Street Food Vendors: रेहड़ी-पटरी वाले भी कर सकेंगे ऑनलाइन डिलीवरी, बस करने होंगे ये काम

मोदी सरकार ने स्ट्रीट फूड वेंडर के लिए योजना शुरू की.

पीएम स्वनिधि योजना (PM Swanidhi Scheme) के अनुसार स्ट्रीट फूड वेंडर (Street food vendor) को सबसे पहले पेन नंबर लेना होगा. फिर FSSAI में रजिस्ट्रेशन कराना होगा. एप चलाने और अपने मेन्यू का डिजिटाइजेशन (Digitization of menu) करने के लिए टेक्निकल ट्रेनिंग लेनी होगी. यह ट्रेनिंग सरकार दिलाएगी.

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नई दिल्ली. कारोबार छोटा हो या बड़ा, कोरोना की मार से कोई अछूता नहीं रहा है. यहां तक की स्ट्रीट फूड वेंडर (Street Food Vendors) भी इससे खासे प्रभावित हुए हैं. ऐसे ही लोगों को मौजूदा माहौल से उबारने के लिए पीएम नरेन्द्र मोदी ने पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत स्ट्रीट फूड वेंडर्स को जोड़ने की मुहिम शुरू की है.

इस मुहिम के तहत स्ट्रीट फूड वेंडर को ऑनलाइन प्लेटफार्म दिया जाएगा. स्विगी (Swiggy) जैसी बड़ी कंपनी के साथ जोड़कर उन्हें अपने कारोबार को फैलाने का मौका दिया जाएगा. लेकिन इस योजना का लाभ उठाने के लिए स्ट्रीट फूड वेंडर को यह 6 ज़रूरी काम करने होंगे. बिना इसके इस योजना से जुड़ने का मौका नहीं मिलेगा.

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रजिस्ट्रेशन कराने से लेकर लेनी होगी यह ट्रेनिंग
पीएम स्वनिधि योजना के अनुसार स्ट्रीट फूड वेंडर को सबसे पहले पेन नंबर लेना होगा. फिर FSSAI में रजिस्ट्रेशन कराना होगा. एप चलाने और अपने मेन्यू का डिजिटाइजेशन करने के लिए टेक्निकल ट्रेनिंग लेनी होगी. यह ट्रेनिंग सरकार दिलाएगी.



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इसके साथ ही हर सामान की कीमत निर्धारित करनी होगी. पैकिंग प्रक्रिया को बेहतर बनाना होगा. इसके बाद ही दुकानदार को ऑनलाइन फूड डिलीवरी के क्षेत्र में जानी मानी कंपनी स्विगी से जोड़ा जाएगा. इसके पीछे सरकार का मकसद स्ट्रीट फूड वेंडर को न सिर्फ तकनीकी रूप से सशक्त बनाना है बल्कि उनकी इनकम के नए रास्ता खोलना भी है.

इन 5 बड़े शहरों में शुरु होने जा रही है यह योजना
अब स्ट्रीट फूड के शौकीनों को घर बैठे अपने लजीज़ व्यंजनों का स्‍वाद लेने का मौका मिलने जा रहा है. नई योजना में पहले अहमदाबाद, चैन्नई, दिल्ली, इंदौर और वाराणसी में पायलट प्रोजेक्ट के तहत इसकी शुरुआत की जाएगी. शुरुआत में इन पांच शहरों के 250 वेंडर्स इस पायलट प्रोग्राम से जुड़ेंगे. इससे सोशल डिस्‍टेंसिंग और दुकानों तक आने-जाने का झंझट भी नहीं रहेगा. लेकिन जैसे-जैसे योजना का दायरा बढ़ेगा. इससे जुड़ने वाले वेंडर भी बढ़ते जाएंगे. सरकार की मंशा करीब 50 लाख से ज़्यादा स्ट्रीट फूड वेंडर को इस योजना से जोड़ने की है.

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