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खारिज हुई टेलीकॉम कंपनियों की पुनर्विचार याचिका, 7 दिन में चुकाने होंगे ₹1.47 लाख करोड़

News18Hindi
Updated: January 16, 2020, 8:25 PM IST
खारिज हुई टेलीकॉम कंपनियों की पुनर्विचार याचिका, 7 दिन में चुकाने होंगे ₹1.47 लाख करोड़
टेलिकॉम कंपनियों की पुनर्विचार याचिका खारिज

सुप्रीम कोर्ट (SC) ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान टेलीकॉम कंपनियों की पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है. इस फैसले के साथ ही अब इन कंपनियों को 92 हजार करोड़ रुपये जमा करने होंगे.

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  • Last Updated: January 16, 2020, 8:25 PM IST
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नई दिल्ली. देश की टेलीकॉम कंपनियों (Telecom Companies) को आज एक बार​​ फिर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से बड़ा झटका लगा है. Adjusted Gross Revenue (AGR) के मुद्दे पर टेलीकॉम कंपनियों की पुनर्विचार याचिका (Review Petition) खारिज कर दी गई है. पेनल्टी पर लगने वाले ब्याज से राहत के लिए दायर की गई पुनर्विचार याचिका को खारिज करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि टेलीकॉम कंपनियों को क्यूरेटिव याचिका दायर करने की छूट है.

हालांकि, अगर ये कंपनियां क्यूरेटिव पीटिशन के विकल्प को नहीं चुनती हैं तो उन्हें केंद्र को 1.47 लाख करोड़ रुपये चुकाने होंगे. कोर्ट के फैसले के मुताबिक, 23 जनवरी तक टेलीकॉम कंपनियों को बकाया चुकाना होगा. दरअसल, AGR के मुद्दे पर टेलीकॉम कंपनियों ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी.

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पुनर्विचार याचिका दाखिल करने वाली कंपनियों में भारती एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया और टाटा टेली सर्विसेज शामिल हैं. इन कंपनियों ने याचिका में पेनल्टी व ब्याज और पेनल्टी पर लगाए जाने वाले ब्याज पर छूट का अनुरोध किया था. टेलीकॉम कंपनियों ने लगाए गए जुर्माने की राशि को चुनौती दी.यह भी पढ़ें: 16 मार्च से बदलेंगे SBI के ATM कार्ड से पैसे निकालने के नियम, फटाफट जानें

लाइसेंस फीस के तौर पर 92 हजार करोड़ रुपये बकाया
टेलिकॉम मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने बीते नवंबर माह में संसद को जानकारी दिया था कि भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया व अन्य कंपनियों का सरकार पर 1.47 लाख करोड़ रुपये बकाया है. लोकसभा में एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने बताया था कि इन कंपनियों ने लाइसेंस फीस के तौर पर 92,642 करोड़ रुपये बकाया है. इसके अलावा स्पेक्ट्रम इस्तेमाल करने का चार्ज 55,054 करोड़ रुपये भी बकाया है.

किन कंपनियों पर कितना बकाया
इसके पहले सुप्रीम कोर्ट में एक अन्य एफिडेविट के टेलिकॉम विभाग ने कहा था कि एयरटेल का लाइसेंस फीस के तौर पर 21,682.13 रुपये बकाया है. वोडाफोन का यह बकाया 19,823.71 करोड़ रुपये, रिलायंस कम्युनिकेशंस का 16,456.47 करोड़ रुपये, बीएसएनएल का 2,098.72 करोड़ रुपये और एमटीएनएल का 2,537.48 करोड़ रुपये है.

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First published: January 16, 2020, 5:37 PM IST
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