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आम्रपाली मामला: सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी, घर खरीदारों के पैसे वापस करो नहीं तो जेल जाओ

News18Hindi
Updated: October 15, 2019, 12:58 PM IST
आम्रपाली मामला: सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी, घर खरीदारों के पैसे वापस करो नहीं तो जेल जाओ
आम्रपाली ग्रुप को सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी

सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी कंपनी मेटल स्क्रैप ट्रेड कॉर्पोरेशन (MSTC) को आम्रपाली समूह की कंपनियों और उनके निदेशकों की कुर्क संपत्तियों की नीलामी करने का आदेश दिया है.

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  • Last Updated: October 15, 2019, 12:58 PM IST
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नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने आम्रपाली (Amrapali Group) मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि घर खरीदारों (Home Buyers) के पैसे को डायवर्ट किए जाने से जिन लोगों को इसका फायदा हुआ है, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. कोर्ट ने कहा कि वह ऐसे लोगों से एक-एक कर डील करेंगे और अगर उन्होंने घर खरीदारों के पैसे वापस नहीं किए तो उन्हें जेल भेज दिया जाएगा.

जब्त संपत्ति की नीलामी का आदेश
इसके साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी कंपनी मेटल स्क्रैप ट्रेड कॉर्पोरेशन (MSTC) को आम्रपाली समूह की कंपनियों और उनके निदेशकों की कुर्क संपत्तियों की नीलामी करने का आदेश दिया है. MSTC से कहा गया है कि संपत्तियों की नीलामी से प्राप्त राशि को शीर्ष अदालत की रजिस्ट्री में जमा किया जाए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कुर्क संपत्तियों की नीलामी से मिलने वाली राशि से बंद पड़ी आम्रपाली समूह की अटकी पड़ी आवासीय परियोजनाओं को जल्द पूरा करने में मदद मिलेगी. इससे परियोजनाओं में घर खरीदारों के विश्वास को बहाल किया जा सकेगा.

जस्टिस अरुण मिश्रा और यू यू ललित की पीठ ने कहा कि कोर्ट ने जुलाई में एक महीने के अंदर सभी लाभार्थियों को पैसे जमा करने को कहा था. इस आदेश को नहीं मानने पर कोर्ट ने कहा कि उनके पास जेल उनको भेजने के अलावा कोई विकल्प नहीं है.

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5619.47 करोड़ रुपये किए डायवर्ट
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, शीर्ष कोर्ट ने कहा कि जांच में पाया गया है कि घर खरीदारों के कुल 5,619.47 करोड़ रुपये अन्य कंपनियों में डायवर्ट किए गए हैं. इनमें 100.53 करोड़ रुपये डायरेक्टर के प्रोफेशनल फीस का भुगतान किया गया. 842.42 करोड़ रुपये फर्जी बिल का भुगतान हुआ. फ्लैट्स के अंडर-वैल्यू पर 321.21 करोड़ रुपये और कंपनी द्वारा बिना बेचे गए फ्लैट के विरुद्ध ब्रोकरेज दिया गया है. वहीं संबंधित कंपनियों में पैसे जमा किए गए. कोर्ट ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया का मजाक बनाने की कोशिश न की जाए और पैसे जमा किए जाएं.
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167 करोड़ रुपये 6 हफ्ते के भीतर जमा करने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने सुरेखा ग्रुप से कहा है कि वह 167 करोड़ रुपये 6 हफ्ते के भीतर जमा करें. अदालत ने आम्रपाली डायरेक्टरों की उस दलील को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि म्यूचुअल फंड में उनके 13 करोड़ रुपये खुद के हैं, ये आम्रपाली का फंड नहीं है. कोर्ट ने कहा कि आप पैसे जमा कराएं. अगर नहीं तो हम कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट की कार्रवाई करेंगे और सीधे जेल भेजेंगे और तब तक आप जेल में रहेंगे, जब तक आदेश का पालन नहीं होता. सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई के आदेश का पूरी तरह से पालन नहीं किए जाने पर सख्त नाराजगी जताई.

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शीर्ष कोर्ट ने ओडिशा राज्य आवास बोर्ड से भी कहा है कि वह 34 करोड़ रुपये उसकी रजिस्ट्री में जमा करा दे. यह राशि आम्रपाली समूह ने एक आवासीय परियोजना को विकसित करने के लिए बोर्ड के पास जमा कराई थी. इसी प्रकार सुप्रीम कोर्ट ने रायपुर विकास प्राधिकरण से भी कहा है कि वह भी 19 करोड़ रुपये शीर्ष अदालत की रजिस्ट्री में जमा कराए. इसके साथ ही कोर्ट ने आम्रपाली ग्रुप को दिए जमीन की नीलामी के लिए बोली बिडिंग प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया.

रिपोर्ट के मुताबिक, NBCC को नोएडा और ग्रेटर नोएडा के 19 प्रोजेक्ट के 46,575 फ्लैट्स का कंस्ट्रक्शन पूरा करने जिम्मेदारी दी गई है. एनबीसीसी ने कहा था कि 46575 फ्लैट बनाने में 8500 करोड़ खर्च होगा. अगली सुनवाई 2 दिसंबर को होगी.

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First published: October 15, 2019, 12:42 PM IST
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