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स्टील किंग लक्ष्मी मित्तल का सपना होगा पूरा! एस्सार स्टील को खरीदने का रास्ता हुआ साफ

News18Hindi
Updated: November 15, 2019, 12:22 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने लक्ष्मी मित्तल के एस्सार स्टील को खरीदने की बोली को भी मंजूरी दे दी है. उद्योगपति लक्ष्मी निवास मित्तल (LN Mittal) के स्वामित्व वाली कंपनी साल 2017 से एस्सार स्टील (Essar Steel) को खरीदने के प्रयासों में लगी है.

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  • Last Updated: November 15, 2019, 12:22 PM IST
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नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने एस्सार स्टील (Essar Steel Case) मामले में अपना फैसला सुना दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने NCLAT के फैसले को खारिज कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि CoC (Committee of Creditors) के फैसले में NCLAT दखल नहीं दे सकता. सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि CoC फैसले में सभी के हितों का ध्यान रखें. साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने लक्ष्मी मित्तल के एस्सार स्टील को खरीदने की बोली को भी मंजूरी दे दी है. उद्योगपति लक्ष्मी निवास मित्तल (LN Mittal) के स्वामित्व वाली कंपनी साल 2017 से एस्सार स्टील (Essar Steel) को खरीदने के प्रयासों में लगी है.

सरकारी बैंकों के शेयरों में आया में बड़ा उछाल- सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सरकारी बैंकों के शेयरों में तेजी देखने को मिली है. कॉर्पोरेशन बैंक का शेयर 11 फीसदी, सेंट्रल बैंक का शेयर 10 फीसदी, SBI का शेयर 5 फीसदी, PNB का शेयर 3 फीसदी की तेजी आई है.

क्या है सुप्रीम कोर्ट का फैसला- सुप्रीम कोर्ट ने दिवालिया हो चुकी है कंपनी एस्सार स्टील के रेजोल्यूशन मामले में एनसीएलएटी का फैसला शुक्रवार को खारिज कर दिया. नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) ने 5 जुलाई को आदेश दिया था कि एस्सार स्टील के ऑपरेशनल क्रेडिटर्स को फाइनेंशियल क्रेडिटर्स के बराबर मानते हुए भुगतान किया जाए.

इस लिस्ट में देखिए किस बैंक का कितना Essar Steel पर बकाया है


एस्सार स्टील की कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फाइनेंशियल क्रेडिटर्स प्रमुख होते हैं, न्याय प्राधिकरण कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स के फैसले में दखल नहीं दे सकता.सुप्रीम कोर्ट ने इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (आईबीसी) के तहत रेजोल्यूशन के लिए 330 दिन की समयसीमा से भी छूट दे दी.

एस्सार स्टील को खरीदने का रास्ता हुआ साफ- सुप्रीम कोर्ट ने एस्सार स्टील के अधिग्रहण के लिए आर्सेलरमित्तल की 42,000 करोड़ रुपए की बोली को भी मंजूरी दे दी. दिवालिया प्रक्रिया के तहत एस्सार स्टील को खरीदने के लिए आर्सेलरमित्तल की बोली मंजूर हुई थी, लेकिन अलग-अलग आपत्तियों की वजह से अधिग्रहण अटका हुआ था.

अब क्या होगा- इस पर जानकारों का कहना है कि ये फैसला बैकों के हित में आया है. इस फैसले के बाद SBI को 10,239 करोड़ रुपये मिलेंगे जबकि IDBI Bank को 4712 करोड़ रुपये मिलेंगे.
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>> वहीं Canara Bank को 3639 करोड़ रुपये, PNB को 2860 करोड़ रुपये और ICICI BANK को 2347 करोड़ रुपये मिल सकते हैं.

>> सुप्रीम कोर्ट ने दिवालिया हो चुकी कंपनियों के मामले को 330 दिनों में निपटाने को लेकर भी राहत देने के लिए कहा है.

>> आपको बता दें कि राष्ट्रीय कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की अहमदाबाद पीठ ने कर्ज नहीं चुका पाने के कारण दिवालिया घोषित हो चुकी स्टील कंपनी एस्सार स्टील के अधिग्रहण संबंधी आर्सेलर मित्तल समूह के 42000 करोड़ रुपए के प्रस्ताव और संबंधित योजना को मंजूरी दे दी थी.

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क्या है मामला- बैंकरप्सी कोर्ट ने आर्सेलर और उसके पार्टनर्स निप्पॉन स्टील कॉर्प को कंपनी के लिए लेंडर्स को 6 अरब डॉलर का अग्रिम भुगतान और 1.1 अरब डॉलर के निवेश की मंजूरी दे दी थी.

>> एस्सार स्टील की बिक्री की निगरानी कर रहे बैंकरप्सी कोर्ट ने लेंडर्स के पैनल से स्टैंडर्ड चार्टर्ड की ज्यादा पेमेंट की मांग पर विचार करने के लिए कहा था.

>> स्टैंडर्ड चार्टर्ड ने कहा था कि आर्सेलर के कर्ज़दारों को पैसे चुकाने के प्लान के बाद उसके 3,500 करोड़ रुपए के कर्ज में से अधिकांश बकाया रह जाएगा.

>> इसीलिए कर्ज़ देने वाले बैंकों का पैनल अपने पिछले फैसले पर अड़ा हुआ था और स्टेट बैंक ने सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले को चुनौती दी थी.

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First published: November 15, 2019, 11:42 AM IST
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