Success Story : सरकारी नौकरी छोड़ माला ने पारिवारिक कारोबार को ऑनलाइन किया, त्योहारी सीजन में 100% की ग्रोथ

माला आर्मी परिवार से थी जिस वजह से उन्हें उद्यमशीलता के जरूरी चीजें जैसी अनुशासन, टीम वर्क और समय की पाबंदी बचपन से सीखने को मिलीं.

माला आर्मी परिवार से थी जिस वजह से उन्हें उद्यमशीलता के जरूरी चीजें जैसी अनुशासन, टीम वर्क और समय की पाबंदी बचपन से सीखने को मिलीं.

केसरी ट्रांसकॉन्टिनेंटल होमस्‍केप्‍स की निदेशक माला अवस्‍थी ने बिजनेस के लिए टीचर की नौकरी छोड़ दी थी. लॉकडाउन में नुकसान हुआ तो ऑनलाइन मॉडल अपनाया. मध्य पूर्व और अन्य एशियाई देशों तक फैल गया बिजनेस.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 24, 2021, 9:03 PM IST
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नई दिल्ली. 57 साल की महिला उद्यमी माला अवस्‍थी (Mala Awasthi). केसरी ट्रांसकॉन्टिनेंटल(Kesari Transcontinental ) की निदेशक. कोरोनावायरस महामारी की वजह से बिजनेस काे खासा नुकसान हुआ. तय किया कि ऑनलाइन सेलिंग (Online Selling) में बिजनेस को शिफ्ट करेंगी. नतीजा, त्योहारी सीजन में 100 प्रतिशत की ग्रोथ. न्यूज18 से माला ने साझा की अपनी सक्सेस स्टोरी.

1998 में माला ने अपनी टीचर की नौकरी छोड़ दी थी क्‍योंकि उन्‍हें नई दिल्‍ली से पानीपत शिफ्ट करना था. माला कहती हैं, ‘काम के लिए भागदौड़ करना और साथ ही बच्‍चों की देखभाल करना मेरे लिए काफी मुश्किल था। लेकिन काम जारी रखने का मेरा जज्बा कायम था.' माला आर्मी परिवार से थी जिस वजह से उन्हें उद्यमशीलता के जरूरी चीजें जैसी अनुशासन, टीम वर्क और समय की पाबंदी बचपन से सीखने को मिलीं. फिर भी पारंपरिक मानसिकता और अन्य उद्यमशील गतिविधियां महिला होने की वजह से बड़ी बाधा बनीं. माला ने कहा, ‘कुछ दिन संघर्ष जैसा लगा! शुरू-शुरू में, कारखाने के वर्कर्स नेतृत्व स्तर पर एक महिला को स्वीकार करने में संकोच कर रहे थे. लेकिन समय और प्रयास के साथ चीजें बेहतर होनी शुरू हो गईं.’

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लॉकडाउन की वजह से बिजनेस को फिर रीस्ट्रक्चर करना पड़ा

भारत और दुनिया भर में लागू लॉकडाउन ने व्यापार को भी प्रभावित किया. माला के मुताबिक जब शुरुआती 3 महीनों के लिए लॉकडाउन हुआ तो इससे वित्त प्रबंधन और अपने कर्मचारियों को सहयोग करने जैसी चुनौतियां पैदा हो गईं. कई ऑर्डर के लिए कच्चे माल का भुगतान पहले ही कर दिया था जिसे रद्द कर दिया गया था. 25 साल पुराने पारिवारिक बिजनेस को काफी नुकसान हुआ. माला के मुताबिक महामारी की इस स्थिति में डिजिटिल यात्रा को गति देने और वृद्धि को बनाए रखने के लिए ई-कॉमर्स चैनल अपनाने के लिए प्रोत्‍साहित किया. तब वॉलमार्ट वृद्धि टीम की मदद से फ्लिपकार्ट पर करीब 15 उत्‍पादों की बिक्री शुरू की. इसका रिस्पॉन्स बहुत अच्छा मिला.

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लॉकडाउन में ढील के साथ ही बढ़ने लगा कारोबार

माला के मुताबिक ऑनलाइन की वजह से केसरी ट्रांसकॉन्टिनेंटल घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों जैसे मध्य पूर्व और अन्य एशियाई देशों में अपने उत्पादों की प्रत्यक्ष (डायरेक्‍ट सेलिंग) और अप्रत्यक्ष बिक्री कर रही है. यही नहीं, देश भर के हॉस्पिटैलिटी एवं रिटेल ग्राहकों को अपने साथ जोड़ रहे हैं. पिछले वित्‍त वर्ष (2018-2019) में हमारा कुल सालाना कारोबार 12 करोड़ रुपए का रहा था. सरकार ने जब लॉकडाउन में ढील देने की घोषणा की, तब बिक्री में तेजी आने लगी और अब कारोबार कोविड के पहले के स्तर के 40% (4 करोड़ रुपए) तक पहुंच चुका है. गौरतलब है कि केसरी ट्रांसकॉन्टिनेंटल होमस्‍केप्‍स ब्रांड के तहत् देश भर के हॉस्पिटैलिटी और बड़े रिटेलरों को कुशन, होम फर्निशिंग, लक्‍जरी बेडिंग्‍स और लिनन जैसे उत्‍पादों की व्‍यापक रेंज की पेशकश करती है. इस कारोबार का प्रबंधन 75 कर्मचारियों के सहयोग से माला और उनके पति अमिताभ करते हैं.
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