Success Story: तीन दोस्तों ने शुरू किया ये कारोबार, सालभर में बन गए 100 करोड़ के मालिक, आप भी जानें कैसे?

एक अच्छा बिजनेस आइडिया आपको करोड़पति बना सकता है.

एक अच्छा बिजनेस आइडिया आपको करोड़पति बना सकता है.

पैसा कमाना भला किसे पसंद नहीं है. बस इसके लिए सही समय पर सही निवेश जरूरी है. एक अच्छा बिजनेस आइडिया आपको करोड़पति (Crorepati Business Idea) बना सकता है. ऐसा ही हुआ नोएडा के तीन दोस्तों के साथ...

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नई दिल्ली. पैसा कमाना (Earning money) भला किसे पसंद नहीं है. बस इसके लिए सही समय पर सही निवेश जरूरी है. एक अच्छा बिजनेस आइडिया आपको करोड़पति (Crorepati Business Idea) बना सकता है. ऐसा ही हुआ नोएडा के तीन दोस्तों के साथ. ये तीन दोस्त हैं- टिकेन्द्र, प्रतीक और संदीप. साल 2014 तक तीनों अलग-अलग प्राइवेट कंपनी में काम करते थे. एक दिन अचानक बातचीत में एक आइडिया आया और उस आइडिया पर इन्होंने एक कंपनी खड़ी कर दी. आज इस कंपनी का सालाना टर्नओवर 100 करोड़ से ज्यादा है. तो आइए जानते हैं क्या है ये कारोबार और इनकी कहानी-

ऐसे हुआ सफर शुरू...

टिकेन्द्र और संदीप नोएडा स्थित टेक कंपनी सैमसंग में काम करते थे. वहीं, प्रतीक एक्सिकॉम में काम करते थे. प्रतीक और टिकेन्द्र रूममेट थे. एक दिन तीनों दिल्ली से बाहर घूमने निकले थे, तभी बीच रास्ते में फ्यूल खत्म हो गया. इन्हें रास्ते में करीब 10 किमी तक के आसपास एक भी फ्यूल स्टेशन नहीं मिला. उसी वक्त इन्होंने ऑनलाइन डीजल का कारोबार करने का ठाना और साल 2015 में पेपफ्यूल डॉट काॅम (startup Pepfuel.com) नाम से कंपनी शुरू कर दी.

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सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप

पेपफ्यूल डॉट काॅम (Pepfuel.com) सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप है. पेपफ्यूल्स का इंडियन ऑयल के साथ थर्ड पार्टी एग्रीमेंट है. यह डोर-टू-डोर डिलीवरी (online diesel delivery) के लिए है. इस ऐप पर ग्राहक ऑनलाइन या मैसेज के जरिए ऑर्डर कर सकते हैं.



जानें, कैसे शुरू किया कारोबार

स्टार्टअप के फाउंडर टिकेन्द्र ने News18 Hindi से बताया कि इस पर हमने काफी रिसर्च किया. घर-घर जाकर लोगों से बात की और ऑनलाइन फीडबैक लिया. फीडबैक में बता चला हर दूसरे आदमी ने यही कहा कि पेट्रोल-डीजल के लिए ऑनलाइन ऐप होना चाहिए. हालांकि, पेट्रोल-डीजल की ऑनलाइन डिलीवरी का कारोबार शुरू करना काफी रिस्की है. टिकेन्द्र बताते हैं कि 2016 तक देश में पेट्रोल डिलीवरी की परमिशन नहीं थी. हाल ही में सरकार ने इसकी इजाजत दी है. उस वक्त हमारे सामने सिर्फ डीजल डिलीवरी ही एकमात्र विकल्प था. हमने डीजल की डिलीवरी पर ही काम शुरू कर दिया.

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तेल कंपनियों से मिला सहयोग

कंपनी के एक अन्य फाउंडर संदीप बताते हैं, 'हमने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लि. (BPCL), पेट्रोलियम प्रोसेस इंजीनियरिंग सर्विस को. (PESCO) जैसी तेल कंपनियों को अपना-अपना सुझाव भेजा. साथ ही हमने अपने-अपने स्टार्टअप का आइडिया PMO को भी भेजा था. कुछ दिनों बाद ही हमें PMO से जवाब आ गया था. दूसरी, तरफ फरीदाबाद स्थित इंडियन ऑयल की तरफ से भी हमें हमारे कारोबार का डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट यानी DPR सौंपने को कहा गया.' वे कहते हैं, हमने अपने प्रोजेक्ट की DPR इंडियन ऑयल को भेजी. अप्रूवल मिलने के बाद हमने अपना कारोबार शुरू कर दिया.

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