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गन्ना किसानों को राहत देने के लिए मोदी सरकार ने लिया ये बड़ा फैसला!

भाषा
Updated: November 6, 2019, 12:28 PM IST
गन्ना किसानों को राहत देने के लिए मोदी सरकार ने लिया ये बड़ा फैसला!
चीनी मिलों को इथेनॉल उत्पादन के लिए हरित मंजूरी की आवश्यकता नहीं

केंद्र सरकार (Central Government) ने घोषित किया है कि 'बी' ग्रेड के भारी शीरे से अतिरिक्त इथेनॉल (Ethanol) का उत्पादन करने के लिए कोई अलग से पर्यावरणीय मंजूरी लेने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि इससे प्रदूषण नहीं बढ़ता है.

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नई दिल्ली. केंद्र ने मंगलवार को घोषणा की कि मिलों (Sugar Mills) को गन्ने के शीरे से अतिरिक्त इथेनॉल (Ethanol) का उत्पादन करने के लिए पर्यावरणीय मंजूरी (Environmental Clearance) की आवश्यकता नहीं होगी क्योंकि यह प्रदूषणकारी नहीं है. उसने कहा कि एक कदम से किसानों और नकदी-संकट से जूझ रहे चीनी मिलों को फायदा हो सकता है. किसान को चीनी मिलों से, गन्ना बकाए का भुगतान न किये जाने के कारण गंभीर शिकायत रही है.

किसानों का चीनी मिलों पर 20 हजार करोड़ का बकाया
चीनी मिल मालिकों का कहना है कि चीनी के अत्यधिक उत्पादन और कीमत में गिरावट के कारण, उन्हें भी अपना बकाया नहीं मिल पा रहा है. जून 2019 तक, देश भर के किसानों का चीनी मिलों पर लगभग 20,000 करोड़ रुपये का बकाया है. अतिरिक्त इथेनॉल के उत्पादन को आसान करने से किसानों के बकाए की समस्य कम करने में मदद मिल सकती है.

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पर्यावरण मंजूरी की आवश्यकता नहीं
केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने ट्वीट किया, किसानों और चीनी उद्योग के फायदे के लिए एक और बड़े फैसले के तहत, केंद्र सरकार ने घोषित किया है कि 'बी' ग्रेड के भारी शीरे से अतिरिक्त इथेनॉल का उत्पादन करने के लिए कोई अलग से पर्यावरणीय मंजूरी लेने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि इससे प्रदूषण नहीं बढ़ता है. वर्ष 2006 की ईआईए अधिसूचना- सभी नई परियोजनाओं, उनके विस्तार और आधुनिकीकरण के साथ-साथ उत्पाद मिश्रण में बदलाव करने के लिए, मंजूरी लेने को अनिवार्य बनाता है.

क्या है इथेनॉल?
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इथेनॉल एक इको फ्रेंडली ईंधन है जिसका निर्माण गन्ने के रस से किया जाता है. इथेनॉल का निर्माण चीनी मिलों में किया जाता है. यह नॉन-टॉक्सिक, बायोडिग्रेडेबल साथ ही संभालने में आसान, स्टोर और ट्रांसपोर्ट के लिए सुरक्षित है. यह एक ऑक्सीजनयुक्त ईंधन है जिसमें 35 फीसदी ऑक्सीजन होती है. इथेनॉल के इस्तेमाल से नाइट्रोजन ऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आती है.

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सरकार ने बढ़ाए इथेनॉल के दाम
सरकार ने सितंबर महीन में इथेनॉल की कीमतों में बढ़ोतरी की थी. सरकार ने पेट्रोल में मिलाने के लिये खरीदे जाने वाले गन्ने से बने इथेनॉल के दाम में 1.84 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि की घोषणा की. सरकार ने कहा है कि एथेनॉल के बढ़े हुए दाम आने वाले चीनी सत्र 2019-20 के लिए होंगे. ये दाम एक दिसंबर 2019 से 30 नवंबर 2020 तक लागू रहेंगे.

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First published: November 6, 2019, 12:26 PM IST
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