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आम्रपाली मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, NBCC को मिलेंगे 7.16 करोड़

आम्रपाली मामले में SC का बड़ा फैसला, NBCC को मिलेंगे 7 करोड़

आम्रपाली मामले में SC का बड़ा फैसला, NBCC को मिलेंगे 7 करोड़

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने घर खरीदारों की याचिका पर आम्रपाली के अटके प्रोजेक्ट्स पूरा करने के लिए एनबीसीसी (NBCC) को 7.16 करोड़ रुपये देने का आदेश दिया है.

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    सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सोमवार को आम्रपाली ग्रुप (Amrapali Group) के मामले में अहम आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने घर खरीदारों की याचिका पर आम्रपाली के अटके प्रोजेक्ट्स पूरा करने के लिए नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NBCC) को 7.16 करोड़ रुपये देने का आदेश दिया है. इतना ही नहीं आम्रपाली के डायरेक्टर्स और ऑडिटर्स से मकान खरीददारों के 3 हजार करोड़ कैसे वसूले जाएंगे इसकी भी प्लानिंग की गई है.

    बेंच ने सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री को आदेश दिया कि वह NBCC को फंड दे ताकि अधर में लटके हुए फ्लैट्स का काम हो सके. फिलहाल बेंच ने 7.16 करोड़ रुपये देने को कहा है. यह पैसा आम्रपाली ग्रुप ने ही सुप्रीम कोर्ट के पास जमा किया था. जिन दो प्रॉजेक्ट्स के लिए यह पैसा दिया जाएगा वह नोएडा और ग्रेटर नोएडा में हैं.

    सोमवार को मामले की सुनवाई हुई. इसमें जस्टिस अरुण मिश्रा और यू यू ललित की बेंच ने सुनवाई की. उन्होंने फरेंसिक ऑडिटर्स को आदेश दिया है कि रिपोर्ट को प्रवर्तन निदेशालय, दिल्ली पुलिस और इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट इन इंडिया को भेजा जाए.

    निगरानी के बनाएं एक कमेटी
    सुप्रीम कोर्ट नोएडा और ग्रेटर नोएडा ऑथोरिटी को प्रोजेक्ट पूरा करने की निगरानी के लिए एक कमेटी बनाने के लिए कहा है. 11 सितबंर को मामले की अगली सुनवाई होगी. सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण घर खरीदारों को निर्माण कार्य पूरा होने का प्रमाण पत्र (कंप्लीशन सर्टिफिकेट) देने के लिए नोडल सेल बनाएं.

    6 महीने में 11 हजार से ज्यादा लोगों को मिल जाएंगे फ्लैट
    आम्रपाली के 11,403 फ्लैट बायर्स को अगले 6 महीने में घर मिल सकते हैं. नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनबीसीसी) ने कोर्ट के आदेश के बाद आम्रपाली के प्रोजेक्ट को 3 कैटेगरी में बांटा है. ए कैटेगरी की अधिकतर परियोजनाएं नोएडा की हैं. इनमें लिफ्ट, एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट), पुताई, लीकेज, फायर फाइटिंग सिस्टम आदि का काम ही बाकी है. बी कैटिगरी में 32,384 फ्लैट्स आएंगे. यहां काफी काम अधूरा है. यहां औपचारिकताएं पूरी करने में ही करीब 2 महीने लग जाएंगे. ये भी पढ़ें: ऑनलाइन पैसों का लेनदेन करने वालों के लिए बड़ी खबर, आज से बदल गया यह नियम



    2003 में हुई थी ग्रुप की शुरुआत
    आम्रपाली ग्रुप की शुरुआत 2003 में हुआ थी. जब कंपनी नोएडा में 140 फ्लैट्स की हाउसिंग स्कीम लाई थी. आईआईटी खड़गपुर से पढ़े अनिल शर्मा ने आम्रपाली को सिर्फ 10 सालों में बड़ा नाम बना दिया था. इतने वक्त में कंपनी के साथ-साथ उनका कद भी बढ़ा. रियल एस्टेट कंपनियों का शीर्ष संगठन रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) के वह अध्यक्ष बन चुके थे. महेंद्र सिंह धोनी जैसा स्टार क्रिकेटर उनका ब्रैंड ऐंबैसडर था. उस वक्त आम्रपाली ग्रुप अपना कारोबार एनसीआर के साथ-साथ भिलाई, लखनऊ, बरैली, वृन्दावन, मुजफ्फरपुर, जयपुर, रायपुर, कोच्चि और इंदौर तक में फैला रहा था.

    चेक हुए बाउंस से खुला राज
    2014-15 के आसपास आम्रपाली का बुरा वक्त शुरू हुआ. उसके दिए चेक्स बाउंस होने लगे. इसके बाद होमबायर्स के प्रदर्शन शुरू हुए और लोगों ने जानना चाहा कि आखिर उनका दिया पैसा कहां गया. इसके चलते 2016 में धोनी भी कंपनी से अलग हो गए और उन्होंने कंपनी पर केस भी किया. फिलहाल आम्रपाली और होमबायर्स का केस फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में है और अनिल शर्मा की सारी प्रॉपर्टी जब्त है. लेकिन उसे कोई खरीददार नहीं मिल रहा क्योंकि बैंक किसी को इन्हें खरीदने देने के लिए लोन नहीं दे रहे.

     

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