शेयर बाजार में हाहाकार- सिर्फ 5 मिनट में डूब गए 3 लाख करोड़ रुपये, अब क्या करें निवेशक

बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 760 अंक की कमजोरी के साथ 34,001 के स्तर पर बंद हुआ है. वहीं, एनएसई का 50 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स निफ्टी 225 अंक यानि 2.2 फीसदी गिरकर 10,235 के स्तर पर बंद हुआ है.

News18Hindi
Updated: October 11, 2018, 6:55 PM IST
शेयर बाजार में हाहाकार- सिर्फ 5 मिनट में डूब गए 3 लाख करोड़ रुपये, अब क्या करें निवेशक
सांकेतिक तस्वीर
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Updated: October 11, 2018, 6:55 PM IST
अमेरिकी बाजारों में आई गिरावट के चलते दुनियाभर के शेयर बाजार लुढ़क गए है. भारतीय शेयर बाजार पर भी इन्हीं संकेतों का असर देखने को मिल रहा है. गुरुवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 5 मिनट में ही 1000 अंक से ज्यादा टूट गया. इस गिरावट में निवेशकों के 3 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए. हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेशकों को फिलहाल घबराना नहीं चाहिए. इस गिरावट में अच्छे और मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों के शेयरों में निवेश करना फायदेमंद रहेगा.

बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 760 अंक की कमजोरी के साथ 34,001 के स्तर पर बंद हुआ है. वहीं, एनएसई का 50 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स निफ्टी 225 अंक यानि 2.2 फीसदी गिरकर 10,235 के स्तर पर बंद हुआ है.

बैंकिंग, मेटल, फार्मा, आईटी, रियल्टी, ऑटो, पावर, कैपिटल गुड्स और कंज्यूमर ड्युरेबल्स शेयरों में बिकवाली हावी रही. बैंक निफ्टी 2.1 फीसदी की गिरावट के साथ 24,784 के स्तर पर बंद हुआ है.

...और डूब गए 3 लाख करोड़ रुपये- बुधवार को शेयर बाजार बंद होने के बाद बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों के शेयरों की वैल्यू (कीमत) कुल 1,38,39,750.40 करोड़ रुपये थी. जो कि, गुरुवार की सुबह 5 मिनट में ही यह गिरकर 1,35,39,080.69 करोड़ रुपये पर आ गई है. ऐसे में निवेशकों के 3.42 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए. (ये भी पढ़ें-नवंबर से 40 लाख बैरल तेल की सप्लाई करेगा सऊदी, ट्रंप की धमकी का असर!)

क्यों गिरा बाजार- एप्पल के प्रोडक्ट की डिमांड गिरने की खबरों के चलते अमेरिका में टेक्नोलॉजी शेयरों की जोरदार पिटाई हुई. साथ ही, बॉन्ड यील्ड में आई तेजी के चलते निवेशकों ने अपना पैसा शेयर बाजार से निकालकर बॉन्ड मार्केट में लगाना शुरू कर दिया है. इन्हीं सब कारणों के चलते अमेरिका बाजार बुधवार को धराशाई हो गए. गुरुवार की सुबह एशियाई बाजार पर इन्हीं संकेतों का असर देखने को मिला. जापान, चीन और भारतीय बाजारों में भारी गिरावट दर्ज कई गई. (ये भी पढ़ें-ईमानदार टैक्सपेयर्स को VIP बनाएगी सरकार, फ्री में देगी ये सुविधाएं)

टेक शेयरों की जोरदार पिटाई से अमेरिकी बाजारों में तेज गिरावट देखने को मिली. टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए 7 साल का सबसे खराब दिन रहा. वहीं डाओ जोंस में 8 महीने की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। दरअसल बाजारों पर ब्याज दरों में तेज उछाल का दबाव है. 10 साल की बॉन्ड यील्ड ने 7 साल की नई ऊंचाई छुई है. बुधवार के कारोबारी सत्र में डाओ जोंस 832 अंक यानि 3.15 फीसदी की गिरावट के साथ 25,599 के स्तर पर बंद हुआ है. नैस्डैक 316 अंक यानि 4.1 फीसदी गिरकर 7,422 के स्तर पर बंद हुआ है. एसएंडपी 500 इंडेक्स 95 अंक यानि 3.3 फीसदी की कमजोरी के साथ 2,785.7 के स्तर पर बंद हुआ है.
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