Success Story : बिजनेस के आइडिया के लिए छोड़ दी डेंटिस्ट की जॉब, छोटे ब्रांडों की मददगार बनी कंपनी

मेड इन इंडिया की थीम इस साल कंपनी का लक्ष्य पूरे दो मिलियन से अधिक खरीदारों और 500 से अधिक विक्रेताओं को ऑनबोर्ड करना है. (फोटो क्रेडिट: युअर स्टोरी)

मेड इन इंडिया की थीम इस साल कंपनी का लक्ष्य पूरे दो मिलियन से अधिक खरीदारों और 500 से अधिक विक्रेताओं को ऑनबोर्ड करना है. (फोटो क्रेडिट: युअर स्टोरी)

पेशे से डेंटिस्ट शाइबा ने 2019 में बिजनेस के लिए अपनी नौकरी छोड़ दी थी. अपनी बहन के साथ ईकॉमर्स स्टार्टअप प्लेटफार्म मनेरा (Maneraa) शुरू किया और महज एक साल में ही दस हजार से ज्यादा ऑर्डर हासिल कर लिए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 10, 2021, 6:47 PM IST
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नई दिल्ली. पेशे से डेंटिस्ट शाइबा ने 2019 में बिजनेस के लिए अपनी नौकरी छोड़ दी थी. कुछ वक्त एक्सपीरियंस के लिए एथनिक (ethnic)  फैशन में काम करने वाले दुबई के ऑनलाइन एग्रीगेटर के साथ काम भी किया और फिर अपनी बहन शबाना सलाम के साथ शुरू कर दिया स्टार्टअप प्लेटफार्म मनेरा (Maneraa). महज एक साल में ही 9,000 से अधिक स्टॉक-कीपिंग यूनिट्स (SKU) के साथ 80 से अधिक सेलर्स बना लिए.

शाइबा और शबाना ने पिछले कुछ महीनों में कोच्चि, बेंगलुरु, पुणे, त्रिवेंद्रम, कालीकट और अन्य  शहरों में लगभग 10,000 ऑर्डर पूरे किए हैं. मेड इन इंडिया की थीम पर वर्ष 2021 में, कंपनी का लक्ष्य पूरे भारत में दो मिलियन से अधिक खरीदारों को पूरा करने के लिए 500 से अधिक विक्रेताओं को ऑनबोर्ड करना है. यूअर स्टोरी में प्रकाशित खबर में शबाना कहती हैं कि इंटरनेट और स्मार्टफोन का उपयोग अब मेट्रो शहरों से बाहर टीयर टू और थ्री शहरों में भी तेजी से बढ़ रहा है. इसलिए इन शहरों में मनेरा का फोकस है. हालांकि काम की शुरूआत में काफी दिक्कतें आई, खासकर फंड और नेटवर्क की. लेकिन दोस्तों और परिवार की मदद से धीरे-धीरे प्लेटफार्म को पहचान मिलनी शुरू हो गई.

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छोटे ब्रांडों को मार्केट प्लेस उपलबध कराने के विचार से शुरू हुआ स्टार्टअप
दोनों बहने स्टार्टअप शुरू करने से पहले भारत से कई छोटे ब्रांडों और खुदरा विक्रेताओं से मिली. इनके पास देश में ईकॉमर्स बूम के बावजूद बाजार में एक्सपोजर नहीं था. शबाना का दावा है कि 100 बिलियन डॉलर के भारतीय फैशन रिटेल स्पेस में 70 प्रतिशत असंगठित और अनब्रांडेड रिटेलर्स, छोटे ब्रांड और अनजान डिजाइनर शामिल हैं. उनके पास या तो कोई ऑनलाइन उपस्थिति नहीं है या बड़े प्लेटफार्मों पर बड़े नामों के बीच खो जाते हैं. लिहाजा, इन छोटे ब्रांडों और नवोदित डिजाइनरों के लिए एक प्लेटफॉर्म बनाने का विचार आया. हालांकि दोनों को पता था कि अमेजन और मिंत्रा के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए उन्नत टेक्नोलॉजी की जरूत है.

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टेक्नोलॉजी के लिए परिवार और दोस्तों से मिली मदद



टेक्नोलॉजी के दोनों बहनों ने शोध किया और परिवार और दोस्तों से बात की. आखिर में एक पारिवारिक मित्र, प्रिंस जोस ने टेक्नोलॉजी पार्टनर के रूप में हाथ मिलाया. इन्होंने प्लेटफॉर्म बनाने में मदद की. अब पुणे में अपने मुख्यालय और कोच्चि में एक कार्यालय के साथ, मनेरा में 15 लोगों की एक टीम है, जो एक ऐसे प्लेटफॉर्म के निर्माण की दिशा में काम कर रही है. Myntra, Nykaa Fashion, Limeroad, Amazon Fashion, और अन्य के बीच अपने ईकॉमर्स स्टार्टअप को स्थापित करने की चुनौती है.

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एक करोड़ रुपए का मिला सीड इन्वेस्टमेंट

दोनों बहनों ने अब तक 1 करोड़ रुपए के सीड इन्वेस्टमेंट के साथ स्टार्टअप को बूटस्ट्रैप किया है. हालांकि अब वे ऑपरेशंस को स्केल करने के लिए फंड की तलाश कर रहे हैं ताकि 2021 में नए प्रोजेक्ट शुरू किए जा सकें.
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