ई-कॉमर्स कंपनियों को बेचते वक्त बताना होगा कहां बना है प्रोडक्ट! इस पर SC ने सरकार से मांगा जवाब

ई-कॉमर्स कंपनियों को बेचते वक्त बताना होगा कहां बना है प्रोडक्ट! इस पर SC ने सरकार से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट

एक जनहित याचिका में मांग की गई है कि ई कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर जो भी समान बेचे जाते है उन पर ये लिखा होना चाहिए कि वह किस देश का बना है. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से इस पर जवाब मांगा है.

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नई दिल्ली.ऑनलाइन कंपनियों (E Commerce Companies) को ये बताना होगा कि जो सामान वह बेच रहे है वो किस देश का बना है. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court of India) ने केंद्र सरकार (Government of India) से पूछा कि क्या इसके लिए कानून में बदलाव किया जा सकता है.दरअसल एक जनहित याचिका में मांग की गई है कि ई कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर जो भी समान बेचे जाते है उन पर ये लिखा होना चाहिए कि वह किस देश का बना है. उसका निर्माता देश कौन है. इससे खरीददार ये सोचेंगे की उन्हें किस देश का सामान खरीदना है और किस देश का नहीं. कस्टमर को हर सामान की पूरी जानकारी मिलनी चाहिए. इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

हालांकि ऑनलाइन मिलने वाले ज़्यादातर समान पर लिखा होता है कि वह कहां बना है. लेकिन मौजूदा कानून के मुताबिक ऐसा करना ज़रूरी नहीं है. इसलिए याचिकाकर्ता ने मांग की है कि कानून में बदलाव कर इसे ज़रूरी बनाया जाए. हाल के दिनों में ये बहस शुरू हुई थी कि भारत में लोगों को चीन का सामान नहीं खरीदना चाहिए.

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आपको बता दें कि हाल में DPIIT ने ई-कॉमर्स कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर बैठक की थी. इस बैठक में ई-कॉमर्स कंपनियों से प्रॉडक्ट कहां बना (country of origin) है. इसकी जानकारी देने पर चर्चा हुई. DPIIT चाहता है कि इसे हर हाल में इस महीने के अंत तक लागू कर दिया जाए. ऐमजॉन और फ्लिपकार्ट ने इस बदलाव को लेकर बैक-इंड पर तैयारी शुरू कर दी है.
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