शेयर बाजार में भारी गिरावट: सेंसेक्स 600 और निफ्टी 160 अंक गिरकर बंद, डूब गए 1.59 लाख करोड़ रुपये

BSE का 30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 600 अंक गिरकर 39,922 के स्तर पर बंद हुआ है.
BSE का 30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 600 अंक गिरकर 39,922 के स्तर पर बंद हुआ है.

Stock Market Crash: BSE का 30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 600 अंक गिरकर 39,922 के स्तर पर बंद हुआ है. वहीं, NSE के 50 शेयरों वाले प्रमुख इंडेक्स निफ्टी में 160 अंक की गिरावट आई है. इस गिरावट में निवेशकों के 1.59 लाख करोड़ रुपये डूब गए

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 28, 2020, 4:50 PM IST
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मुंबई. यूरोप में फिर से कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने और अमेरिकी चुनाव को लेकर जारी चिंताओं की वजह से दुनियाभर के शेयर बाजारों में गिरावट आई है. इसी का असर आज घरेलू शेयर बाजार पर भी देखने को मिला. BSE का 30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 600 अंक गिरकर 39,922 के स्तर पर बंद हुआ है. वहीं, NSE के 50 शेयरों वाले प्रमुख इंडेक्स निफ्टी में 160 अंक की गिरावट आई है. इस गिरावट में निवेशकों के 1.59 लाख करोड़ रुपये डूब गए हैं.

शेयर बाजार में आई तेज गिरावट- बैंकिंग शेयरों पर आज सबसे ज्यादा असर देखने को मिला. बैंक निफ्टी में करीब 600 अंकों की गिरावट देखने को मिली. बैंक निफ्टी अंत में 537 अंक गिरकर 24,233 पर बंद हुआ. वहीं, मिडकैप 170 अंक गिरकर 17,048 पर बंद हुआ.  सेंसेक्स के 30 में से 25 शेयरों में बिकवाली रही. निफ्टी के 50 में से 41 शेयरों में गिरावट आई. निफ्टी बैंक के 12 में से 11 शेयरों में गिरावट रही.

क्यों आई शेयर बाजार में गिरावट- एसकोर्ट सिक्योरिटी के रिसर्च हेड आसिफ इकबाल ने न्यूज18 हिंदी को बताया कि अमेरिका में चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है. ऐसे में वहां राजनैतिक अस्थिरता की गहराती चिंताओं ने बाजार के मूड को खराब कर दिया है. क्योंकि कोई न कोई सर्वे आए दिन आ रहे हैं, कुछ में वर्तमान राष्ट्रपति ट्रंप पिछड़ते दिख रहे हैं. जिसके चलते बाजार में वोलैटिलिटी बढ़ रही है.



उन्होंने बताया कि मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि राहत पैकेज को चुनाव के बाद जारी किया जाएगा. क्योंकि, रिपब्लिकन पार्टी और डेमोक्रेट्स के बीच इस मामले पर बातचीत सही दिशा में नहीं पहुंच पा रही है. इसलिए भी बाजार पर दबाव बढ़ा है.
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अब क्या करें निवेशक- आसिफ इकबाल का कहना है कि निवेशकों को घबराना नहीं चाहिए. बल्कि गिरावट पर अच्छे शेयरों पर दांव लगाना चाहिए. हालांकि, अगले एक महीने और शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव रहने की आशंका है. क्योंकि अमेरिका में 3 नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव होना है. ऐसे में निवेशकों को सतर्कता बरतनी चाहिए.
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