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दीये की रोशनी में पढ़ने वाले जय चौधरी कैसे बने अरबपति, जानिए पूरी कहानी

दीये की रोशनी में पढ़ने वाले जय चौधरी कैसे बने अरबपति, जानिए पूरी कहानी

हुरुन इंडिया की 2021 की अमीरों की सूची में जय चौधरी (Jay Chaudhry) भी नाम भी शामिल है.

हुरुन इंडिया की 2021 की अमीरों की सूची में जय चौधरी (Jay Chaudhry) भी नाम भी शामिल है.

हुरुन इंडिया की 2021 की अमीरों की सूची में जय चौधरी भी नाम भी शामिल है. हिमाचल के छोटे से गांव से आए जय ने कैसे अरबों की कंपनी बनाई, जानिए.

    नई दिल्ली. हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2021 जारी हो चुकी है. इस लिस्ट में दसवें स्थान पर हैं जय चौधरी (Jay Chaudhry). जय चौधरी क्लाउड सिक्योरिटी कंपनी ज़ी स्केलर (Zscaler) के सीईओ हैं. लिस्ट में उनकी संपति 1 लाख 21 हजार 6 सौ करोड़ बताई गई है. हिमाचल प्रदेश के एक छोटे से गांव में जन्म लेकर इतनी बड़ी कंपनी बना देना किसी असाधारण काम है. आज मौका है कि जय चौधरी के बारे में लिखा जाए और बात की जाए, ताकि छोटे कस्बों और गांवों में पल-पढ़ रहे हजारों-लाखों बच्चे जय चौधरी बनकर उभरें और भारत का नाम दुनियाभर में रोशन करें.

    4 किलोमीटर दूर था स्कूल

    1959 में हिमाचल प्रदेश में ऊना (Una) के पनोह (Panoh) गांव के किसान भगत सिंह चौधरी के घर में एक बच्चे के जन्म हुआ. उस बच्चे का नाम रखा गया जगतार सिंह. जगतार सिंह थोड़े बड़े हुए तो उसे स्कूल भेजा गया. वे अपने भाइयों के साथ स्कूल जाने के लिए 4 किलोमीटर पैदल चलते थे. 4 किलोमीटर जाना और 4 किलोमीटर आना. मतलब रोजाना आठ किलोमीटर पैदल.

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    पढ़ाई के लिए वे बेहद जुनूनी थे. चूंकि उनके गांव में तब लाइट पहुंची नहीं थी, तो वे रात को दीये की रोशनी में पढ़ते थे. यदि कोई सवाल या बात दिमाग में अटग गई तो उसका उत्तर पाने तक वे चैन से बैठते नहीं थे. उनके बड़े भाई दलजीत चौधरी ने बताते हैं कि स्कूल में जब आधी छुट्टी होती थी तो बाकी बच्चे खेलते थे, मगर जगतार अपने टीचर के पास पहुंच जाते थे. उनका नाम हमेशा टॉपर लिस्ट में शुमार रहता था, जैसा कि आज भी हुरुन की लिस्ट में है.

    टाटा ने की थी पढ़ाई के लिए फंडिंग

    जगतार सिंह चौधरी, जिन्हें कि आज जय चौधरी के नाम से जाना जाता है, ने बीएचयू (BHU) से अपनी ग्रेजुएशन की और उसके बाद 1982 में अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ सिनसिनाटी (University of Cincinnati) से एमबीए (MBA) की डिग्री ली. सिनसिनाटी में पढ़ाई करने के लिए उन्हें स्कॉलरशिप मिली थी, जिसकी बाबत वे विदेश जाकर पढ़ पाए. बताया जाता है कि टाटा कंपनी की तरफ से उनकी पढ़ाई की फंडिंग हुई थी.

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    2008 में शुरू की ज़ी स्केलर

    जय चौधरी ने अमेरिका में पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने आईबीएम (IBM) और यूनिसिस जैसी बंड़ी कंपनियों में काम किया. 2008 में उन्होंने ज़ी स्केलर (Zscaler) की शुरुआत की. ये कंपनी साइबर सिक्योरिटी मुहैया करवाती है. दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियां उनकी सेवाएं लेती हैं. 2018 में ज़ी स्केलर का IPO आया और ये एक Nasdaq लिस्टेड कंपनी बन गई. पिछले दो सालों में कंपनी ने बहुत अच्छा काम किया है. दरअसल, कोविड-19 के दौरान वर्क फ्रॉम होम की जरूरत के मद्देनजर लगभग हर कंपनी को साइबर सुरक्षा की जरूरत महसूस हुई और उन्होंने ज़ी स्केलर का रुख किया.

    फोर्ब्स की लिस्ट में दुनिया की 2000 बेहतरीन कंपनियों में से लगभग 400 कंपनियां ज़ी स्केलर की सेवाएं लेती हैं. इसमें सीमन्स (Siemens) और नेशनल हेल्थ सर्विस (UK) जैसी कंपनियां भी शामिल हैं. ज़ी स्केलर अपने ग्राहकों को दुनिया की सबसे सुरक्षित साइबर सिक्योरिटी देने का दावा करती है.

    Tags: Business empire, Corporate Kahaniyan, Success Story, Successful business leaders

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