉकडाउन के ऐलान के तुरंत बाद ही सरकार ने गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों के लिए राहत पैकेज (Stimulus Package India) का ऐलान किया है. इस बीच कारोबारी गलियों से भी राहत की मांग बढ़ गई है. आर्थिक गति​विधियां बंद होने की वजह से हर स्तर के कारोबार को गहरा धक्का लगा है. देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) के वी सुब्रमण्यम ने CNN News18 से खास बातचीत में दूसरे राहत पैकेज के बारे में कई जानकारी दी.

    के वी सुब्रमण्यम ने कहा, 'राहत पैकेज पर काम किया जा रहा है. बहुज जल्द ही इसकी घोषणा की जाएगी. लॉकडाउन की वजह से डिमांड पर खासा असर पड़ा है. इस वजह से सप्लाई साइड भी प्रभावित हुआ है. छोटे और मध्यम स्तर के कारोबार लिक्विडिट की समस्या से गुजर रहे हैं. हम उन्हें लिक्विडिटी उपलब्ध कराने पर काम कर रहे हैं ताकि वो अपने कैश फ्लो की जरूरतों का ख्याल रख सकें. पहले राहत पैकेज में गरीब और जरूरतमंद लोगों पर फोकस किया गया था.

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    हर सुझाव पर विचार
    उन्होंने बताया कि हमें सोसाइटी के कई सेक्शन से सुझाव मिले हैं. इन सभी पर विशेष तौर से ध्यान दिया जा रहा है. इन सभी विचार करने के लिए पर्याप्त समय लिया जा रहा है. फिलहाल लॉकडाउन का दौर है, ऐसे में राहत पैकेज के ऐलान के बाद भी डिमांड में कोई बदलाव नहीं होगा.

    कोरोना वायरस की वजह से अर्थव्यवस्था को होने वाले नुकसान की भरपाई लेकर उन्होंने कहा कि इसके लिए हर स्तर पर रिफॉर्म्स लाने की कोशिश की जाएगी. उन्होंने बताया कि खुद पीएम मोदी ने सभी मंत्रालयों को रिफॉर्म्स के लिए कहा है. यही हमारे लिए बेहतर मौका है कि 'कॉस्ट आफ डूईंग बिजनेस' पर विशेष तौर पर फोकस किया जाए. कुछ देशों में विशेष बजट लाया गया है, वहीं कुछ जगहों पर बड़े राहत पैकेज का भी ऐलान किया गया है. इन सभी में भिन्नता है. हम चाहते हैं कि जो भी कदम उठाया जाएगा, उससे हर किसी को राहत मिले.

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    दुनिया के मुकाबले बेहतर रहेगी भारत की आर्थिक ग्रोथ
    गौरतलब है कि कोरोना वायरस महमारी (Coronavirus Pandemic) ने वैश्विक अर्थव्यवस्था (Global Economy) को गहरा झटका दिया है. हाल में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund) ने अपने एक अनुमान में कहा है कि 2020 में भारत की आर्थिक ग्रोथ 1.9 फीसदी रहेगी. अगले साल यानी 2021 में यह बढ़कर 7.4 फीसदी के स्तर पर पहुंचेगी. वहीं, वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए IMF ने इसे -3 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है. साल 2021 के लिए वैश्विक अर्थव्यवस्था की रफ्तार 5.8 फीसदी रह सकती है.

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    Tags: Business news in hindi, International Monetary Fund, Lockdown

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