लाइव टीवी

यूनिटेक फ्लैट खरीदारों को सुप्रीम कोर्ट से राहत, कंपनी को टेकओवर करने की मंजूरी

News18Hindi
Updated: January 20, 2020, 5:28 PM IST
यूनिटेक फ्लैट खरीदारों को सुप्रीम कोर्ट से राहत, कंपनी को टेकओवर करने की मंजूरी
यूनिटेक रियल एस्टेट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को यूनिटेक मामले में सरकार को टेकओवर करने की मंजूरी दे दी है. कोर्ट ने साथ में यह भी कहा है कि आईएएस अधिकारी युद्धवीर सिंह मलिक को सीएमटी नियुक्त किया जाए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 20, 2020, 5:28 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. यूनिटेक रियल एस्टेट मामले में आज सुप्रीम कोर्ट ने यूनियन ऑफ इंडिया द्वारा मैनेजमेंट टेकओवर को मंजूरी दे दी है. साथ ही, पूर्व आईएएस अधिकारी युद्धवीर सिंह मलिक को कंपनी का सीएमडी नियुक्त करने का भी आदेश दिया है. सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने ये मंजूरी दी. सुप्रीम कोर्ट ने यूनिटेक के लिए 7 सदस्यों का नया बोर्ड बनाया है. कोर्ट अब नई व्यवस्था को मौका देते हुए यूनिटेक बायर्स मामले में 2 महीने तक सुनवाई नहीं करेगा.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश में कहा गया है कि मौजूदा प्रोजेक्ट्स को नया बोर्ड नहीं रोक सकता है. हालांकि, नया बोर्ड सभी पुराने प्रोजेक्ट्स की जांच कर सकता है. साथ ही वर्तमान स्थिति में किसी पुराने प्रमोटर्स को नॉमिनी निदेशक के तौर पर नहीं नियुक्त किया जा सकता है. सर्वोच्च अदालत ने ये भी साफ कर दिया कि नई व्यवस्था प्रोजेक्ट पूरे करने के लिए रफ्तार बढ़ाने की मंशा से की गई है. लेकिन यूनिटेक के खिलाफ चल रही जांच बंद नहीं होगी. वो पहले की तरह जारी रहेगी, बल्कि उसमें भी तेजी लाई जाएगी.

यह भी पढ़ें: 7 साल पहले शुरू किया ये खास बिजनेस, अब हर महीने हो रही लाखों में कमाई

क्‍या है पूरा मामलाबीते 18 दिसंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा था कि क्या वह 2017 के अपने प्रस्ताव पर विचार करने के लिए तैयार है. कोर्ट ने कहा था कि भारी कर्ज के बोझ में डूबी यूनिटेक लिमिटेड के प्रोजेक्ट्स को किसी विशिष्ट एजेंसी द्वारा अपने हाथ में लेने की तत्काल रूप से जरूरत है. कोर्ट ने कारण बताया था कि ऐसा करने से घर खरीदारों के हित में अटके प्रोजेक्ट्स को तय समय के अंदर पूरा किया जा सकेगा. कोर्ट के इसी सवाल पर केंद्र सरकार ने अपने जवाब में पुराने प्रस्ताव पर विचार करने की सहमति जताई थी. सरकार ने यह भी कहा था कि वह कंपनी की अटके प्रोजेक्ट्स को पूराने करने के लिए इसमें पैसे नहीं लगाएगी.

यह भी पढ़ें: UIDAI ने शुरू की नई सर्विस! Aadhaar Card खोने पर नहीं है कही जाने की जरूरत

फॉरेंसिक रिपोर्ट में गड़बड़झाले के बारे में मिली जानकरी
यूनिटेक की फॉरेंसिक ऑडिटर रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2006 से 2014 के बीच 29,800 घर खरीदारों से करीब 14,270 करोड़ रुपये और अपने 6 वित्तीय संस्थानों से करीब 1,805 करोड़ रुपये जुटाने का पता चला है. इस रकम में से 5,800 करोड़ रुपये से अधिक का इस्तेमाल नहीं किया गया.

कंपनी के प्रमोटर्स जेल में बंद हैं
2007 से 2010 के दौरान कंपनी द्वारा टैक्स चोरी के लिहाज से पनाहगाह माने जाने वाले देशों में बड़े निवेश के बारे में भी पता चला था. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने यूनिटेक लिमिटेड के प्रमोटर्स के खिलाफ प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत मामला दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया था. यूनिटेक के प्रमोटर संजय चंद्रा और उनके भाई अजय चंद्रा घर खरीदारों से प्राप्त धन की हेरा-फेरी के आरोप में फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद हैं.

यह भी पढ़ें: आम लोगों को झटका! इस साल से महंगा हो सकता है फ़ोन पर बात करना, जानें वजह

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 20, 2020, 4:45 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर