मुश्किल में गन्ना किसान, चीनी मिलों पर बकाया फरवरी तक 22,900 करोड़ रुपये तक पहुंचा

गन्ना (सांकेतिक फोटो)

गन्ना (सांकेतिक फोटो)

इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन यानी इस्मा (ISMA) का कहना है कि चीनी के कमजोर दाम के कारण चीनी मिलों की नकदी की स्थिति प्रभावित हुई है.

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नई दिल्ली. गन्ना सत्र 2020- 21 में फरवरी तक चीनी मिलों पर गन्ने का बकाया (Sugarcane Arrears) एक साल पहले के मुकाबले 19.27 फीसदी बढ़कर 22,900 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन यानी इस्मा (Indian Sugar Mills Association) ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी. उसका कहना है कि चीनी के कमजोर दाम के कारण चीनी मिलों की नकदी की स्थिति प्रभावित हुई है.

चीनी मिलों की राजस्व प्राप्ति में सुधार लाना जरूरी

इस्मा (ISMA) ने कहा कि उसे उम्मीद है कि सरकार चीनी मिलों की स्थिति में सुधार के लिए चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य को मौजूदा स्तर से बढ़ाएगी. इस्मा ने एक बयान में कहा है कि चीनी मिलों की राजस्व प्राप्ति में सुधार लाना जरूरी है अन्यथा यदि मौजूदा स्थिति और खराब होती है तो किसानों के गन्ने का बकाया तेजी से बढ़ेगा.

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गन्ने का बकाया एक साल पहले के मुकाबले ज्यादा

इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन ने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुय कहा कि इस साल गन्ने का बकाया एक साल पहले के मुकाबले ज्यादा है. एक साल पहले इसी अवधि में यह 19,200 करोड़ रुपये था.
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